- ग्रीन कॉरिडोर से NH-24–रिंग रोड–DND फ्लाईवे पर घटेगा ट्रैफिक – CEC से मिली मंजूरी
नई दिल्ली । 8 सितंबर 2025 । केंद्रीय सशक्त समिति (CEC) ने बारापुला फेज़-III (Elevated Corridor) के लिए पेड़ संबंधी अंतिम मंजूरी प्रदान कर दी है। इससे लगभग एक दशक से रुकी हुई इस महत्वपूर्ण परियोजना को नई गति मिली है और ईस्ट एवं सेंट्रल दिल्ली में सुरक्षित, सहज व हरित कनेक्टिविटी का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
फेज़-I और II की निरंतरता के रूप में तैयार किया गया फेज़-III, सराय काले खां को मयूर विहार फेज़-I से जोड़ेगा। इसे 2014 में स्वीकृति मिली थी और अप्रैल 2015 में निर्माण कार्य आरंभ हुआ था। शुरुआती अनुमानित लागत ₹964 करोड़ थी, जो अब बढ़कर लगभग ₹1,330 करोड़ हो गई है।

परियोजना की प्रमुख विशेषताएं:
• कुल लंबाई: 3.5 किलोमीटर
• संरचना: पियर-सपोर्टेड एलिवेटेड स्ट्रक्चर व एक्स्ट्राडोस्ड ब्रिज, ताकि यमुना के सक्रिय प्रवाह क्षेत्र में पियर्स की संख्या न्यूनतम रहे
• लेन: प्रत्येक दिशा में 3
• लूप: कुल 8 (सराय काले खां और मयूर विहार में 4-4)
• गैर-मोटराइज्ड ढांचा: साइकिल ट्रैक और फुटपाथ
• लाभ: NH-24, DND फ्लाईवे और रिंग रोड पर जाम में कमी; NCRTC, रेलवे, ISBT, DMRC और दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे तक बेहतर पहुँच
• पर्यावरणीय प्रभाव: लगभग 2 टन प्रतिदिन CO₂ उत्सर्जन में कमी, जो लगभग 30,000 पेड़ों द्वारा अवशोषण के बराबर है
CEC के निर्देशों के अनुरूप पेड़ों का संयुक्त पुनः सर्वेक्षण किया गया, जिसमें PWD और वन विभाग ने जियो-लोकेशन, प्रजाति और गिर्थ संबंधी डेटा इकट्ठा कर योजनाओं में संशोधन किया, ताकि अधिक से अधिक पेड़ संरक्षित किए जा सकें।
आंकड़े इस प्रकार हैं:
• सेंट्रल फ़ॉरेस्ट डिवीजन: कुल 155 पेड़; 10 काटने/सूखने योग्य; 34 प्रत्यारोपित; 111 संरक्षित (107 में हल्की छंटाई आवश्यक)
• साउथ फ़ॉरेस्ट डिवीजन: कुल 178 पेड़; 75 काटने/सूखने योग्य; 53 प्रत्यारोपित; 50 संरक्षित (13 में हल्की छंटाई आवश्यक)
PWD मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि कार्यालय संभालने के बाद से ही मेरा ध्यान इस मंजूरी को हासिल करने पर केंद्रित रहा ताकि दिल्लीवासियों को आवश्यक यातायात राहत मिल सके। संयुक्त सर्वेक्षण और साइट विज़िट के दौरान CEC और वन विभाग द्वारा दिए गए सहयोग और मार्गदर्शन के लिए मैं आभार व्यक्त करता हूँ। हमने पियर प्लेसमेंट को दोबारा इंजीनियर किया, स्पैन को बढ़ाया और छंटाई व प्रत्यारोपण के जरिए अधिकतम पेड़ों को बचाने का प्रयास किया। इस मंजूरी के साथ अब हम शेष कार्य तेजी से पूरा करेंगे और बारापुल्ला फेज़-III को जनता के लिए खोलेंगे—जिससे NH-24, DND और रिंग रोड पर यातायात का दबाव कम होगा और यमुना के बाढ़क्षेत्र की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी। आने वाले एक वर्ष के भीतर यह कॉरिडोर पूरी तरह तैयार होगा और लोग गर्व व सुविधा के साथ इसका उपयोग कर पाएंगे।”

PWD मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि इस परियोजना को उन्होंने व्यक्तिगत रूप से निरंतर मॉनिटर किया और सभी प्रक्रियात्मक, कानूनी और पर्यावरणीय पहलुओं को अंतिम रूप तक पहुँचाया। उनकी सतत नेतृत्व और सक्रिय पहल के चलते ही यह जटिल परियोजना मंजूरी के सभी चरण पार कर सकी।
PWD अब तुरंत वन विभाग की देखरेख में पेड़ों की छंटाई और प्रत्यारोपण कार्य प्रारंभ करेगा तथा मुख्य कैरिजवे, लूप और गैर-मोटराइज्ड ढांचे को पूरा करेगा। परियोजना की प्रगति से संबंधित नियमित अपडेट जारी किए जाएंगे, ताकि दिल्ली धीरे-धीरे एक स्वच्छ, सुरक्षित और सुगम शहरी यातायात व्यवस्था की ओर आगे बढ़ सके।
