शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव, सेंसेक्स ऊपरी-स्तर से 750 अंक गिरा

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नई दिल्ली, 22 जनवरी 2026 । भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जहां कारोबार के दौरान मजबूत शुरुआत के बाद सेंसेक्स अपने ऊपरी स्तर से करीब 750 अंक फिसल गया। शुरुआती सत्र में सकारात्मक वैश्विक संकेतों और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी के दम पर बाजार ने तेजी दिखाई, लेकिन दोपहर के बाद मुनाफावसूली और चुनिंदा सेक्टर्स में बिकवाली के चलते बाजार दबाव में आ गया। इस गिरावट से निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बन गया।

शेयर बाजार में आज यानी 22 जनवरी (गुरुवार) को उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। बाजार ने सुबह अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन दिन के कारोबार के दौरान ऊपरी स्तरों से मुनाफावसूली हावी हो गई। सेंसेक्स अपने दिन के हाई से करीब 750 अंक नीचे आ गया। वहीं निफ्टी भी 25,250 के स्तर के नीचे कारोबार कर रहा है। शुरुआती तेजी के बाद बिकवाली के दबाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

सुबह के सत्र में ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों के चलते बाजार बढ़त के साथ खुला था। एक समय सेंसेक्स 82,783 के दिन के हाई पर पहुंच गया था, लेकिन दोपहर होते-होते बैंकिंग और आईटी शेयरों में बिकवाली शुरू हो गई। इससे बाजार अपनी शुरुआती बढ़त गंवा बैठा। निफ्टी भी 25,435 का डे हाई छूने के बाद वापस 25,250 के करीब आ गया।

सेक्टोरल स्तर पर बैंकिंग, आईटी और मेटल शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चुनिंदा एफएमसीजी और फार्मा शेयरों ने कुछ हद तक बाजार को संभालने की कोशिश की। हालांकि, व्यापक बाजार में भी दबाव बना रहा और मिडकैप व स्मॉलकैप शेयरों में सीमित कमजोरी देखने को मिली। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्तरों पर वैल्यूएशन को लेकर चिंता और आगामी आर्थिक संकेतों को लेकर सतर्कता निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार की यह चाल बताती है कि निकट भविष्य में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है। वैश्विक बाजारों की दिशा, कच्चे तेल की कीमतें, ब्याज दरों से जुड़े संकेत और संस्थागत निवेशकों की गतिविधियां आगे की चाल तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी। ऐसे माहौल में निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए लॉन्ग टर्म रणनीति और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर फोकस करने की सलाह दी जा रही है।

कुल मिलाकर, सेंसेक्स का ऊपरी स्तर से 750 अंक फिसलना बाजार में मौजूद अनिश्चितता और मुनाफावसूली के दबाव को दर्शाता है। आने वाले सत्रों में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगी।

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