एनडीएमसी बजट में संपत्ति कर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है – केशव चंद्रा

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  • स्कूलों में एआई शिक्षा को आगे बढ़ाया जायेगा – कुलजीत सिंह चहल

नई दिल्ली, 7 जनवरी 26। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 के विज़न के अंतर्गत एनडीएमसी द्वारा पालिका केंद्र, नई दिल्ली में आयोजित विशेष परिषद बैठक में “एनडीएमसी बजट 2026–27” की प्रस्तुति की गई। इस बैठक की अध्यक्षता दिल्ली सरकार के मंत्री एवं नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रवेश वर्मा ने की। बैठक में नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज, एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल, परिषद के अन्य सदस्य अनिल वाल्मीकि, सरिता तोमर, दिनेश प्रताप सिंह—और एनडीएमसी के सचिव/वित्तीय सलाहकार राकेश कुमार उपस्थित रहे।

एनडीएमसी बजट 2026–27 को विशेष परिषद बैठक में एनडीएमसी के अध्यक्ष केशव चंद्रा द्वारा प्रस्तुत किया गया।

दिल्ली सरकार के मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि नई दिल्ली नगरपालिका परिषद देश की राजधानी का केंद्र है, इसलिए यहां विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संतुलन बनाना जरूरी है, ताकि नागरिकों, व्यापारियों और आगंतुकों की जरूरतें पूरी हो सकें।
नई दिल्ली की सांसद बांसुरी स्वराज ने कहा कि एनडीएमसी “विजन @2047” के अनुरूप शहरी ढांचे को आधुनिक बना रही है, ताकि नई दिल्ली एक टिकाऊ, मजबूत और भविष्य के लिए तैयार शहर बन सके।

एनडीएमसी के अध्यक्ष केशव चंद्रा ने कहा कि यह बजट नई दिल्ली को ऐसा शहर बनाने की हमारी प्रतिबद्धता दिखाता है, जो अपनी समृद्ध विरासत को संभालते हुए नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और सबको साथ लेकर विकास करे, और यह “विकास भी विरासत भी” की सोच पर आधारित है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों से प्रेरित है।
एनडीएमसी के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि एनडीएमसी को स्थिरता और आत्मनिर्भरता के मामले में भारत की सबसे प्रगतिशील नगरपालिका में बदला जा रहा है। हम नई दिल्ली को आधुनिकता, पर्यावरण संतुलन और नागरिक जिम्मेदारी का उदाहरण बनाएंगे, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा तय किया गया लक्ष्य है।
बजट प्रस्तुति के बाद उपाध्यक्ष चहल ने विकसित भारत @2047 के सिद्धांतों पर आधारित बजट तैयार करने के लिए एनडीएमसी की पूरी टीम को बधाई दी।


बजट की मुख्य बातें बताते हुए एनडीएमसी अध्यक्ष केशव चंद्रा और उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने कहा कि नई सोच और नई तकनीक को बढ़ावा देने के लिए “इननोवेशन फंड” बनाया गया है, जो भारत सरकार के विज़न के अनुरूप है।
कुलजीत सिंह चहल ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में एनडीएमसी के पास 300 एआई-प्रशिक्षित छात्र हैं। उन्होंने कहा कि “एआई में आकांक्षी भारत” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वह सोच है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को देश के विकास से जोड़कर डबल एआई इंजन के रूप में उपयोग किया जा रहा है। होमी लैब के सहयोग से एआई की बुनियादी जानकारी, 15 से अधिक एआई टूल्स और उनके सही उपयोग पर प्रायोगिक (हैंड्स-ऑन) प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि छात्र भविष्य के लिए तैयार हो सकें। उन्होंने आगे बताया कि 2026 में “एआई फॉर ऑल” कार्यक्रम को कक्षा 7 से 12 तक बढ़ाया जाएगा।
नवयुग स्कूल, पंडारा रोड को सिटी मॉडल स्कूल बनाया जा रहा है, जो 2026–27 तक पूरा होने की उम्मीद है। नवयुग स्कूल, सरोजिनी नगर को भी मॉडल स्कूल बनाने का निर्णय लिया गया है। स्कूलों के सभी निर्माण और मरम्मत कार्यों के लिए एक अलग विभाग बनाया जा रहा है। हर साल स्कूलों की जांच के लिए जनवरी में एक समिति बनाई जाएगी, जो गर्मी की छुट्टियों में जरूरी काम कराएगी। ऑनलाइन एडमिशन से लेकर छात्रों की पूरी पढ़ाई की जानकारी के लिए पूरा डिजिटल आईटी सिस्टम लागू किया जाएगा। पीएम पोषण योजना के तहत अब पोषक मिड-डे मील दिया जाएगा। खेलों में 10 खेलों के लिए 14 विशेष कोच प्रशिक्षण दे रहे हैं और एलुमनाई मॉडल को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
चहल ने बताया की सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली पुलिस के साथ मिलकर सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। अब तक 82 कैमरे आईसीसीसी से जुड़ चुके हैं और आगे 2,000 से ज्यादा कैमरे लगाए जाएंगे। सभी सार्वजनिक शौचालयों को आधुनिक, पर्यावरण के अनुकूल और आय आधारित बनाया जाएगा। 7 स्मार्ट पिंक टॉयलेट बन चुके हैं और आगे और बनाए जाएंगे।
पालिका परिषद अध्यक्ष केशव चंद्रा ने यह भी बताया की जल संरक्षण और सिंचाई के लिए स्मार्ट सिंचाई प्रणाली लागू की जा रही है, जिससे पार्कों, फुटपाथों और हरित क्षेत्रों की जरूरतें पूरी होंगी। इस साल 11 सड़कों पर यह प्रणाली लागू की गई है और 2026–27 में 13 सड़कों व 3 बड़े पार्कों में इसे बढ़ाया जाएगा। पुराने बंद कुएं, बोरवेल और पानी के टैंक फिर से चालू किए जा रहे हैं।

चहल ने बताया की डस्ट फ्री एनडीएमसी अभियान के तहत अब हाथ से झाड़ू की जगह मशीनों से सफाई की जा रही है। पेड़ों की धुलाई, मिस्ट स्प्रे और एंटी-स्मॉग गन लगाई जा रही हैं। भारती नगर में एसटीपी के माध्यम से हाइड्रोजन और बिजली बनाई जा रही है, जिससे यह संयंत्र आत्मनिर्भर बन सके।
चहल ने कहा कि एनडीएमसी देश की सबसे हरित नगरपालिकाओं में से एक है और बजट 2026–27 इस पहचान को और मजबूत बनाता है। मियावाकी पद्धति से जंगल विकसित किए जा रहे हैं। लोदी कॉलोनी के पास नजफ खान रोड पर एक पार्क को मियावाकी वन बनाया जा रहा है। 5.53 लाख ट्यूलिप बल्ब लगाए जाएंगे और ट्यूलिप फेस्टिवल का प्रस्ताव है।


पालिका परिषद अध्यक्ष केशव चंद्रा ने कहा की शहर में 24×7 सफाई एनडीएमसी का मुख्य लक्ष्य है। खान मार्केट, सीपी, सरोजिनी नगर आदि में नाइट क्लीनिंग पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू की गई है। सड़क सुरक्षा के लिए सोलर चार्ज पेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है। मानसून प्रबंधन से जलभराव की समस्या काफी हद तक खत्म हुई है। सीवर लाइनों की मरम्मत आधुनिक तकनीक से की जा रही है।
केशव चंद्रा ने बताया कि बिजली क्षेत्र में एनडीएमसी को आरडीएसएस योजना के लिए चुना गया है। 2028 तक 100% नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ने का लक्ष्य है।
उन्होने बताया कि कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए आर्ट विद हार्ट, क्रिएटिव हब और मूर्तियां बनाई जाएंगी।
श्री चहल ने बताया कि एससी/एसटी कर्मचारियों की सहायता राशि ₹50,000 से बढ़ाकर ₹75,000 की गई है। संविदा कर्मचारियों के लिए बेहतर मेडिकल योजना लाई जा रही है।
चहल ने बताया कि बजट 2026–27 में संपत्ति कर नहीं बढ़ाया गया, जिससे नागरिकों को राहत मिलेगी।
केशव चंद्रा ने बताया कि अनुपम कॉलोनी ज़ीरो-वेस्ट मॉडल को 15 अन्य कॉलोनियों में लागू किया जाएगा। अमृत 2.0 योजना के तहत झुग्गी बस्तियों में पानी के कनेक्शन दिए जा रहे हैं। 2026–27 में शहरी विकास के लिए Rs. 556 करोड़ जारी किए जाएंगे।
एनडीएमसी के अध्यक्ष ने वित्तीय रुझानों के साथ सालाना बजट 2026-27 का लेखा भी पेश किया:
● बजट अनुमान 2026-27 की कुल प्राप्तियां रूपये 5953.07 करोड़ है, जबकि संशोधित अनुमान 2025-26 में रुपये 5689.27 करोड़ दिए गए थे। जबकि 2024-25 में कुल वास्तविक प्राप्तियां रुपये 5060.57 करोड़ थी।

● राजस्व प्राप्तियों के लिए बजट अनुमान 2026-27 में रुपये 5211.92 करोड़ है, जबकि संशोधित अनुमान 2025-26 में रुपये 4964.73 करोड़ दिए गए थे और 2024-25 में वास्तविक प्राप्तियां रुपये 4606.56 करोड़ थी।
● वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूंजीगत प्राप्तियों का बजट अनुमान रुपये 741.15 करोड़ रुपये है, जबकि संशोधित अनुमान 2025-26 में रुपये 724.54 करोड़ रुपये दिए गए थे और 2024-25 में वास्तविक प्राप्तियों में 454.01 करोड़ रुपये थे।
● वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल खर्च 5810.02 करोड़ रुपये है, जबकि संशोधित अनुमान 2025-26 में 5484.15 करोड़ रुपये दिए गए थे और 2024-25 में वास्तविक में 4678.45 करोड़ रुपये थे।
● वित्त वर्ष 2026-27 में राजस्व खर्च के लिए बजट अनुमान 4866.18 करोड़ रुपये है, जबकि संशोधित अनुमान 2025-26 में 4897.61 करोड़ रुपये दिए गए थे और 2024-25 में वास्तविक में 4556.72 करोड़ रुपये थे।

पूंजीगत खर्च का अनुमान वित्त वर्ष 2026-27 में 943.84 करोड़ रुपये है, जबकि संशोधित अनुमान 2025-26 में यह 586.54 करोड़ रुपये था और 2024-25 में वास्तव में 121.73 करोड़ रुपये था।

विद्युत वितरण रणनीतिक व्यवसाय इकाई (ईडीएसबीयू) से कुल राजस्व प्राप्तियों का अनुमान संशोधित अनुमान 2025-26 में 1914.25 करोड़ रुपये लगाया गया है, जबकि साल 2024-25 में वास्तविक में यह 2225.90 करोड़ रुपये था। बजट अनुमान 2026-27 के लिए अनुमान 1953.42 करोड़ रुपये हैं।

हम को उम्मीद है की संशोधित अनुमान 2025-26 में Rs.1200 करोड़ और संशोधित अनुमान 2026-27 में Rs.1290 करोड़ का प्रॉपर्टी टैक्स इकट्ठा होगा।
वित्त वर्ष 2024-25 में म्युनिसिपल प्रॉपर्टीज़ से लाइसेंस फ़ीस के लिए वास्तविक प्राप्तियां रुपये 757.48 करोड़ थीं। संशोधित अनुमान 2025-26 के लिए रुझान Rs.850.21 करोड़ और बजट अनुमान 2026-27 के लिए Rs.945.21 करोड़ हैं।

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