- बचपन से राष्ट्र नेतृत्व तक “न्यू इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” के विज़न को विजेंद्र गुप्ता ने बताया परिवर्तनकारी
- 2 अक्टूबर तक आम जनता के लिए खुली रहेगी प्रदर्शनी
- पीएम के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत दिल्ली विधान सभा में कल किया जाएगा वृक्षारोपण
नई दिल्ली,। 17 सितम्बर 2025 । केंद्रीय राज्य एवं सड़क परिवहन मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने दिल्ली विधानसभा में विशेष प्रदर्शनी “सेवा ही संकल्प, राष्ट्र प्रथम ही प्रेरणा–75 वर्ष अनुभूति और प्रदर्शनी, ” का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शनी हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 75वें जन्मदिवस पर उनके जीवन, विचार और कार्यों को सम्मानित करने का एक सार्थक प्रयास है। प्रदर्शनी में प्रधानमंत्री की प्रेरक यात्रा—साधारण शुरुआत से लेकर वैश्विक नेतृत्व तक—के साथ-साथ उनके द्वारा शुरू की गई महत्वपूर्ण पहलें जैसे आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया, स्वच्छ भारत अभियान, वोकल फॉर लोकल और मेक इन इंडिया को भी प्रदर्शित किया गया है।इस अवसर पर दिल्ली विधानसभा के उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट,राष्ट्रीय महामंत्री सुनील बंसल, मुख्य सचेतक अभय वर्मा एवं अन्य विधायकगण उपस्थित थे।

मल्होत्रा ने कहा कि यह प्रदर्शनी हर नागरिक को सेवा, नवीन कार्यों और समर्पण के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित करती है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री के बचपन पर आधारित शॉर्ट फिल्म “चलो जीतें हैं” की विशेष स्क्रीनिंग भी की गई, जिसने प्रधानमंत्री के आजीवन राष्ट्रसेवा के संकल्प को रेखांकित किया।
विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 75वें जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और कहा कि यह प्रदर्शनी प्रधानमंत्री के संघर्ष, उपलब्धियों और वैश्विक पहचान को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि यह प्रदर्शनी 2 अक्टूबर 2025 तक आम जनता के लिए खुली रहेगी, ताकि नागरिक प्रधानमंत्री के विज़न और समर्पण से प्रेरणा ले सकें।
गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नेतृत्व केवल योजनाओं के पैमाने पर ही नहीं, बल्कि उनके नैतिक संकल्प और “प्रधान सेवक” की भावना पर आधारित है। न्यू इंडिया का उनका विज़न आज हर भारतीय में आत्मविश्वास भर रहा है—एक ऐसा भारत जो अपनी परंपरा पर गर्व करता है और आधुनिकता व प्रगति की ओर बढ़ रहा है।
गुप्ता ने आगे कहा कि मेक इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल जैसी पहल ने युवाओं और उद्यमियों को प्रेरित किया है, जबकि आत्मनिर्भर भारत ने राष्ट्र को आत्मविश्वास और मजबूती दी है। चाहे रक्षा उत्पादन हो, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल तकनीकें या वैक्सीन निर्माण—भारत ने दुनिया को दिखाया है कि आत्मनिर्भरता केवल आत्मरक्षा नहीं, बल्कि मानवता के प्रति योगदान भी है।
विधान सभा अध्यक्ष गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री का सेवाभाव और समर्पण आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने आह्वान किया कि प्रधानमंत्री के आदर्श—आत्मनिर्भर भारत, वोकल फॉर लोकल, न्यू इंडिया और विकसित भारत 2047—सिर्फ सपने न रहकर ठोस कार्यों में बदलें। उन्होंने नागरिकों से एकजुट होकर लोकतंत्र और राष्ट्र को आगे ले जाने का संकल्प लेने के लिए कहा।
गुप्ता ने आगे जानकारी दी कि प्रधानमंत्री के “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत कल दिल्ली विधानसभा परिसर में वृक्षारोपण किया जाएगा, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए विकास, स्थिरता और जिम्मेदारी का प्रतीक होगा।
