SIR मुद्दे पर चुनाव आयोग से मिले 10 टीएमसी सांसद

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पश्चिम बंगाल, 28  नवम्बर 2025 । पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों SIR (Special Investigation Report) से जुड़ा मुद्दा लगातार सुर्खियों में है। इसी मामले को लेकर टीएमसी के 10 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल चुनाव आयोग से मिला। पार्टी का दावा है कि विपक्ष द्वारा फैलाई जा रही “भ्रामक सूचनाओं” और “राजनीतिक एजेंडे” के चलते चुनावी माहौल प्रभावित हो रहा है, इसलिए आयोग को निष्पक्ष हस्तक्षेप करना चाहिए।

देशभर में SIR को लेकर जारी विवाद के बीच TMC के 10 सासंदों का डेलीगेशन शुक्रवार को दिल्ली में चुनाव आयोग से मिलने पहुंचा। सांसदों और चुनाव आयुक्त के बीच करीब 2 घंटे तक मुलाकात चली।

मीटिंग से बाहर आने के बाद टीएससी सांसद डेरेक ओ ब्रॉयन ने कहा- हम चीफ इलेक्शन कमिश्नर और उनकी टीम से मिले। हमने सबसे पहले उन्हें SIR प्रोसेस की वजह से लगभग 40 मरे हुए लोगों की लिस्ट सौंपी।

हमने मीटिंग यह कहकर शुरू की कि मिस्टर कुमार और इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के हाथ खून से रंगे हैं। हमने पांच सवाल पूछे, किसी का भी जवाब नहीं मिला। मीटिंग के अंदर जो हुआ, वो यही है।

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। विपक्ष 1 दिसंबर से शुरु हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र (विंटर सेशन) में इस मुद्दे पर हंगामा कर सकता है।

कांग्रेस का आरोप- SIR प्रक्रिया में BLO की मौत मर्डर है

कांग्रेस ने SIR प्रक्रिया के दौरान काम के दबाव के चलते जान गंवाने वाले BLO की मौत को मर्डर बताया है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि 20 दिनों में 26 BLOs की मौत दिनदहाड़े मर्डर जैसी है। सुप्रिया ने गोंडा के BLO विपिन यादव का जिक्र करते हुए कहा कि उनके परिवार ने बताया है कि उन पर वोटर लिस्ट से पिछड़े वर्ग के लोगों के नाम हटाने का दबाव था।

सुप्रिया ने कहा कि यह कोई कहानी नहीं बल्कि देश के सामने एक कड़वा सच है। इतनी जल्दी क्या है? थोड़ा समय लेकर SIR करवाओ।

SIR का मामला कोई छोटा मामला नहीं है। यह वोट चोरी का सबसे ताकतवर तरीका है, और इसीलिए इसका इतने खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा है।

SIR मामला सुप्रीम कोर्ट में, 2 दिसंबर को सुनवाई

SIR का मामला सुप्रीम कोर्ट में भी पहुंच चुका है। SIR के खिलाफ दायर तमिलनाडु, बंगाल और केरल की याचिका पर लगातार सुनवाई हो रही है। इस दौरान चुनाव आयोग ने कहा- SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दल जानबूझकर डर का माहौल बना रही हैं।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने केरल सरकार की याचिका पर केंद्र और राज्य चुनाव आयोग से 1 दिसंबर तक जवाब देने को कहा है। अगली सुनवाई 2 दिसंबर को होगी।

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