करूर भगदड़- CBI जांच की मांग वाली याचिकाएं खारिज

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नई दिल्ली, 3 अक्तूबर 2025 । केरल के करूर में हुई भगदड़ मामले में राज्य के उच्च न्यायालय ने CBI जांच की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया है। याचिकाकर्ताओं का दावा था कि घटना की वास्तविकता और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच के लिए केंद्रीय एजेंसी की आवश्यकता है। लेकिन अदालत ने कहा कि वर्तमान जांच राज्य पुलिस और अन्य संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी ढंग से की जा रही है और फिलहाल केंद्रीय जांच की आवश्यकता नहीं है।

मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै बेंच शुक्रवार को करूर भगदड़ से जुड़े मामले की सुनवाई की। जहां कोर्ट ने सीबीआई जांच की मांग वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया। वहीं, अतिरिक्त मुआवजा राशि की मांग वाली याचिका पर स्टालिन सरकार को नोटिस जारी किया है।

कोर्ट ने कहा- याचिकाकर्ता कोई पीड़ित नहीं, बल्कि एक पार्टी का नेता है। किसी एक व्यक्ति ने गलती की है, इसका मतलब यह नहीं कि पूरी जांच ही खत्म हो जाएगी। उन लोगों के बारे में सोचें जिन्होंने अपनी जान गंवाई।अगर कोई पीड़ित हमारे पास आता है तो हम उसकी मदद के लिए आएंगे।

दरअसल, तमिलनाडु के करूर में 27 सितंबर को एक्टर विजय की रैली में भगदड़ मची थी। जिसमें 41 लोग मारे गए थे और 100 से ज्यादा घायल हुए थे।

इस मामले से जुड़ी 7 जनहित याचिकाएं जस्टिस एम. धंदपानी और जस्टिस एम. जोतिरमन की दशहरा वेकेशन बेंच में लिस्ट की गईं थीं। अगली सुनवाई 16 अक्टूबर को होगी।

मद्रास हाईकोर्ट के जस्टिस एन सेंथिल वी कुमार ने टीवीके नमक्कल जिला सचिव एन सतीश कुमार की अग्रिम जमानत की मांग वाली याचिका भी खारिज कर दी।

सुनवाई के दौरान उन्होंने पूछा कि विजय के रोड शो के दौरान पार्टी भीड़, कार्यकर्ताओं के अनियंत्रित व्यवहार, उत्पात और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने पर कंट्रोल क्यों नहीं कर सकी।

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