CM स्टालिन बोले- शाह तमिलनाडु को नहीं समझते

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नई दिल्ली, 15 दिसंबर 2025 । तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने रविवार को गृहमंत्री अमित शाह के चुनावी चैलेंज का जवाब दिया। स्टालिन ने तिरुवन्नामलाई में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि शाह के अंदर अहंकार आ गया है। वे खुद के साथ-साथ पूरी संघी बटालियन (RSS के लोगों) को भी ले आएं तो भी यहां कुछ नहीं कर पाएंगे।

दरअसल स्टालिन ने गुजरात में 7 दिन पहले शाह के दिए बयान पर पलटवार किया है। तब अहमदाबाद में एक कार्यक्रम में शाह ने कहा था कि वे ममता बनर्जी और स्टालिन जी (बंगाल और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री) को बताना चाहते हैं कि आगामी चुनाव में तैयार रहें। बिहार के बाद बंगाल और तमिलनाडु में NDA की सरकार बनेगी।

अगले साल विधानसभा चुनाव को देखते हुए एमके स्टालिन रविवार को तिरुवन्नामलाई में DMK के युवा विंग के पदाधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। वर्तमान विधानसभा का पांच साल का कार्यकाल मई 2026 में समाप्त हो रहा है। ऐसे में चुनाव आयोग मार्च के बाद चुनाव तारीखों का ऐलान कर सकता है।

स्टालिन की स्पीच, 2 बड़ी बातें…

  • स्टालिन ने कहा कि 2024 में केंद्र में तीसरी बार बीजेपी के सत्ता में आने के बाद वे और ज्यादा आक्राम हो गए हैं। वे झूठे वादे करते हैं। ऐसे अभियान का मुकाबला करने के लिए हमारी पार्टी को जोरदार तरीके से अभियान चलाना होगा और अपने सिद्धांतों का प्रचार करना होगा।
  • न सिर्फ तमिलनाडु और तमिल भाषा की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। बल्कि पूरे भारत और उसकी बहुलता की रक्षा करना भी हमारा कर्तव्य है। पूरे भारत में, DMK एकमात्र राज्य-स्तरीय पार्टी है जो वैचारिक रूप से बीजेपी के खिलाफ लड़ रही है। वे हमारे किले को भेद नहीं सके।

गृहमंत्री अमित शाह ने इसी साल अप्रैल में भाजपा और AIADMK के गठबंधन का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि 2026 में तमिलनाडु विधानसभा चुनाव AIADMK प्रमुख ई पलानीस्वामी के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। सीटों का बंटवारा बाद में चर्चा के बाद तय किया जाएगा।

यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में भाषा नीति, शिक्षा, केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका और वित्तीय अधिकारों को लेकर केंद्र-राज्य संबंध तनावपूर्ण बने हुए हैं। डीएमके नेतृत्व का कहना है कि तमिल भाषा और संस्कृति का सम्मान केवल औपचारिक नहीं, बल्कि नीतियों और फैसलों में भी दिखना चाहिए। सीएम स्टालिन ने यह भी संकेत दिया कि तमिलनाडु की जनता ऐसे मुद्दों पर एकजुट रहती है और राजनीतिक दबाव में आने वाली नहीं है।

वहीं, भाजपा की ओर से पलटवार करते हुए कहा गया है कि केंद्र सरकार सभी राज्यों के विकास और राष्ट्रीय एकता के लिए काम कर रही है। पार्टी नेताओं का दावा है कि तमिलनाडु सहित हर राज्य की सांस्कृतिक पहचान का सम्मान किया जाता है और सीएम स्टालिन के बयान को राजनीतिक लाभ के लिए दिया गया करार दिया जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बयानबाज़ी केवल व्यक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संघवाद बनाम केंद्रीकरण की व्यापक बहस का हिस्सा है। आने वाले समय में यह मुद्दा चुनावी रणनीतियों और नीति विमर्श—दोनों पर असर डाल सकता है।

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