बाढ़ प्रभावितों को राहत शिविरों में खाने, मौलिक और स्वास्थ सुविधाएं उपलब्ध नही – देवेन्द्र यादव

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  • सरकार बाढ़ प्रभावितों को राहत देने में नाकाम

नई दिल्ली, 4 सितम्बर, 2025 । दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने कहा कि राजधानी दिल्ली में यमुना ने रौद्र रुप धारण कर लिया है और पानी खादर में उफान पर बह रहा है। उन्होंने कहा कि भयानक रुप ले रही यमुना से तटीय क्षेत्रों और सड़कों तक पहुॅचे पानी से राहत दिलाने के लिए राहत कैंप पर्याप्त मात्रा में नही लगाए है और जो राहत कैंप लगाएं है उन्हे व्यवस्थित तरीके से नही लगाए गए है। शायद भाजपा सरकार के पास अनुभव की कमी रही, यही कारण है कि राहत कैंप कहा और किन सुविधाओं के साथ लगाने थे, वो कुछ राहत कैंपों में दिखाई नही दे रहा है। राहत शिविरों में खाने सहित दूसरी सुविधाओं की भारी कमी है। हजारों लोग बाढ़ से प्रभावित हो रहे है।

देवेन्द्र यादव ने कहा कि हमने 31 अगस्त, 2025 को संवाददाता सम्मेलन में सरकार को चेताया था कि बाढ़ से निपटने और लोगों को बचाने के जो काम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में किए जा रहे है वो नाकाफी है, लेकिन सरकार ने दिल्ली कांग्रेस की चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया जिसका हर्जाना दिल्ली की जनता भुगत रही है।

देवेन्द्र यादव ने कहा कि भाजपा मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रां में राहत की घोषणा तो की है लेकिन सरकार द्वारा लोगों के लिए राहत कैंप को सिर्फ औपचारिकता पूरी करने के लिए टैंट लगाए है। क्योंकि राहत कैंपों में ही पानी घुस गया है जहां न डाक्टर की सुविधा है न दवाई की और न ही कोई मौलिक सुविधा और मदद के लिए सहायक तो नाम को भी दिखाई नही दे रहे। जब राहत कैंपों को राहत की जरुरत पड़े तो जनता को क्या मदद मिलेगी। सरकार प्रयास सिर्फ इतना दिखाई दे रहा है कि कैमरे में राहत कार्य दिखाई दे, फिर लोगों को राहत मिले या न मिले, सरकार की कोई जिम्मेदारी नही।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि यमुना के नदीजक क्षेत्रों में बसी कॉलोनियों के घरों में पानी घुस चुका है। उन्होंने कहा कि जब यमुना के तटीय क्षेत्रों सहित बदरपुर खादर, गढ़ी, माडूं पुराना उस्मानपुर गांव, यमुना खादर, जमना बाजार, निगम बोध घाट, मोनेस्ट्री, लोहे का पुल, आईएसबीटी, सहित विश्वकर्मा कॉलोनी पूरी डूब गई है वहीं आईटीओ, दिल्ली सचिवालय, नजफगढ़ की कॉलोनियों और कांलिदी कुंज में पानी लबालब है। जहां दिल्ली डूबने की कगार पर है वहीं सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण मंत्री परवेश वर्मा का बुधवार को दियान बयान कि दिल्ली में बाढ़ का कोई खतरा नही है, दिल्ली की जनता की जान को जोखिम में डालकर राजनीति से प्रेरित करने वाला है।

देवेन्द्र यादव ने कहा कि लोहे के पुल तक जल स्तर पहुॅचने का मतलब 207.41 मीटर तक पहुॅच गया है जो 63 वर्षों में तीसरी बार हुआ है। उन्होंने कहा कि बाढ़ आने से पहले के इंतजाम, पानी को व्यवस्थित करने और बाढ़ आने के बाद हालात को व्यवस्थित करने में भाजपा की रेखा गुप्ता सरकार पूरी तरह से नाकाम साबित हुई है। उन्होंनें कहा कि केजरीवाल सरकार भी 2023 में बाढ़ नियंत्रण करने और लोगों को राहत देने में पूरी तरह विफल साबित हुई थी।

देवेन्द्र यादव ने याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस के शासन के दौरान बाढ़ आने या बाढ़ के हालात बनने से पहले ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुॅचाने का काम व्यवस्थित तरीके से किया जाता था और बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में पहुॅचाकर उन्हें खाने सहित उनकी सुरक्षा, उनके स्वास्थ्य की देखभाल के लिए डाक्टरों की टीम राहत कैंपों में तैनात की जाती थी। जबकि आज बाढ़ के खतरनाक हालात में भाजपा की सरकार बाढ़ राहत कार्यों में पूरी तरह से नाकाम दिखाई दे रही है।

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