गोवा क्लब अग्निकांड-अब तक 5 गिरफ्तार:पुलिस का मालिकों को लुकआउट नोटिस

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पणजी, 08 दिसंबर 2025 । गोवा के चर्चित क्लब में हुए भीषण अग्निकांड की जांच अब निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई है। हादसे में कई लोगों के घायल होने और भारी नुकसान के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें क्लब के मैनेजर, स्टाफ सदस्य और सुरक्षा से जुड़े लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में भारी लापरवाही, सुरक्षा नियमों का उल्लंघन और आपातकालीन निकास व्यवस्था में खामियाँ पाई गई हैं।

गोवा के नाइट क्लब में रविवार रात आग लगने से हुई 25 लोगों की मौत के बाद पुलिस ने क्लब चेन पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गोवा पुलिस ने क्लब के मालिकों गौरव लूथरा और सौरभ लूथरा के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है।

आरोप है कि बिना जरूरी दस्तावेजों और लाइसेंस के क्लब चलाया जा रहा था। इधर, सोमवार को मामले में पांचवी गिरफ्तारी की गई। दिल्ली से क्लब के ऑपरेशन मैनेजर भरत सिंह को गिरफ्तार किया गया।

इससे पहले पुलिस ने क्लब के चीफ जनरल मैनेजर राजीव मोडक, जनरल मैनेजर विवेक सिंह, बार मैनेजर राजीव सिंघानिया और गेट मैनेजर रियांशु ठाकुर को गिरफ्तार किया था। वहीं, इंस्टाग्राम पर चेन के मालिक सौरभ लूथरा ने हादसे पर दुख जताया और कहा कि पीड़ितों की हर मदद के लिए तैयार हैं।

सभी गिरफ्तार आरोपियों को 6 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया है। CM प्रमोद सावंत ने कहा है कि शुरुआती जांच में इलेक्ट्रिक पटाखे से आग लगने की बात सामने आई है।

दरअसल, पणजी से 25km दूर अरपोरा में बर्च बाय रोमियो लेन नाइट क्लब में 6 दिसंबर की रात आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में नाइट क्लब के 20 कर्मचारी और 5 टूरिस्ट शामिल हैं।

सबसे बड़ी कार्रवाई तब हुई जब पुलिस ने क्लब के मालिकों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि मालिकों के देश छोड़कर भागने की आशंका जताई जा रही थी। जांच अधिकारियों के अनुसार, मालिकों से पूछताछ बेहद महत्वपूर्ण है—चाहे वह लाइसेंस से जुड़े कागजात हों, सुरक्षा व्यवस्थाएँ हों या हादसे की रात की घटनाओं का क्रम।

जांच में सामने आया है कि क्लब में उपस्थित भीड़ क्षमता से अधिक थी। आग लगने के बाद स्टाफ की ओर से कोई त्वरित इमरजेंसी प्रोटोकॉल सक्रिय नहीं किया गया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। अग्निशमन विभाग ने भी बताया कि क्लब में आवश्यक फायर सेफ्टी उपकरण या तो थे ही नहीं या बेकार पड़े थे।

स्थानीय प्रशासन हादसे को गम्भीर लापरवाही मानते हुए व्यापक कार्रवाई की तैयारी में है। गोवा पुलिस ने कई दस्तावेज जब्त किए हैं और तकनीकी टीम मलबे की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सिस्टमेटिक फेल्योर है, जिसके लिए सख्त जवाबदेही जरूरी है।

इस हादसे ने राज्य में चल रहे नाइटलाइफ और क्लबों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा किया है। कई सामाजिक संगठनों और स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि नाइट क्लबों की लाइसेंसिंग, ऑडिट और सुरक्षा मानकों की व्यापक समीक्षा की जाए।

फिलहाल, गिरफ्तारी और लुकआउट नोटिस के बाद पुलिस का अगला कदम मालिकों को हिरासत में लेकर विस्तृत पूछताछ करना है। आने वाले दिनों में यह मामला और भी महत्वपूर्ण मोड़ ले सकता है।

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