ISSF वर्ल्ड कप फाइनल में भारत को तीन मेडल

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नई दिल्ली, अंतरराष्ट्रीय शूटिंग खेलों में भारत ने एक बार फिर अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज कराई है। ISSF वर्ल्ड कप फाइनल में भारतीय निशानेबाजों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तीन महत्वपूर्ण मेडल अपने नाम किए। यह उपलब्धि न सिर्फ खिलाड़ियों की व्यक्तिगत मेहनत का प्रमाण है, बल्कि भारतीय शूटिंग के लगातार बढ़ते स्तर और विश्व मंच पर इसके स्थापित प्रभुत्व की भी झलक दिखाती है।

दोहा में चल रहे ISSF वर्ल्ड कप फाइनल 2025 में भारत की युवा शूटर सिमरनप्रीत कौर ने 25 मीटर पिस्टल इवेंट में गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचा। रविवार को हुए फाइनल में उन्होंने 41/50 स्कोर करते हुए जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड की बराबरी की।

वहीं, मनु भाकर क्वालिफिकेशन में नौवें स्थान पर रहीं और फाइनल से बाहर हो गईं। पुरुषों के 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने सिल्वर जीता। जबकि अनीश भनवाला ने 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल में सिल्वर जीता। इसके साथ ही भारत के 6 मेडल हो गए हैं।

सिमरनप्रीत का पहला वर्ल्ड कप फाइनल मेडल 21 साल की सिमरनप्रीत ने फाइनल राउंड में शानदार प्रदर्शन किया। उनका 41/50 का स्कोर रिपब्लिक ऑफ कोरिया की पेरिस 2024 ओलिंपिक चैंपियन यांग जी-इन के बनाए गए जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड के बराबर रहा। यांग चौथे स्थान पर रहीं। चीन की याओ कियानशुन ने 36/50 के साथ सिल्वर और जर्मनी की डोरीन वेनकैंप ने 30/45 के साथ ब्रॉन्ज जीता।

मनु भाकर फाइनल में जगह नहीं बना पाई ओलिंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर 25 मीटर पिस्टल क्वालिफिकेशन में नौवें स्थान पर रहीं और फाइनल में जगह नहीं बना सकीं। इससे पहले शनिवार को वे 10 मीटर एयर पिस्टल के फाइनल में पांचवें स्थान पर रही थीं।

ऐश्वर्य तोमर ने पुरुषों में जीता सिल्वर पुरुषों के 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन इवेंट में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने अपना पहला वर्ल्ड कप फाइनल मेडल जीता। वे 414.2 के नए वर्ल्ड रिकॉर्ड शूट करने वाले चेक शूटर जीरी प्रिवरात्स्की से केवल 0.9 पॉइंट पीछे रहे। चीन के पेरिस 2024 ओलिंपिक चैंपियन लियू युकुन ने 388.9 के साथ ब्रॉन्ज जीता।

इस टूर्नामेंट में भारत के अनुभवी और युवा दोनों ही खिलाड़ियों ने शानदार संयम, तकनीक और आत्मविश्वास का परिचय दिया। जहाँ एक ओर अनुभवी निशानेबाजों ने अपनी स्थिरता और अनुभव के दम पर फाइनल में जगह बनाई, वहीं युवा प्रतिभाओं ने दबाव वाले क्षणों में बेहतरीन प्रदर्शन कर सभी को प्रभावित किया। यह मिश्रण भारतीय शूटिंग के सुनहरे भविष्य की स्पष्ट तस्वीर पेश करता है।

ISSF वर्ल्ड कप फाइनल को दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित शूटिंग आयोजनों में से एक माना जाता है, जहाँ केवल शीर्ष रैंकिंग वाले खिलाड़ी ही हिस्सा लेते हैं। ऐसे में तीन मेडल जीतना यह साबित करता है कि भारत विश्व शूटिंग में शीर्ष देशों की पंक्ति में मजबूती से खड़ा है। यह प्रदर्शन पेरिस ओलंपिक सहित आगामी वैश्विक प्रतियोगिताओं से पहले भारत के आत्मविश्वास को कई गुना बढ़ा देता है।

इन मेडल्स के साथ खिलाड़ियों ने एक बार फिर देश का सिर गर्व से ऊँचा किया है और यह दिखाया है कि निरंतर निवेश, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएँ और वैज्ञानिक कोचिंग भारतीय शूटिंग को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही हैं। कोचिंग स्टाफ और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्रयास भी इस सफलता में बराबर के हिस्सेदार हैं, जिन्होंने प्रशिक्षण को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाया है।

अंततः, यह उपलब्धि एक याद दिलाने वाली है कि भारत की नई पीढ़ी खेलों में वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूती से बना रही है। ISSF वर्ल्ड कप फाइनल में मिले ये तीन मेडल आने वाले समय में और भी बड़ी सफलताओं के संकेत हैं।

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