- इंजीनियर्स डे पर सीएम ने दी भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि
- सिविक सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में देशभर के 32 इंजीनियरों को सम्मानित किया गया
नई दिल्ली,। 15 सितम्बर 2025 । दिल्ली इंजीनियर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित इंजीनियर्स डे कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भागीदारी की और महान अभियंता भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया जी को श्रद्धांजलि अर्पित की। आज दिल्ली नगर निगम के मुख्यालय सिविक सेंटर स्थित केदारनाथ साहनी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपने विचार साझा किए और कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में हमारी सरकार दिल्ली में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल इनोवेशन और स्किल डेवेलपमेंट योजनाओं पर कार्य कर रही है, ताकि हमारे युवा इंजीनियरों को अवसर मिले और दिल्ली देश की प्रगति का मार्गदर्शक बने। इंजीनियर्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में दिल्ली एवं देश के 32 इंजीनियरों को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर दिल्ली के मेयर राजा इकबाल सिंह, मालवीय नगर के विधायक सतीश उपाध्याय, दिल्ली नगर निगम की स्थाई समिति अध्यक्ष सत्या शर्मा, नेता सदन प्रवेश वाही एवं निगमायुक्त अश्वनी कुमार सहित कई गणमान्यजन उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने उपस्थित इंजीनियर्स को संबोधित करते हुए कहा कि आज इंजीनियर्स डे केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि हमारे लिए संकल्प का दिन है। दिल्ली और देश का भविष्य हमारे इंजीनियर्स की मेहनत, क्रिएटिविटी और प्रतिबद्धता पर टिका है। उन्होंने दिल्ली नगर निगम और विभिन्न विभागों में इंजीनियर्स के योगदान को याद करते हुए कहा कि इंजीनियर किसी भी शहर की रफ्तार और पहचान होते हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में 27 वर्षों से अटके हुए कई प्रोजेक्ट्स को पूरा करना अब हमारी साझा जिम्मेदारी है। चाहे नई सड़कों का निर्माण हो, अस्पतालों और कॉलेजों की आधुनिक बिल्डिंग्स, फ्लाईओवर, आईएसबीटी, ऑडिटोरियम या नई तकनीक से लैस इन्फ्रास्ट्रक्चर हर काम तभी संभव होगा जब इंजीनियर्स अपने पूरे मनोबल और रचनात्मकता से आगे बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इंजीनियरिंग की शक्ति को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारे देश के इंजीनियर्स ने सरदार पटेल की विश्व की सबसे ऊंची प्रतिमा से लेकर चिनाब ब्रिज और अटल सेतु जैसे प्रोजेक्ट्स बनाकर दुनिया में भारत की इंजीनियरिंग क्षमता का डंका बजाया है। यही सोच और जुनून दिल्ली में भी चाहिए। मुख्यमंत्री ने इंजीनियर्स से आह्वान किया कि वे नई सोच और इनोवेशन को आगे लाएं। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार पीडब्ल्यूडी का अपना इंजीनियरिंग कैडर लाने की दिशा में भी काम कर रही है ताकि नई नियुक्तियां हों और विभाग को नई ऊर्जा मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यदि भारत 5जी, माइक्रोचिप्स, सेमीकंडक्टर्स और इसरो की ऊचाइयों को छू रहा है तो वह हमारे इंजीनियर्स की वजह से ही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इंजीनियरों की समस्याओं का हल करना सरकार की जिम्मेदारी है और दिल्ली को विश्वस्तरीय पहचान दिलाना आपकी जिम्मेदारी है। मिलकर हम विकसित भारत के साथ विकसित दिल्ली का सपना साकार करेंगे।
