श्री गुरु तेग बहादुर जी का जीवन त्याग, सहिष्णुता और मानवता का प्रतीक – कपिल मिश्रा

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  •  श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस के भव्य आयोजन की तैयारियाँ ज़ोरों पर
  • यह आयोजन गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाओं को विश्व स्तर पर प्रसारित करने का अवसर बनेगा- मनजिंदर सिंह सिरसा

नई दिल्ली, 22 अक्तूबर 2025।

दिल्ली सरकार में कला, संस्कृति एवं भाषा और पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा और मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की उपस्थिति में दिल्ली सचिवालय में एक उच्च-स्तरीय बैठक आयोजित की गई जिसमें केंद्र सरकार के वरिष्ठ प्रतिनिधि, पंजाबी अकादमी और कला, संस्कृति एवं भाषा विभाग और पर्यटन विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस के उपलक्ष्य में दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित किए जाने वाले भव्य एवं ऐतिहासिक कार्यक्रमों की रूपरेखा को अंतिम रूप देना था।

बैठक के दौरान कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान की साक्षी रही है और इस अवसर पर दिल्ली सरकार का दायित्व है कि यह आयोजन उनकी शिक्षाओं, त्याग और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाए।

उन्होंने आगे कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी ने न केवल सिख धर्म के लिए बल्कि संपूर्ण मानवता और धर्म की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन समर्पित किया। दिल्ली में इस आयोजन का उद्देश्य है कि उनकी शिक्षा, करुणा और एकता का संदेश हर नागरिक के हृदय तक पहुँचे। दिल्ली सरकार इस आयोजन को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रेरणादायक सांस्कृतिक प्रतीक बनाएगी।

कपिल मिश्रा ने यह भी बताया कि इस आयोजन को भव्य और व्यवस्थित बनाने के लिए सभी कार्य दिल्ली सरकार द्वारा पेशेवर संस्थाओं को सौंपे गए हैं ताकि प्रत्येक कार्यक्रम उच्च गुणवत्ता, सांस्कृतिक गहराई और भावनात्मक प्रभाव के साथ संपन्न हो सके।

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय में श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर एक चेयर (Chair) स्थापित की जाएगी। यह चेयर उनके जीवन, दर्शन और मानवता के योगदान पर शोध को प्रोत्साहित करेगी। पूर्वी दिल्ली स्थित गुरु तेग बहादुर अस्पताल का नवीनीकरण कार्य को समयबद्द तरीके से पूरा किया जाएगा ताकि यह अस्पताल आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित होकर जनता की सेवा में समर्पित रहे।

350वें शहादत दिवस पर हो रहे आयोजनों में से प्रमुख आकर्षण लाल किले पर आयोजित होने वाला लाइट एंड साउंड शो भी है। यह शो गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, शिक्षाओं और बलिदान की गाथा को अत्याधुनिक तकनीक, दृश्य प्रभावों और भावनात्मक प्रस्तुति के माध्यम से जनसामान्य तक पहुँचाएगा। दिल्ली के सभी 11 जिलों में भी 11 मोबाइल वैनों के माध्यम से यह शो प्रदर्शित किए जाने का प्रस्ताव है, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इससे जुड़ सकें। इस शो का क्यूरेशन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय द्वारा पहले ही किया जा चुका है।

इसके अतिरिक्त, लाल किले पर एक अस्थायी संग्रहालय (Temporary Museum) स्थापित किया जाएगा, जिसमें गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, शिक्षाओं, ऐतिहासिक दस्तावेजों और दुर्लभ चित्रों का प्रदर्शन होगा। यह संग्रहालय आम जनता के लिए खुला रहेगा। साथ ही, लाल किले पर 23 नवम्बर से 25 नवम्बर 2025 तक कीर्तन दरबार आयोजित किया जाएगा, जिसमें प्रसिद्ध रागी जत्थों द्वारा शबद कीर्तन प्रस्तुत किए जाएंगे।

इस आयोजन श्रृंखला में भारत मंडपम में 20 सितम्बर 2025 को इंटर-फेथ कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा चुकी है जिसमें विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधि शामिल होकर गुरु तेग बहादुर जी के धार्मिक सहिष्णुता, एकता और मानवीय मूल्यों पर आधारित विचारों पर चर्चा कर चुके हैं। यह सम्मेलन धार्मिक सौहार्द और सामूहिक सद्भाव का अनूठा संगम था।

कार्यक्रमों की श्रृंखला में प्रसिद्ध पंजाबी कलाकारों द्वारा गुरु तेग बहादुर जी की स्मृति में एक थीम सॉन्ग भी तैयार किया जाएगा, जो गुरु जी के जीवन-दर्शन को संगीत के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाएगा। इसके साथ ही, उनके जीवन और समय पर आधारित एक उत्कृष्ट कॉफी टेबल बुक का प्रकाशन किया जाएगा, जो ऐतिहासिक दस्तावेजों, फोटोग्राफ्स और शोध आलेखों के माध्यम से इस आयोजन को स्थायी स्मृति के रूप में दर्ज करेगी।

इन सभी आयोजनों का व्यापक प्रचार-प्रसार प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया के माध्यम से किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, दिल्ली के हवाई अड्डों, अंतरराज्यीय बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और मेट्रो स्टेशनों पर भी विज्ञापन प्रदर्शित किए जाएंगे ताकि दिल्ली के प्रत्येक नागरिक तक इस आयोजन की जानकारी पहुँच सके। भारत सरकार द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस की स्मृति में विशेष डाक टिकट जारी करने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।25 नवम्बर 2025 को सुबह से एक भव्य नगर कीर्तन का आयोजन किया जाएगा, यह शोभा यात्रा श्रद्धा और एकता का प्रतीक होगी।

बैठक के दौरान मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार इस आयोजन को भव्य और अविस्मरणीय बनाने के लिए हरसंभव सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाओं को विश्व स्तर पर प्रसारित करने का अवसर बनेगा। मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि केंद्र सरकार इस आयोजन को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए योजनाबद्ध रूप से कार्य कर रही है। केंद्र सरकार ने आयोजन के लिए हरसंभव सहयोग और सहायता देने का आश्वासन दिया है। यह भी निर्णय लिया गया कि संपूर्ण कार्यक्रम की योजना और क्रियान्वयन दिल्ली सरकार द्वारा किया जाएगा तथा जहाँ भी केंद्र सरकार की सहायता की आवश्यकता होगी, वहाँ पूर्ण सहयोग प्रदान किया जाएगा।

अंत में, मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि दिल्ली सरकार गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहादत दिवस को केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक एकता, सहिष्णुता और सांस्कृतिकh विरासत के उत्सव के रूप में मनाएगी। उन्होंने कहा कि यह आयोजन दिल्ली की मिट्टी में बसे उस आदर्श को पुनर्जीवित करेगा, जिसने धर्म की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया। यह प्रेरणा केवल सिख समाज के लिए नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानवता के लिए है।

केंद्र और दिल्ली सरकार के संयुक्त प्रयासों से यह आयोजन न केवल दिल्ली के सांस्कृतिक इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ेगा, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए गुरु तेग बहादुर जी की शिक्षाओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेगा।

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