लेह हिंसा-वांगचुक की पत्नी की SC में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका

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नई दिल्ली, 3 अक्तूबर 2025 । लेह में हाल ही में हुई हिंसा के मामले में वांगचुक की पत्नी ने सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण (Habeas Corpus) याचिका दायर की है। याचिका में उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पति वांगचुक को न्यायिक प्रक्रिया और कानूनी अधिकारों के बिना हिरासत में रखा गया है और उन्हें उचित कानूनी सुरक्षा नहीं दी जा रही।

सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने अपने पति की रिहाई की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। गीतांजलि जे अंगमो ने वांगचुक को तुरंत रिहा करने की मांग करते हुए हेबियस कार्पस (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका लगाई है।

डॉ. अंगमो ने 2 अक्टूबर को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की। उन्होंने दावा किया कि उनके पति की गिरफ्तारी अवैध है।

वांगचुक फिलहाल जोधपुर की जेल में हैं, उन्हें 24 सितंबर को लेह हिंसा भड़काने के आरोप में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत 26 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। हिंसा में 4 लोग मारे गए थे।

सोनम के अलावा लेह की स्थानीय जेल में बंद 56 आंदोलनकारियों में से 26 को 2 अक्टूबर को छोड़ दिया गया। इन पर गंभीर धाराएं नहीं थीं। 30 लोग अभी जेल में हैं।

वांगचुक के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने के फैसले पर भी सवाल उठाया है। अंगमो का आरोप है कि उन्हें अभी तक हिरासत आदेश की कॉपी नहीं मिली है, जो नियमों का उल्लंघन है।

लेह में 9 दिन बाद कर्फ्यू में ढील, स्कूल खुले

लेह में लद्दाख प्रशासन के कर्फ्यू में ढील दिए जाने के बाद लोगों के रोजमर्रा के काम फिर से शुरू हो गए हैं। ढील के तहत दुकानों को सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खोलने की अनुमति दी गई। स्कूल कई दिनों के बंद रहने के बाद फिर से खुल गए हैं। लेह डीएम ने मिनी बसों और बाकी पब्लिक ट्रांसपोर्ट को भी 9 दिनों के बाद फिर से शुरू करने की परमिशन दे दी है।

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