सरकार 200 से अधिक नए नाइट शेल्टर, पगोडा, अस्थाई टेंट लगाइगी – आशीष सूद

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  •  कहा कि दिल्ली में किसी भी बेघर व्यक्ति को सड़कों पर खुले में रात न बितानी पड़े

नई दिल्ली I 7 दिसंबर 25 । दिल्ली के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने राजधानी में संचालित दो रात्रि विश्राम गृहों (Night Shelters) जैसे शेल्टर कोड संख्या 215, हनुमान मंदिर और नाइट शेल्टर कोड संख्या 629, चाबी गंज, सेकेंड फ्लोर (महिला विंग) का निरीक्षण किया और DUSIB के अधिकारियों द्वारा दिल्ली में बढ़ती सर्दी को देखते हुए नाईट शेल्टरों में बेघर एवं जरूरतमंद लोगों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएँ सुचारू रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं की जानकारी भी ली।

शहरी विकास मंत्री ने बताया की दिल्ली सरकार लगातार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि दिल्ली में किसी भी बेघर व्यक्ति को सड़कों पर खुले में रात बिताने की मजबूरी न हो। सभी नाइट शेल्टर्स में बिस्तर, गरम कंबल, स्वच्छ पेयजल, भोजन, स्वच्छता सुविधाएँ, हीटिंग व्यवस्था और सुरक्षा जैसे प्रबंध समय पर और पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होने चाहिए। इस दिशा में सरकार की प्राथमिकता सबसे ऊपर है।

निरीक्षण के दौरान सूद ने आश्रय प्रबंधन, दिल्ली अर्बन शेल्टर इंप्रूवमेंट बोर्ड (DUSIB) के अधिकारियों तथा संबंधित विभागों को निर्देश दिए की सर्दियों के दिनो में इन विश्राम गृहों के साथ साथ दिल्ली के सभी नाईट शेल्टरों में रहने वाले लोगों को सर्दी से बचाव हेतु पर्याप्त कंबल व आरामदायक बिस्तर उपलब्ध हों साथ ही इन स्थानों पर स्वच्छता, रोशनी और सुरक्षा, आग से बचाव के उपकरण की व्यवस्था तय मानक के अनुसार हो। महिला आश्रय गृहों में महिलाओं की गोपनीयता और सुरक्षा के विशेष प्रावधान लागू हों।
जरूरतमंद लोगों को आश्रयों तक लाने के लिए रेस्क्यू टीमों की तैनाती प्रभावी ढंग से की जाए। इस दिशा में नाइट शेल्टरों को अत्यंत संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ संचालित किया जा रहा है।

सूद ने कहा कि पूरी दिल्ली में जरूरत के अनुसार 200 से अधिक नए नाइट शेल्टर, पगोडा, अस्थाई टेंट आदि लगाए जा रहे हैं, जहाँ सर्दी के दौरान हमारी टीमें होमलेस लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित ठिकानों तक पहुँचाएँगी। कल रात भी इसी प्रकार के लगभग 25–26 पगोडा-आधारित, वॉटरप्रूफ टेंट में चल रहे नाइट शेल्टरों का निरीक्षण किया।

दिल्ली सरकार इस बात के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि जिन लोगों को पिछले 27 वर्षों में सरकारों की लापरवाही और उपेक्षा के कारण स्थायी आवास नहीं मिल पाया और जो आज भी फुटपाथों, चौक-चौराहों और काम करने की जगहों के आसपास ही रात बिताने को मजबूर हैं उन्हें जीवनयापन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

सूद ने यह भी बताया की कल देर रात निरीक्षण के दौरान देखा की आरके पुरम और आईआईटी के बीच आईआईटी चौक पर कई लोग ठंड से बचने के लिए बायोमास और कपड़े आदि जला कर रात बिता रहे थे। उन्होंने अपना दर्द सांझा करते हुए बताया की उनका पिछले कई दशकों का अनुभव नाइट शेल्टरों के साथ अच्छा नहीं रहा। हमने उन्हें भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता की सरकार उनके बच्चों और परिवारों की सुरक्षा व सुविधा के लिए अनेक नई व्यवस्थाएं कर रही है।

शहरी विकास मंत्री ने आगे कहा की दिल्ली सरकार के सभी मंत्री अपने-अपने क्षेत्रों में नाइट शेल्टरों का मुआयना कर रहे हैं ताकि लोगों को बेहतर सुविधा, अच्छा भोजन और कंबल आदि की सभी मूलभूत सुविधायें मिल सकें।

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