लश्कर डिप्टी चीफ बोला- हिंदुस्तान और हिंदुओं का सफाया होगा

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इस्लामाबाद । 26 सितम्बर 25 । हाल ही में आतंकवाद की दुनिया से एक गंभीर और चिंताजनक खबर सामने आई है। लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी चीफ ने सार्वजनिक बयान में भारत और भारतीय हिंदुओं के खिलाफ हिंसक और भयभीत करने वाला संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य “हिंदुस्तान और हिंदुओं का सफाया करना” है। यह बयान न केवल भारत के सुरक्षा एजेंसियों के लिए अलर्ट का संकेत है, बल्कि पूरे देश में चिंता और सतर्कता बढ़ाने वाला है।

इस बयान के बाद भारतीय खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) और गृह मंत्रालय ने उच्च स्तर की बैठकें आयोजित कर खतरों का आकलन करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा, सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) और राज्य पुलिस बलों को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का डिप्टी चीफ सैफुल्लाह कसूरी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो भारत से हिंदुओं का सफाया करने की धमकी देता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ये वीडियो 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले से पहले का है। कसूरी इस हमले के मास्टरमाइंड में से एक है।

वीडियो में वह कहता है, “हमारे काफिले न रुकेंगे, न थमेंगे और तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक पूरे हिंदुस्तान पर ‘ला इलाहा इलल्लाह’ (अल्लाह के अलावा कोई दूसरा नहीं) के परचम लहरा नहीं देते।”

कसूरी आगे कहता है, “ये वक्त आने वाला है, कोई नाउम्मीदी नहीं। हम जिस मैदान में खड़े हुए हैं, अपने दुश्मन को चारो खाने चित्त किया है। ये हिंदू हमारे सामने क्या है। हिंदुस्तान का हिंदू मिट जाएगा और इस्लाम का राज आने वाला है। “

कसूरी वीडियो में कहता है कि ये भाषण वो लश्कर के मुरीदके हेडक्वार्टर से दे रहा है। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान लश्कर के इस हेडक्वार्टर पर हमला बोला था। बाद में पाकिस्तानी सेना ने झूठा दावा किया था कि यह आतंकवादी अड्डा नहीं, बल्कि एक मस्जिद है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि लश्कर जैसी आतंकवादी संगठन की रणनीति अक्सर डर और हिंसा फैलाकर राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता पैदा करने की होती है। ऐसे बयान केवल देशवासियों में भय पैदा करने का साधन नहीं होते, बल्कि यह संकेत भी देते हैं कि संगठन किसी समय बड़े हमले की योजना बना सकता है। इसलिए सुरक्षा एजेंसियां संभावित खतरों के खिलाफ तैयारियों को बढ़ा रही हैं।

साथ ही, यह बयान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी गंभीर चिंता का विषय है। भारत ने पिछले कई वर्षों में आतंकवाद के खिलाफ सख्त नीति अपनाई है और ऐसे बयान वैश्विक मंच पर आतंकवाद के प्रति भारत की सतर्कता और कार्रवाई की मजबूती को दर्शाते हैं। भारत ने पहले भी इन संगठनों पर प्रभावी कार्रवाई कर उन्हें कमजोर किया है, और इस बार भी सुरक्षा एजेंसियों की निगाहें इस संगठन पर टिकी हैं।

देशवासियों के लिए भी यह चेतावनी है कि उन्हें सतर्क रहना होगा और किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस या नोडल अधिकारियों को देनी चाहिए। यह स्थिति यह दर्शाती है कि आतंकवाद केवल सीमा पार की समस्या नहीं है, बल्कि इसकी रोकथाम के लिए पूरी तरह से देशव्यापी तैयारी और सहयोग की जरूरत है।

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