- स्वदेशी उत्सव 2025’ का किया उद्घाटन, ‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर भारत के विज़न को दिया नया आयाम
- सीएम ने कहा “स्वदेशी हमारी सबसे बड़ी ताकत है — इसने हमें आज़ादी दिलाई और आज वही ताकत हमें आत्मनिर्भर बना रही है,”
- “ रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के संदेश को जन आंदोलन बना रही है – मनजिंदर सिंह सिरसा।
नई दिल्ली । 9 अक्टूबर 25 । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए, दिल्ली सरकार के उद्योग विभाग और डीएसआईआईडीसी द्वारा स्वदेशी उत्सव 2025 का आयोजन किया गया है। तीन दिवसीय यह कार्यक्रम स्वदेशी थीम पर आधारित है — “ विदेशी उत्पादों के स्थान पर भारतीय उत्पादों को अपनाना।”

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा “हर भारतीय को अपने भीतर छिपे उस ‘स्वदेशी सैनिक’ को पहचानने की ज़रूरत है, जो अपने परिश्रम और समर्पण से देश की आर्थिक सीमाओं की रक्षा करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के आह्वान ने देशवासियों में आत्मविश्वास और नवाचार की भावना को मज़बूत किया है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि स्वदेशी आंदोलन के पीछे की सोच है कि यह सिर्फ़ एक नारे तक सीमित न रहकर भारत की नई आर्थिक शक्ति के रूप में उभरे—
“यह अभियान केवल दीयों या हस्तशिल्प तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य हर उद्योग क्षेत्र में भारतीय ब्रांड्स को वैश्विक पहचान दिलाना है। अब समय आ गया है कि हम विदेशी लेबल्स पर नहीं, बल्कि अपने भारतीय उत्पादों पर गर्व करें। पहनें, इस्तेमाल करें और गर्व से कहें — ‘यह मेरा भारतीय ब्रांड है।’”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्ची आत्मनिर्भरता भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता में छिपी है —
“जब ‘मेड इन इंडिया’ गुणवत्ता और भरोसे का प्रतीक बन जाएगा, तभी भारत सच्चे अर्थों में विश्वगुरु कहलाने का अधिकारी बनेगा।”
उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा:
“जब पूरी दुनिया थम गई थी, तब भारत ने न केवल अपनी ज़रूरतें पूरी कीं बल्कि दूसरे देशों की मदद करके आत्मनिर्भरता का अद्भुत उदाहरण पेश किया।”
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि दिल्ली सरकार राजधानी के हर ज़िले में ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ की तर्ज़ पर स्थानीय उद्योगों, शिल्प और उत्पादों को बढ़ावा देगी ताकि दिल्ली की अपनी एक औद्योगिक पहचान बन सके और यहां के ब्रांड्स को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान मिले।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा “इस दिवाली स्वदेशी उत्पादों की खरीद न केवल अर्थव्यवस्था को मज़बूती देगी, बल्कि यह देशभक्ति की भावना को भी मजबूत करेगी। स्वदेशी अपनाना ही सच्चे अर्थों में देशसेवा है। आइए, दिल्ली को स्वदेशी उत्पादों के प्रकाश से जगमगाएं।”
मुख्यमंत्री ने डीएसआईआईडीसी, उद्योग विभाग और आयोजन टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी और कहा कि दिल्ली सरकार स्थानीय उद्योगों को प्रोत्साहन देने और रोज़गार के अवसर बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने अपने संबोधन में कहा “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विज़न के अनुरूप, दिल्ली सरकार पूरे शहर में स्वदेशी को बढ़ावा देने का एक मज़बूत अभियान चला रही है। इंडिया गेट पर लगे 100 से ज़्यादा स्टॉल भारत की उद्यमशीलता की ताकत को दर्शा रहे हैं — जिनमें पीएम फूड प्रोसेसिंग योजना के तहत 11 उद्यम, तिहाड़ जेल की दो इकाइयां, स्वयं सहायता समूह और देशभर के कारीगर शामिल हैं — सभी स्वदेशी अपनाने के संकल्प को जीवंत कर रहे हैं।”
मंत्री श्री सिरसा ने आगे कहा “आज दिल्ली में लोग ख़रीदारी से पहले पूछ रहे हैं — क्या ये स्वदेशी उत्पाद कोहै? यह बदलाव एक नई राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक है। स्वदेशी अपनाकर नागरिक न केवल भारत की अर्थव्यवस्था को मज़बूत कर रहे हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की भावना को भी सशक्त बना रहे हैं। आने वाले एक वर्ष में इस आंदोलन का असर भारत के निर्यात और उद्योग जगत के आत्मविश्वास में साफ़ दिखेगा।”
स्वदेशी उत्सव 2025 में शामिल हैं:
* 100 प्रदर्शन स्टॉल — एमएसएमई, शिल्पकारों, महिला उद्यमियों, एसएचजी, ओडीओपी निर्यातकों और एससी/एसटी उद्यमियों के लिए।
* पारंपरिक भारतीय व्यंजनों के साथ फूड कोर्ट।
* भारत की कला और संस्कृति को प्रदर्शित करने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम।
* सीआईआई, एसोचैम, फिक्की, सिडबी, और चैंबर ऑफ़ इंडियन एमएसएमई जैसे उद्योग संगठनों के विशेषज्ञों के साथ संवाद सत्र।
उद्योग विभाग और डीएसआईआईडीसी ने सभी नागरिकों और मीडिया प्रतिनिधियों से अपील की है कि वे स्वदेशी उत्सव 2025 में शामिल होकर भारत की आत्मनिर्भर यात्रा का हिस्सा बनें — ‘मेक इन इंडिया, मेड फॉर द वर्ल्ड’ के संकल्प को मज़बूत करें।
