- मल्होत्रा जी की विराट यात्रा को दिल्ली और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं — डा. अनिल अग्रवाल
- विपक्ष का भी सम्मान अर्जित करना और अपनी बातों का लोहा मनवाना कोई मल्होत्रा जी से सिखे — वीरेन्द्र सचदेवामल्होत्रा जी ने मेरे जैसे कई हज़ार कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ाने का काम किया — रेखा गुप्ता*
- मल्होत्रा जी की सरलता, विनम्रता और उनके आदर्श सदैव हमारे लिए प्रेरणा के स्त्रोत रहेंगे — अरूण सिंह
- प्रो. मल्होत्रा के पुत्र अजय मल्होत्रा ने सभी का आभार प्रकट किया।
नई दिल्ली 3 अक्टूबर 25 । दिल्ली जनसंघ एवं भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और दिल्ली के पूर्व मुख्य कार्यकारी पार्षद प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा की पुण्य स्मृति में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा की अध्यक्षता में आज सिविक सेंटर में आयोजित श्रद्धांजली सभा में बड़ी संख्या में भाजपा नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने श्रद्धासुमन अर्पित की।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रमुख डॉक्टर अनिल अग्रवाल, भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह एवं डा. राधा मोहनदास अग्रवाल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा की अध्यक्षता में हुई श्रद्धांजलि सभा को संबोधित किया और प्रोफेसर विजय कुमार मल्होत्रा को श्रद्धा सुमन अर्पित किये।
श्रद्धांजली सभा में उपस्थित केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, भाजपा के राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री महेन्द्र पाडे, सांसद मनोज तिवारी, रामवीर सिंह बिधूड़ी, कमलजीत सहरावत, योगेन्द्र चंदोलिया, बाँसुरी स्वराज, संगठन महामंत्री पवन राणा, प्रदेश महामंत्री विष्णु मित्तल, महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डा. हर्षवर्धन, सतीश उपाध्याय एवं शलि सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, प्रदेश मुख्य टीम के साथ ही मोर्चां एवं प्रकोष्ठों के अध्यक्षों सहित प्रो. मल्होत्रा परिवार के अनेक सदस्य उपस्थित थे। श्रद्धांजली सभा के मंच का संचालन राजीव बब्बर ने किया।
सभा के अंत में प्रो. मल्होत्रा के पुत्र अजय मल्होत्रा ने सभी का आभार प्रकट किया।
केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि बहुत दुखदायी लगता है जब किसी के नाम को हम स्वर्गीय कहकर पुकारें। मल्होत्रा जी का लंबा राजनीतिक अनुभव और उनकी राजनीति समझ इस बात की साक्षी है कि उन्होंने दिल्ली में ही नहीं बल्कि देश भर में भाजपा को एक नई दिशा दी। उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि जब जम्मू कश्मीर एक विशेष दर्जा प्राप्त प्रदेश हो गया था, तब हम उसके लिए सहमत नहीं थे और दिल्ली में इसके लिए एक्टिव रुप से मल्होत्रा ने पार्टी को संगठीत करने का काम किया था।
मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि मल्होत्रा ने संघ में, जनसंघ में, भाजपा में, और विद्यार्थी परिषद के अलावा खेलो में भी कई खिलाड़ियों को प्रेरणा देने का काम किया। मुझे भी सौभाग्य मिला और आखिर बार जब सदैव अटल स्थान पर मिले तो केन्द्र के अनुभवों के बारे में उन्होंने लंबी चर्चा की। वे गणित के बहुत ज्ञाता थे। यानि जीवन के किसी भी पहलुओं से अगर उनपर चर्चा करनी है तो वह हर पहलुओं के ज्ञानी व्यक्तित्व के धनी व्यक्तियों में से एक है। केन्द्र सरकार की ओर से मैं उनका श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के प्रांत प्रचारक डॉ अनिल अग्रवाल ने डॉ मल्होत्रा को याद करते हुए कहा कि उनका हमारे बीच से जाना सिर्फ उनके परिवार के लिए ही नहीं बल्कि हमारे समाज के लिए भी एक अपूर्णीय क्षति है। वे सादगी, ईमानदारी और सेवा भाव के नाम के प्रतिक थे। वे हमेशा ही सभी के सुख दुख के सहभागी बने और उनका सहज व्यवहार और मृदभाषी और सरलता सबके हृदय के नीकट लाती थी।
डा. अनिल अग्रवाल ने कहा कि जब देश में स्वधिनता का समय चल रहा था उस वक्त कैंप अटैंड कर रहे थे और उन्हें लाहौर जाने को बोला गया साथ ही जो हिंदू विस्थापित हो रहे थे उनके रहने खाने की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी दी गई। एक कर्मठ संघ सेवक के नाते उन्होंने कई दायित्वों का निर्वहन किया। उनकी विराट यात्रा को दिल्ली और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।
वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि अनुशासन, धैर्य और संयम का क्या महत्व है वह मल्होत्रा से सीखना चाहिए और जो कह दिया उसपर अडिग रहना भी उनसे सीखना चाहिए। हर व्यक्ति अपने काम से ही महान बनता है। जितना सम्मान मल्होत्रा को विपक्ष के नेताओं द्वारा मिला है वह किसी अन्य नेताओं को शायद ही मिला होगा। विपक्ष द्वारा भी सम्मान अर्जित करना और अपनी बातों का लोहा मनवाना कोई मल्होत्रा से सिखे।
उन्होंने कहा कि मैंने उनको नजदीक से तब जाना जब उन्होंने 1980 में चुनाव लड़ा और उसका मीडिया का काम मुझे दिया। उनके साथ बिताए 16-18 घंटे प्रति दिन काम करना मेरे जीवन का सबसे सौभाग्यशाली और कीमती वक्त था। आज ऐसा लग रहा है कि मेरे सिर से एक साया उठ गया है।
सचदेवा ने कहा कि मल्होत्रा को देश में आर्चरी की शुरुवात करने का मौक़ा मिला और उन्होंने आर्चरी को सिर्फ़ भारत में ही नहीं एशिया में भी प्रचारित कर स्थापित करने का काम किया।
उन्होंने कहा कि जब कुछ दिन पहले ही मैं स्वयं राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा के साथ उनसे मुलाकात करने गया तो उनके चेहरे की मुस्कान बता रही थी कि भाजपा के वर्तमान संगठन से वह बेहद खुश हैं।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह एक शोकसभा नहीं बल्कि एक प्रेरणा सभा है और उस ओजस्वी नेता की है जिन्होंने मेरे जैसे कई हज़ार कार्यकर्ताओं को सिर्फ़ प्रेरणा ही नहीं बल्कि उन्होंने उसे आगे बढ़ाने का काम किया है। वह हर कार्यकर्ता को उसके द्वारा किए गए कार्य के लिए शब्बासी देते थे। मुझे भी सौभाग्य प्राप्त हुआ जब मैं निगम पार्षद थी और उन्होंने मुझे फोन कर बधाई दी थी।
रेखा गुप्ता ने कहा कि आज अगर दिल्ली के किसी विकास कार्य की नींव उठाकर देखेंगे तो उसमें मल्होत्रा का नाम लिखा होगा। जिन्होंने भाजपा की दिल्ली में नींव रखी और आज जिनके संघर्षों के कारण भाजपा सत्ता में आई है अगर वह ऐक्टिव राजनीति में होते तो शायद हमें इतना संघर्ष ही ना करना पड़ता।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कहा कि विजय कुमार मल्होत्रा हमारे बीच नहीं रहे लेकिन उनकी सरलता, विनम्रता और उनके आदर्श सदैव हमारे लिए प्रेरणा के स्त्रोत रहेंगे। अटल स्मृति न्यास के वे अध्यक्ष थे तो उनसे मेरा हमेशा मिलना होता था और जब भी कार्यक्रम होता था तो उसकी विस्तृत जानकारी लेते थे और साथ ही सुझाव भी देते थे।
