- स्पीकर अखिल भारतवर्ष मारवाड़ी फेडरेशन के राष्ट्रीय सम्मेलन में हुए शामिल
- भारत अर्थव्यवस्था विकसित करने में मारवाड़ी समाज का अमूल्य योगदान
नई दिल्ली । 6 सितम्बर ,2025 ।
दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने नई दिल्ली के छतरपुर स्थित अध्यात्म साधना केंद्र में आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतवर्षीय मारवाड़ी सम्मेलन के 28वें राष्ट्रीय सम्मेलन में कहा कि मारवाड़ी समाज ने देश के विभिन्न हिस्सों में ट्रेड और कॉमर्स के माध्यम से भारत की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ किया है और जिन विदेशी देशों में वे प्रवासी हैं, वहां भी खुशहाली के नए युग का प्रारंभ किया है। उन्होंने मारवाड़ी समाज से देश को विकसित राष्ट्र के निर्माण और भारत को विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।

अपने संबोधन में अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि 19 वीं शताब्दी में दिल्ली ,पंजाब ,जयपुर और बीकानेर के राजाओं ने अपने राज्यों में आर्थिक समृद्धि के लिए मारवाड़ी समुदाय को अनेक रियायतें देकर निवेश के लिए आमंत्रित किया, वे जानते थे कि मारवाड़ियों के बिना उनके राज्य में आर्थिक सम्पन्नता नहीं आ सकती। मारवाड़ी ईमानदारी का व्यवसाय करते हैं और अपनी संस्कृति और मूल्यों के प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। मारवाड़ी समुदाय के लोग जहां भी बसे उन्होंने वहां पूरे समाज का उत्थान किया है। वर्ष 1911 में बंगाल में 11,000 मारवाड़ी बसे थे और उन्होंने मुम्बई और हैदराबाद में कालीन उद्योग में गहरी पकड़ स्थापित की ।मारवाड़ी समाज ने आर्थिक संपन्नता के साथ साथ समाज सेवा के क्षेत्र में भी अमिट छाप छोड़ी है । साथ ही उन्होंने अस्पताल, स्कूल, सहित समाज कल्याण के लिए अनेक संस्थानों की स्थापना की जिससे समाज के सभी वर्गों को फायदा मिला।

गुप्ता ने 2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य है विकसित भारत का निर्माण, और इस दिशा में मारवाड़ी समाज जैसी अनुशासित और दूरदर्शी समुदाय की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज भारत आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है, और इस यात्रा में स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देकर, लघु उद्योगों का सहारा बनकर, हरित उद्योगों और डिजिटल नवाचार को अपनाकर मारवाड़ी समाज एक बार फिर भारत के आर्थिक नेतृत्व में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।” उन्होंने कहा कि यह समय है कि पारंपरिक व्यापारिक कौशल को आधुनिक तकनीक और नवाचार के साथ जोड़ा जाए, ताकि भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाया जा सके।
अध्यक्ष ने मारवाड़ी समाज के युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा, “आपकी विरासत केवल संपत्ति नहीं, बल्कि मूल्य भी है। आपके पूर्वजों ने ऐसे संस्थान खड़े किए, जो आज भी शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवा के स्तंभ बने हुए हैं। अब आपकी जिम्मेदारी है कि इस धरोहर को तकनीक, सतत विकास, सामाजिक उद्यमशीलता और वैश्विक व्यापार जैसे नए क्षेत्रों में आगे बढ़ाएँ।” उन्होंने कहा कि युवाओं के उपक्रम केवल लाभ के लिए नहीं, बल्कि जलवायु परिवर्तन, ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और स्वास्थ्य जैसी राष्ट्रीय चुनौतियों का समाधान भी प्रस्तुत करें। ऐसा करके, आप न केवल अपने पूर्वजों का सम्मान करेंगे, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के सपने को साकार करने में भी अहम योगदान देंगे।

मारवाड़ी सम्मेलन की सराहना करते हुए माननीय अध्यक्ष ने कहा, “यह सम्मेलन केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि प्रेरणा का स्रोत है। यह हमें समाज और राष्ट्र के प्रति हमारी साझा जिम्मेदारियों की याद दिलाता है। यह न केवल सामुदायिक बंधन को सुदृढ़ करता है, बल्कि राष्ट्रीय एकता को भी मजबूत बनाता है।” उन्होंने कहा कि भारत की प्रगति उसकी विविध समुदायों की सामूहिक शक्ति पर आधारित है, और मारवाड़ी समाज इसमें एक महत्वपूर्ण और विशिष्ट योगदान देता है।
गुप्ता ने मारवाड़ी समाज को भारत की प्रगति में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए नमन करते हुए कहा कि 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में इस समाज की भूमिका अहम होगी। उन्होंने आह्वान किया कि इस समृद्ध धरोहर को और अधिक संकल्प और ऊर्जा के साथ आगे बढ़ाते हुए एक ऐसे राष्ट्र का निर्माण करें जो समृद्ध, आत्मनिर्भर, संवेदनशील और एकजुट हो। गुप्ता ने विश्वास व्यक्त किया कि मारवाड़ी समाज सदा उद्यम, सेवा और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बना रहेगा तथा यह सम्मेलन आत्मनिर्भर और विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने की दिशा में नई प्रेरणा देगा।
