एनर्जी प्रयोगशाला भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में एक मील का पत्थर साबित होगी – आशीष सूद

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  • उन्होंने DTU में योगी गोस्वामी क्लीन एनर्जी प्रयोगशाला का उद्घाटन एवं डीटीयू इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन फाउंडेशन का भ्रमण

नई दिल्ली । 8 सितम्बर 25 । दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में योगी गोस्वामी क्लीन एनर्जी प्रयोगशाला का उद्घाटन शिक्षा एवं ऊर्जा मंत्री, दिल्ली सरकार, आशीष सूद द्वारा किया गया। यह प्रयोगशाला दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में ऊर्जा संक्रमण में नोडल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के अंतर्गत प्रो. योगी गोस्वामी (क्लास ऑफ 1969), दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित पूर्व छात्र के उदार योगदान से स्थापित की गई है।


इस अवसर पर प्रो. योगी गोस्वामी (क्लास ऑफ 1969), डॉ. डी.डी. अग्रवाल (क्लास ऑफ 1967), अंजली सहारावत, निदेशक, डी. टी. टी. ई., प्रो. प्रतीक शर्मा, कुलपति, दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, प्रो. नरेंद्र कुमार, रजिस्ट्रार, दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय तथा प्रो. विशाल वर्मा, निदेशक, एन. सी. ई. ई. टी. उपस्थित रहे।
शिक्षा एवं ऊर्जा मंत्री, दिल्ली सरकार, आशीष सूद ने दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (DTU) में योगी गोस्वामी क्लीन एनर्जी प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। उन्होंने इसे भारत की स्वच्छ ऊर्जा यात्रा में एक मील का पत्थर तथा देश की आत्मनिर्भरता के विज़न का प्रतीक बताया। इस अवसर पर मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत द्वारा स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में प्राप्त उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत ने वर्ष 2030 के लिए निर्धारित 50% स्वच्छ ऊर्जा हिस्सेदारी का लक्ष्य वर्ष 2025 में ही प्राप्त कर लिया है, अर्थात पाँच वर्ष पूर्व। जून 2025 में देश की कुल विद्युत उत्पादन में 31% योगदान स्वच्छ स्रोतों से आया, जबकि कोयले पर निर्भरता 3% कम हुई। भारत की स्थापित गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता अब 224.8 गीगावॉट तक पहुँच चुकी है, जिसमें 117 गीगावॉट सौर ऊर्जा और 51.7 गीगावॉट पवन ऊर्जा शामिल है। पिछले दस वर्षों में सौर ऊर्जा उत्पादन में 4000% की वृद्धि हुई है और वर्ष 2024 में विद्युत क्षेत्र में किए गए कुल निवेश का 83% स्वच्छ ऊर्जा में गया है। मंत्री ने कहा कि DTU की यह क्लीन एनर्जी प्रयोगशाला न केवल विद्यार्थियों को शैक्षणिक उत्कृष्टता दिलाने में सहायक होगी बल्कि ऐसे स्टार्टअप, अनुसंधान और नवाचारों को प्रेरित करेगी जो दिल्ली और उससे आगे तक ऊर्जा उपलब्ध कराने में सक्षम होंगे।

दिल्ली की प्रगति का उल्लेख करते हुए ऊर्जा मंत्री ने बताया कि दिल्ली विधान सभा देश की पहली ऐसी विधानसभा बन गई है जो पूरी तरह सौर ऊर्जा (500 किलोवॉट संयंत्र) से संचालित हो रही है। उन्होंने कहा कि अब छतों पर सौर पैनल लगाने के लिए सब्सिडी ₹10,000 प्रति किलोवॉट तक बढ़ा दी गई है, जो कि केंद्र सरकार की सहायता के अतिरिक्त है, जिससे लोगों के लिए यह स्थापना और अधिक किफायती हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार अब स्कूलों, विशेषकर मुख्यमंत्री स्कूलों में शून्य अपशिष्ट परिसरों का प्रयोग कर रही है ताकि बच्चों को प्रारंभिक स्तर पर ही सतत विकास का प्रशिक्षण दिया जा सके। साथ ही DTU में ऊर्जा संक्रमण हेतु उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना की गई है, जो ई-मोबिलिटी, ऊर्जा भंडारण, ग्रिड इंटरफ़ेस और संरक्षण जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है। माननीय मंत्री ने कहा कि यह प्रयोगशाला केवल शोध तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत की ऊर्जा स्वतंत्रता को आकार देने का प्रयास है। स्वच्छ ऊर्जा कल का सपना नहीं, बल्कि आज की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि DTU के नवाचारों से यह सुनिश्चित होगा कि दिल्ली सतत, जिम्मेदार और भविष्य-तैयार शासन का राष्ट्रीय मानक बने। अपने संबोधन का समापन करते हुए उन्होंने प्रो. योगी गोस्वामी और डी.डी. अग्रवाल के योगदान के लिए आभार व्यक्त किया तथा DTU के छात्रों से आह्वान किया कि वे भारत के स्वच्छ ऊर्जा भविष्य के मशालवाहक बनें।

कुलपति प्रो. प्रतीक शर्मा ने DTU परिवार को बधाई देते हुए कहा कि इंजीनियरों और वैज्ञानिकों की यह जिम्मेदारी है कि वे सतत विकास के लिए शोध करें और समाज को लाभान्वित करने वाले नवाचार अपनाएँ।
प्रो. योगी गोस्वामी ने कहा कि भविष्य सीमित संसाधनों से आगे बढ़कर सतत विकल्पों में है। उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि DTU भारत के शीर्ष विश्वविद्यालयों में गिना जाएगा।


डॉ. दुर्गा दास अग्रवाल, प्रसिद्ध पूर्व छात्र एवं पाइपिंग टेक्नोलॉजी एंड प्रोडक्ट्स (USA) के संस्थापक ने अपनी यात्रा का वर्णन करते हुए छात्रों को परिश्रम, आशा और समाज को लौटाने की प्रेरणा दी। उन्होंने प्रो. गोस्वामी के योगदान की सराहना की और ह्यूस्टन विश्वविद्यालय और DTU के बीच शैक्षणिक संबंधों को बल देने की बात कही।
इस अवसर पर DTU ने मंत्री आशीष सूद को डिस्टिंग्विश्ड सर्विस अवॉर्ड से सम्मानित करने का दुर्लभ गौरव प्राप्त किया। यह सम्मान उन्हें सार्वजनिक सेवा, शिक्षा के अवसरों को बढ़ाने और शहरी बुनियादी ढाँचे के विकास में असाधारण योगदान हेतु प्रदान किया गया।


रजिस्ट्रार प्रो. नरेंद्र कुमार ने माननीय मंत्री आशीष सूद के साथ-साथ प्रो. योगी गोस्वामी और डॉ. दुर्गा दास अग्रवाल का विशेष आभार व्यक्त किया।
अपने दौरे के अंतर्गत माननीय मंत्री ने DTU इनोवेशन एंड इन्क्यूबेशन फाउंडेशन (DTU-IIF) का भी भ्रमण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में हो रहे प्रभावशाली नवाचार और उद्यमशीलता पहलों की प्रशंसा की तथा यह आश्वासन दिया कि दिल्ली सरकार DTU के उभरते हुए युवा उद्यमियों को नवाचार और इन्क्यूबेशन के लिए पूर्ण समर्थन और वित्तपोषण प्रदान करेगी।
योगी गोस्वामी क्लीन एनर्जी प्रयोगशाला का उद्घाटन, DTU की स्वच्छ ऊर्जा अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास और वास्तविक जीवन में क्रियान्वयन की यात्रा में एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक उपलब्धि है।

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