अहमदाबाद प्लेन क्रैश- अमेरिका में बोइंग-हनीवेल कंपनियों पर केस

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वाशिंगटन  , 18 सितम्बर 2025 : अहमदाबाद में हुए भीषण प्लेन क्रैश की गूंज अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँच गई है। हादसे में कई लोगों की मौत और घायल होने के बाद पीड़ित परिवारों ने अमेरिका की दो बड़ी एयरोस्पेस कंपनियों — बोइंग और हनीवेल — के खिलाफ केस दर्ज किया है। यह मामला विमानन सुरक्षा और वैश्विक कंपनियों की जिम्मेदारी पर गहरी बहस छेड़ रहा है।

अहमदाबाद प्लेन क्रैश में मारे गए 4 यात्रियों के परिवारों ने अब अमेरिका में विमान बनाने वाली कंपनी बोइंग और उसके पुर्जे बनाने वाली कंपनी हनीवेल के खिलाफ मुकदमा दायर किया है।

BBC की रिपोर्ट के मुताबिक, परिवारों का आरोप है कि दोनों कंपनियों की लापरवाही की वजह से यह हादसा हुआ। यह मुकदमा टेक्सास की लैनियर लॉ फर्म के जरिए दायर किया गया है।

इसमें कहा गया है कि विमान में लगे ईंधन स्विच में खराबी थी और यही हादसा की वजह बना। परिवारों का आरोप है कि बोइंग और हनीवेल इन खतरों के बारे में पहले से जानते थे, लेकिन उन्होंने इस पर कोई एक्शन नहीं लिया।

एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर 12 जून को अहमदाबाद से उड़ान भरकर लंदन के गैटविक हवाई अड्डा जा रहा था।। टेकऑफ के कुछ ही देर बाद यह एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गया था। इसमें 270 लोगों की मौत हो गई थी। इसमें 60 विदेशी यात्री शामिल थे।

बोइंग ने कोई टिप्पणी नहीं की

बोइंग ने इस मुकदमे पर कोई टिप्पणी नहीं की है। उसने सिर्फ इतना कहा कि भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की शुरुआती रिपोर्ट इस मामले पर जानकारी देती है।

हनीवेल से भी BBC ने संपर्क किया, लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया। फिलहाल हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट 2026 में आने की उम्मीद है। इस दुर्घटना में विमान में सवार 229 यात्री, 12 क्रू सदस्य और जमीन पर मौजूद 19 लोग मारे गए थे।

इंजन में फ्यूल सप्लाई बंद होने से हादसा हुआ था

शुरुआती जांच में पता चला है कि विमान के इंजनों तक फ्यूल की सप्लाई अचानक बंद हो गई थी। जांचकर्ताओं ने पाया कि ईंधन स्विच ‘रन’ से ‘कट-ऑफ’ पर चला गया था। पायलट ने 10 सेकेंड बाद दोबारा इन्हें चालू किया, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी।

इसकी वजह से इंजनों तक ईंधन पहुंचना रुक गया और विमान को उड़ते रहने के लिए जो ताकत (थ्रस्ट) चाहिए थी, वह पूरी तरह खत्म हो गई।परिवारों का कहना है कि यह डिजाइन की खामी थी।

उनके मुताबिक, स्विच की वजह से अनजाने में ईंधन की आपूर्ति बंद हो सकती थी और यही इस हादसे की जड़ थी। उन्होंने बोइंग और हनीवेल पर आरोप लगाया कि उन्होंने इस समस्या को ठीक करने या रोकने के लिए कुछ नहीं किया।

कॉकपिट की रिकॉर्डिंग से पता चला था कि एक पायलट ने दूसरे से पूछा था कि क्या तुमने स्विच बंद किया है? दूसरे ने जवाब दिया, नहीं। रिपोर्ट में ये भी सामने आया है कि उड़ान से पहले फ्लाइट के एक सेंसर में परेशानी थी जिसे ठीक किया गया।

हादसे के 4 हफ्ते पहले स्विच चेक करने की चेतावनी मिली थी

बोइंग विमानों के रखरखाव को लेकर ब्रिटेन की सिविल एविएशन अथॉरिटी (CAA) ने अहमदाबाद प्लेन क्रैश के चार हफ्ते पहले बोइंग विमानों के फ्यूल कंट्रोल स्विच को लेकर को लेकर अलर्ट जारी किया था।

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