- उन्होंने रोहिणी सेक्टर–8 स्थित दिल्ली नगर निगम विद्यालय में स्मार्ट कक्षाओं का किया उद्घाटन
नई दिल्ली, 27 दिसंबर 2025 ।
“स्मार्ट कक्षाएं केवल तकनीक तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह हमारे बच्चों की प्रतिभा को निखारने और सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था में अभिभावकों का विश्वास पुनः स्थापित करने का माध्यम हैं” यह बात दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक विजेंद्र गुप्ता ने आज रोहिणी सेक्टर–8 स्थित दिल्ली नगर निगम विद्यालय में नवनिर्मित स्मार्ट कक्षाओं का उद्घाटन करते हुए कही। यह पहल दिल्ली नगर निगम द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक शिक्षण वातावरण और नगर निगम विद्यालयों में बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति सतत प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
उद्घाटन समारोह में दिल्ली नगर निगम में नेता सदन प्रवेश वाही, शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा, निगम के वरिष्ठ अधिकारी, विद्यालय की प्रधानाचार्या, शिक्षकगण, रेज़िडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के प्रतिनिधि, अभिभावक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने नगर निगम विद्यालयों के पुनरुत्थान की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व में नगर निगम द्वारा लगभग 2,000 विद्यालय संचालित किए जाते थे, जिनमें करीब 9 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत थे, जबकि वर्तमान में विद्यालयों की संख्या घटकर लगभग 1,500 रह गई है और छात्र संख्या लगभग 6.58 लाख रह गई है। उन्होंने कहा, “आंकड़ों पर बहस करने के बजाय हमें वर्तमान वास्तविकता और हमारे बच्चों के भविष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। ये बच्चे प्रतिभाशाली, सक्षम और संभावनाओं से भरे हैं। विद्यालयों के स्तर को ऊंचा उठाकर उनकी प्रतिभा को निखारना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”
अध्यक्ष ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों में भी निजी विद्यालयों की बढ़ती प्राथमिकता पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे सरकारी शिक्षा व्यवस्था में घटते विश्वास का संकेत बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का बढ़ता व्यावसायीकरण इस स्थिति का प्रमुख कारण है। उन्होंने कहा, “नगर निगम विद्यालय अभिभावकों की पहली पसंद बनने चाहिए। यहां शिक्षा निःशुल्क है, सुविधाएं निःशुल्क हैं और कक्षा 5 तक की प्राथमिक शिक्षा बच्चे के जीवन की आधारशिला होती है। स्मार्ट कक्षाओं और बेहतर शैक्षणिक वातावरण के माध्यम से हम इस धारणा को बदल सकते हैं और अभिभावकों का विश्वास पुनः प्राप्त कर सकते हैं।”

गुप्ता ने शिक्षकों, विद्यालय प्रशासन और सामुदायिक सहभागिता की भूमिका को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने आरडब्ल्यूए एवं स्थानीय नागरिकों से विद्यालयों का भ्रमण करने, शैक्षणिक गतिविधियों में सहभागिता करने तथा विद्यार्थियों की प्रगति को प्रत्यक्ष रूप से देखने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा स्वच्छता एवं नागरिक दायित्व पर आधारित एक सार्थक एवं प्रेरक प्रस्तुति दी गई, जिसकी सभी उपस्थितजनों ने सराहना की। इस प्रस्तुति से प्रेरित होकर अध्यक्ष ने नागरिकों से कचरा न फैलाने का सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “स्वच्छता किसी और की जिम्मेदारी नहीं है। कचरा न फैलाना मेरी जिम्मेदारी है और स्वच्छता बनाए रखना हम सभी का साझा नागरिक कर्तव्य है।”
इस अवसर पर दिल्ली नगर निगम में नेता सदन प्रवेश वाही एवं शिक्षा समिति के अध्यक्ष योगेश वर्मा ने भी नगर निगम विद्यालयों के आधुनिकीकरण, कक्षाओं में तकनीक के समावेश तथा प्रत्येक विद्यार्थी को सम्मानजनक वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए निगम की प्रतिबद्धता दोहराई।
नव उद्घाटित स्मार्ट कक्षाओं से विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ने, शिक्षण परिणामों में सुधार आने तथा दिल्ली के अन्य नगर निगम विद्यालयों के लिए यह एक आदर्श मॉडल सिद्ध होने की अपेक्षा है।
