शिल्पा शेट्टी-राज कुंद्रा पर लुकआउट नोटिस

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मुंबई ।  06 सितम्बर 25 । बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा एक बार फिर कानूनी विवादों में घिर गए हैं। ताज़ा जानकारी के अनुसार, दोनों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया गया है। यह कदम जांच एजेंसियों द्वारा चल रही वित्तीय अनियमितताओं और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामलों की जांच के मद्देनज़र उठाया गया है।

मुंबई पुलिस ने 60 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी और उनके पति राज कुंद्रा के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है। एक सीनियर पुलिस ऑफिसर ने बताया कि दोनों ही अक्सर विदेश यात्रा करते हैं, जिसकी वजह से ये कदम उठाया गया है। लुकआउट सर्कुलर का मकसद बिना किसी रुकावट जांच को पूरा करना है।

बिजनेसमैन दीपक कोठारी ने 14 अगस्त को शिल्पा और उनके पति राज कुंद्रा के खिलाफ मुंबई पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) में मामला दर्ज कराया था। दीपक का कहना है कि 2015 से 2023 के बीच उन्होंने बिजनेस बढ़ाने के लिए कपल को कुल 60.48 करोड़ रुपए दिए, लेकिन यह रकम निजी खर्चों में लगा दी गई।

शिल्पा कंपनी की 87% हिस्सेदार थीं

दीपक कोठारी के मुताबिक, उनकी मुलाकात साल 2015 में एजेंट राजेश आर्या के जरिए शिल्पा और कुंद्रा से हुई थी। उस समय दोनों बेस्ट डील टीवी के डायरेक्टर थे और शिल्पा के पास कंपनी के 87% से ज्यादा शेयर थे। एक मीटिंग में तय हुआ कि शिल्पा और राज कुंद्रा की कंपनी को दीपक लोन देंगे। कंपनी के लिए 75 करोड़ रुपए का लोन मांगा था, जिस पर 12% सालाना ब्याज तय हुआ।

दीपक कोठारी का आरोप है कि बाद में शिल्पा और राज ने उनसे कहा कि लोन पर टैक्स की परेशानी आ सकती है, इसलिए इसे इन्वेस्टमेंट के रूप में दिखाते हैं और हर महीने रिटर्न देंगे।

अप्रैल 2015 में पहली 31.95 करोड़ की पेमेंट हुई

अप्रैल 2015 में कोठारी ने करीब 31.95 करोड़ रुपए की पहली पेमेंट की। टैक्स से जुड़ी परेशानी जारी रहने पर सितंबर में दूसरी डील हुई और जुलाई 2015 से मार्च 2016 के बीच उन्होंने 28.54 करोड़ रुपए और ट्रांसफर किए।

कुल मिलाकर कोठारी ने 60.48 करोड़ रुपए दिए, साथ ही 3.19 लाख रुपए स्टांप ड्यूटी के रूप में चुकाए। कोठारी का दावा है कि अप्रैल 2016 में शिल्पा ने उन्हें पर्सनल गारंटी भी दी थी, लेकिन उसी साल सितंबर में उन्होंने कंपनी के डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया।

इसके बाद शिल्पा की कंपनी पर 1.28 करोड़ रुपए का कर्ज न चुकाने का मामला सामने आया। कोठारी को इसकी कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कई बार अपने पैसे वापस मांगे, लेकिन कोई जवाब और पैसे नहीं मिले।

पहले मामला जुहू पुलिस स्टेशन में धोखाधड़ी और जालसाजी के तहत दर्ज हुआ। चूंकि रकम 10 करोड़ से ज्यादा थी, इसलिए जांच आर्थिक अपराध शाखा (EOW) को सौंप दी गई है। EOW इस केस की जांच कर रही है।

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