‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के शिल्पकार राम सुतार का निधन

Date:

नई दिल्ली, 19 दिसंबर 2025 । भारत के महान मूर्तिकार और ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के शिल्पकार राम सुतार का निधन हो गया। उनके जाने से न केवल भारतीय कला जगत, बल्कि पूरे देश ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसने अपनी रचनाओं के जरिए इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रगौरव को मूर्त रूप दिया। राम सुतार का नाम उन चुनिंदा कलाकारों में शामिल है, जिनकी कृतियां भारत की पहचान बन चुकी हैं।

दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ बनाने वाले मूर्तिकार राम वानजी सुतार का गुरुवार देर रात नोएडा में 100 साल की उम्र में निधन हो गया। वे कुछ समय से बीमार थे।

सुतार ने संसद भवन परिसर में ध्यान मुद्रा में बैठे महात्मा गांधी की मूर्ति और दिल्ली में घोड़े पर सवार छत्रपति शिवाजी की मशहूर प्रतिमा भी बनाई थी।

अयोध्या में रामलला की मूर्ति बनाने वाले शिल्पकार अरुण योगीराज ने बताया कि 2022 में उनका सुतार जी से मिलना उनके लिए जीवन का बड़ा अनुभव रहा।

योगीराज बोले- 97 वर्ष की उम्र में भी वे रोज स्टूडियो में काम करते थे। बातचीत के दौरान उनकी उंगलियों में वही लय थी, जैसी किसी नई मूर्ति को गढ़ते समय होती है। उनसे मिलकर समझ आया कि वे सचमुच ‘काम ही पूजा है’ को जी रहे थे।

राम सुतार को उनकी अद्वितीय कला के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया। उन्हें पद्म भूषण सहित अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले। इसके बावजूद वे सादगीपूर्ण जीवन जीते रहे और अंतिम समय तक कला से जुड़े रहे। उनका मानना था कि मूर्तिकला केवल शिल्प नहीं, बल्कि समाज और इतिहास से संवाद का माध्यम है।

उनके निधन पर देशभर से शोक संदेश आ रहे हैं। राजनीतिक नेताओं, कलाकारों और कला प्रेमियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि राम सुतार की कृतियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेंगी। उनकी बनाई मूर्तियां समय के साथ और अधिक मूल्यवान होती जाएंगी, क्योंकि वे भारत की आत्मा को दर्शाती हैं।

राम सुतार का जाना एक युग का अंत है, लेकिन उनकी कला अमर है। पत्थर, कांसे और धातु में गढ़ी गई उनकी रचनाएं उन्हें हमेशा जीवित रखेंगी और भारतीय कला इतिहास में उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related