नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 2025 । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के प्रभावी नेतृत्व में, दिल्ली सरकार ने अपने विंटर एक्शन प्लान 2025 को और मज़बूती से लागू करने के लिए ठोस कदम उठाए, जिसमें 13 प्रदूषण हॉटस्पॉट्स पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने पर्यावरण विभाग, DPCC, MCD, NDMC, DSIIDC, DDA, ट्रांसपोर्ट विभाग और ट्रैफिक पुलिस सहित सभी प्रमुख प्रवर्तन एजेंसियों के साथ उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की, ताकि प्रदूषण नियंत्रण कार्यों के सुचारू और प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जा सके।
हॉटस्पॉट्स, धूल नियंत्रण और ज़मीनी टीमों पर फोकस
समीक्षा के दौरान सिरसा ने सभी 13 हॉटस्पॉट्स की स्थिति की बारीकी से समीक्षा की। हर क्षेत्र में प्रदूषण के प्रमुख स्रोत — जैसे सड़कों से उड़ती धूल, निर्माण एवं विध्वंस (C&D) गतिविधियां, खुले में कूड़ा डंपिंग और कचरा जलाने की घटनाओं — पर एजेंसियों को विशेष कार्रवाई के निर्देश दिए।
“हमारी पूरी सरकारी मशीनरी — MCD, DDA, NDMC, DSIIDC और अन्य — एक साथ तालमेल में काम कर रही है,” मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा। “इसी समन्वय का परिणाम है कि आज दिल्ली का AQI 218 पर पहुंच गया है, जबकि पिछले वर्ष यही आंकड़ा 357 था। यह बताता है कि विज्ञान-आधारित कार्रवाई और सख्त प्रवर्तन से वास्तविक सुधार संभव है।”

टेक्नोलॉजी और कवरेज: एंटी-स्मॉग गन, हाईराइज़ बिल्डिंग्स, और C&D वेस्ट
धूल प्रदूषण नियंत्रण के लिए प्रतिदिन लगभग 3,000 किलोमीटर सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग की जा रही है, वहीं 280 वाटर स्प्रिंकलर और 390 स्थायी एवं मोबाइल एंटी-स्मॉग गन लगातार सक्रिय हैं — जिनमें 91 ऊँची इमारतें भी शामिल हैं जहाँ ये उपकरण काम कर रहे हैं।
मंत्री ने C&D वेस्ट मैनेजमेंट की भी समीक्षा की और MCD तथा DSIIDC को निर्देश दिया कि सभी 500 C&D वेस्ट साइट्स का नियमित निरीक्षण किया जाए और प्रदूषण नियंत्रण मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।
“हर साइट पर उत्सर्जन मानक पूरी तरह पालन में हों। सड़कों की धूल और मलबे को पूरी तरह रोका जाए,” उन्होंने कहा।
ज़मीनी निगरानी के लिए खुले में कचरा जलाने के विरुद्ध 443 टीमें(1,200 कर्मी) डस्ट कंट्रोल के लिए 378 टीमें (1000 कर्मी) और वाहन प्रदूषण नियंत्रण के लिए 578 टीमें (1500 कर्मी) सक्रिय हैं। ये टीमें दिन-रात वार्ड और औद्योगिक क्षेत्रों में गश्त कर रहीं हैं ताकि खुले में जलाने की घटनाओं पर सख्त रोक लग सके।
सड़कों की मरम्मत और सराहना
मंत्री ने सड़कों की मरम्मत और गड्ढों को भरने की प्रक्रिया की भी समीक्षा की और निर्देश दिया कि जहाँ भी कार्य लंबित हैं वहाँ तुरंत कार्रवाई शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर धूल नियंत्रण के लिए यह एक अहम कदम है।
“चाहे सड़क सफाई हो, स्प्रिंकलिंग हो या प्रवर्तन — हर एजेंसी को तेजी से काम करना होगा। हमारा लक्ष्य स्पष्ट है — दिल्ली की हवा में रोज़ाना दिखने वाला सुधार लाना,” सिरसा ने कहा।

मॉनिटरिंग सिस्टम और डेटा पर भरोसा
बैठक के दौरान सिरसा ने कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दिल्ली के AQI डेटा पर उठाए जा रहे सवालों को “भ्रम फैलाने वाला और गैर-जिम्मेदाराना” बताया।
“स्पष्ट कर दूं — दिल्ली के 40 ऑटोमेटिक एयर मॉनिटरिंग स्टेशन पूरी तरह सुरक्षित और स्वचालित हैं। किसी के पास डेटा में बदलाव करने का अधिकार नहीं है,” उन्होंने कहा। “DPCC, CPCB और IMD मिलकर इनकी मॉनिटरिंग करते हैं और सभी प्लेटफॉर्म्स पर डेटा एक साथ जारी होता है। इस पर संदेह पैदा करना तथ्यहीन और गैर-जिम्मेदाराना है।”
दिल्ली ने इस वर्ष प्रदूषण के स्तर में सकारात्मक सुधार दर्ज किया है, जबकि शहर में सार्वजनिक गतिविधियाँ पूरी तरह सामान्य रूप से चल रही हैं।
“ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली ने यह दिखाया है कि अच्छा शासन और पर्यावरणीय ज़िम्मेदारी साथ-साथ चल सकते हैं। निर्माण कार्यों में लगभग 21 प्रतिशत वृद्धि, नए वाहनों के 8 प्रतिशत अधिक पंजीकरण, 10–15 साल पुराने वाहनों को राहत और ‘ग्रीन दिवाली’ के बावजूद, हमारी हवा साफ़ हुई है। यह सख्त निगरानी, सटीक प्रवर्तन और जन-सहभागिता का नतीजा है,” मंत्री ने कहा।
मंत्री ने फील्ड अफसरों और प्रवर्तन टीमों की सक्रियता और तालमेल की भी सराहना की, जिनके प्रयासों से नागरिक कार्रवाई और प्रशासनिक सख्ती ने AQI सुधार में अहम भूमिका निभाई है।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली के लोगों को साफ हवा का हक़ है। यह सुधार बस शुरुआत है — हम विज्ञान आधारित और समन्वित प्रयासों से इसे और आगे ले जाएंगे,”
