गोवा नाइट क्लब अग्निकांड, 4 मालिकों में से एक पकड़ाया

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पणजी, 10 दिसंबर 2025 । गोवा के लोकप्रिय तटीय क्षेत्र में स्थित एक नाइट क्लब में हुई भीषण आग की घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया। इस अग्निकांड में कई लोग घायल हुए, जबकि भारी संपत्ति नुकसान भी हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आग तेजी से फैलने का कारण सुरक्षा मानकों की अनदेखी, फायर एग्जिट का अवरुद्ध होना और समय पर अलार्म सिस्टम का सक्रिय न होना था।

गोवा के बिर्च बाय रोमियो लेन नाइट क्लब में 6 दिसंबर को आग लगने से 25 लोगों की मौत मामले में क्लब के 4 मालिकों में से एक को हिरासत में लिया गया है। आरोपी का नाम अजय गुप्ता है। वह दिल्ली का रहने वाला है। गोवा पुलिस ने बुधवार को उसे दिल्ली से ही हिरासत में लिया।

गोवा पुलिस दिल्ली क्राइम ब्रांच ऑफिस में आरोपी से पूछताछ कर रही है। उसे आज साकेत कोर्ट में पेश किया गया। उसे गोवा पुलिस की 36 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर सौंपा गया है। इस दौरान उसे उसे दवाएं लेने की अनुमति दी गई है। क्राइम ब्रांच ऑफिस में जाने के दौरान, आरोपी ने मास्क, टोपी और हुडी जैकेट से अपना चेहरा छिपा रखा था।

उसने मीडिया के सवालों पर कहा- मैं सिर्फ एक बिजनेस पार्टनर हूं। मुझे इससे ज्यादा कुछ नहीं पता।

इधर, क्लब के दो अन्य मालिक और सगे भाई, सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा ने दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। कोर्ट ने जमानत नहीं दी और पुलिस से जमानत पर जवाब मांगा है। मामले पर गुरुवार को फिर सुनवाई होगी।

दोनों भाई आग लगने के कुछ घंटों बाद, 7 दिसंबर को दिल्ली से थाईलैंड भाग गए थे। इंटरनेशनल क्रिमिनल पुलिस ऑर्गेनाइजेशन (INTERPOL) ने दोनों भाइयों के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया है। नाइट क्लब के एक अन्य मालिक सुरिंदर कुमार खोसला के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया है। वह एक ब्रिटिश नागरिक हैं।

पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए क्लब के चार पार्टनर-मालिकों में से एक को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि बाकी तीन की तलाश जारी है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में यह भी संकेत मिले कि क्लब में क्षमता से अधिक भीड़ इकट्ठी की गई थी और सुरक्षा प्रमाणपत्रों को लेकर गंभीर अनियमितताएँ थीं। यह भी जांच में सामने आ रहा है कि क्लब प्रबंधन ने पहले भी कई बार फायर सेफ्टी निर्देशों का उल्लंघन किया था, लेकिन उचित कार्रवाई नहीं की गई।

गोवा प्रशासन ने इस घटना के बाद पूरे राज्य में नाइट क्लबों, लाउंजों और बारों की सुरक्षा जांच का आदेश दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि गोवा के नाइटलाइफ़ सेक्टर में तेजी से बढ़ते व्यवसाय के बीच सुरक्षा को लेकर ढिलाई बड़ी दुर्घटनाओं को जन्म दे सकती है। यह घटना एक कठोर चेतावनी है कि सुरक्षा मानकों से समझौता किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।

स्थानीय लोगों और पर्यटकों में भी इस हादसे को लेकर गुस्सा और चिंता है। सरकार ने घायलों के उपचार और परिवारों की मदद के लिए राहत उपायों की घोषणा की है, साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े नियम लागू करने की बात कही है।

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