दावा- ऑस्ट्रेलिया में बॉन्डी बीच का हमलावर पाकिस्तानी नहीं, भारतीय

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सिडनी, 16 दिसंबर 2025 । ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच इलाके में हुए हमले को लेकर हमलावर की पहचान पर नया दावा सामने आया है। शुरुआती अटकलों और सोशल मीडिया चर्चाओं के विपरीत, ताजा दावे में कहा जा रहा है कि हमलावर पाकिस्तानी नहीं, बल्कि भारतीय नागरिक है। इस दावे के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान, सत्यापन और सूचना के स्रोतों को लेकर बहस तेज हो गई है, जबकि ऑस्ट्रेलियाई जांच एजेंसियां आधिकारिक पुष्टि की प्रक्रिया में जुटी हुई हैं।

ऑस्ट्रेलिया में 14 दिसंबर को सिडनी के बॉन्डी बीच पर यहूदी लोगों पर हमला करने वाला आतंकी भारतीय था। यह दावा CNN ने अपनी एक रिपोर्ट में किया है। इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में आतंकी के पाकिस्तानी होने का दावा किया जा रहा था।

CNN के मुताबिक फिलीपींस के अधिकारियों ने यह पुष्टि की है कि आतंकी साजिद अकरम अपने बेटे नवीद के साथ पिछले महीने 1 नवंबर को फिलीपींस गया था। इस दौरान साजिद ने इंडियन जबकि उसके बेटे ने ऑस्ट्रेलियन पासपोर्ट का इस्तेमाल किया था। वो लोग एक महीने से हमले की तैयारी कर रहे थे।

इमीग्रेशन ब्यूरो की प्रवक्ता डाना सैंडोवाल ने CNN को बताया कि साजिद ऑस्ट्रेलिया का निवासी हैं और भारतीय नागरिक हैं, क्योंकि वो फिलीपींस की यात्रा भारतीय पासपोर्ट पर कर रहा था।

अधिकारियों के अनुसार, घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने हमलावर की पृष्ठभूमि, नागरिकता और आव्रजन रिकॉर्ड की बारीकी से जांच शुरू की है। फिलहाल जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी माना जा रहा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति की राष्ट्रीयता या पहचान की पुष्टि केवल आधिकारिक दस्तावेज़ों और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर ही की जाएगी।

फिलीपींस के इस्लामी गढ़ दावो शहर गए थे आतंकी

अधिकारियों के मुताबिक दोनों फिलीपींस के दावो शहर गए थे। दावो फिलीपींस के दक्षिण हिस्से में मिंडानाओ द्वीप पर है। मिंडानाओ में फिलीपींस की सबसे बड़ी मुस्लिम आबादी रहती है। यह इस्लामी उग्रवादी और विद्रोही संगठन का गढ़ माना जाता है। ये समुदाय अलग देश बनाने की मांग करते हैं।

इसके अलावा आतंकियों की गाड़ी से इस्लामिक स्टेट के दो झंडे बरामद हुए थे, जिससे उनके ISIS से जुड़े होने का अनुमान लगाया जा रहा है। CNN ने इस मामले में टिप्पणी के लिए भारत के विदेश मंत्रालय से संपर्क किया है। भारत ने अब तक इसकी जानकारी नहीं दी है।

ऑस्ट्रेलिया में हुए आतंकी हमले में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए। इसके अलावा एक आतंकी की भी मौत हो गई थी।

इस बीच, सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट जानकारियों को लेकर प्रशासन ने सावधानी बरतने की अपील की है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में गलत या अधूरी सूचना न केवल जांच को प्रभावित कर सकती है, बल्कि समुदायों के बीच अनावश्यक तनाव भी पैदा कर सकती है। इसलिए आधिकारिक बयान आने तक संयम बनाए रखना जरूरी है।

राजनयिक और सामुदायिक स्तर पर भी इस घटनाक्रम पर नजर रखी जा रही है। दोनों देशों के प्रवासी समुदायों ने शांति और तथ्यों के सम्मान की अपील की है। विश्लेषकों के मुताबिक, इस तरह के संवेदनशील मामलों में पहचान से जुड़ी खबरें तथ्यात्मक और जिम्मेदार रिपोर्टिंग की मांग करती हैं।

फिलहाल ऑस्ट्रेलियाई पुलिस की जांच जारी है और अंतिम निष्कर्ष आने के बाद ही हमलावर की पहचान, उद्देश्य और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं पर स्पष्ट तस्वीर सामने आ पाएगी।

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