लद्दाख ।27 सितम्बर 25 । लद्दाख पुलिस के महानिदेशक (DGP) ने हाल ही में एक विवादित बयान देते हुए कहा कि गिरफ्तार सामाजिक कार्यकर्ता और पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक पाकिस्तानी जासूसों के संपर्क में थे। DGP ने यह जानकारी सुरक्षा जांच और इन्टेलिजेंस रिपोर्ट्स के आधार पर साझा की।
सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को लेकर लद्दाख के DGP एसडी सिंह जामवाल ने कहा कि, वांगचुक का पाकिस्तान इंटेलीजेंस ऑपरेटिव (PIO) के एक सदस्य से संपर्क था। PIO मेंबर को पुलिस ने कुछ दिनों पहले ही पकड़ा था। वह जरूरी जानकारी पाकिस्तान भेज रहा था। हमारे पास इसका रिकॉर्ड है।
वांगचुक को शुक्रवार दोपहर पुलिस ने उनके गांव उल्याकटोपो से गिरफ्तार किया था। उन्हें एयरलिफ्ट कर राजस्थान की जोधपुर सेंट्रल जेल भेजा गया। वांगचुक पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगाया गया है, जिसके तहत लंबे समय तक बिना जमानत हिरासत में रखा जा सकता है।
सरकार ने वांगचुक को लेह में 24 सितंबर को हुई हिंसा का जिम्मेदार बताया था। इस हिंसा में 4 युवकों की मौत हुई थी और 80 लोग घायल हुए थे, जिनमें 40 पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। अब तक 60 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
लेह में हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं। लगातार चौथे दिन कर्फ्यू लगा है और स्कूल-कॉलेज बंद हैं। एहतियातन प्रशासन ने मोबाइल इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी है। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा मिले और इसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किया जाए।
