- विभागों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए,
नई दिल्ली, 2 सितम्बर 2025 । दिल्ली सरकार ने राजधानी के नागरिकों और ढाँचागत सुविधाओं की सुरक्षा के लिए एक व्यापक बाढ़ तैयारी योजना लागू कर दी है। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के नेतृत्व में सभी विभागों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और राजधानी भर में जनशक्ति, मशीनरी और मॉनिटरिंग सिस्टम तैनात किए गए हैं।
अधिकारियों की 24×7 ड्यूटी पर तैनाती
तेज़ और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आई एंड एफसी विभाग ने सभी ज़ोन में वरिष्ठ और कनिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की है। इसमें शामिल हैं:
• 02 मुख्य अभियंता, 05 अधीक्षण अभियंता, 20 कार्यपालक अभियंता
• सभी सहायक अभियंता (AEs) और कनिष्ठ अभियंता (JEs) ड्यूटी पर
• सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्र में मौजूद रहेंगे और चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेंगे

बाढ़ से निपटने के संसाधन
सरकार ने बाढ़ से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर संसाधन पहले से ही उपलब्ध करा दिए हैं:
• ईसी बैग: 5,67,200
• पत्थर: 3455 घनमीटर
• बल्लियाँ: 14,370
• नौकाएँ: 58
• लाइफ जैकेट्स: 675
• जनरेटर: 24
पंपिंग व्यवस्था
• स्थायी पंपिंग स्टेशन: 10
• स्थापित पंप: 42
• मोबाइल पंप: 82 (82 संवेदनशील स्थानों पर तैनात)
दिल्ली जल बोर्ड की भूमिका
दिल्ली जल बोर्ड (DJB) ने बाढ़ ड्यूटी के लिए अपनी टीमों को तैनात किया है। जल निकासी और प्रवाह को सुनिश्चित करने के लिए डी.जे.बी. आई एंड एफसी विभाग और केंद्रीय जल आयोग (CWC) के साथ घनिष्ठ समन्वय में काम कर रहा है।

बैराजों से समन्वय
• हथिनकुंड बैराज, वज़ीराबाद बैराज और ओखला बैराज से छोड़े जा रहे पानी की लगातार निगरानी
• रियल-टाइम, प्रति घंटे मॉनिटरिंग चौबीसों घंटे की जा रही है
• समय पर अलर्ट और कार्रवाई के लिए आई एंड एफसी विभाग, डी.जे.बी., सीडब्ल्यूसी और हरियाणा सरकार के बीच निरंतर समन्वय
ज़िलाधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठकें
मंत्री परवेश साहिब सिंह ने दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण और केंद्रीय दिल्ली के ज़िलाधिकारियों (DMs) के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने निर्देश दिया कि बाढ़ के मौसम में अधिकतम सतर्कता बरती जाए और राहत सामग्री, निकासी केंद्र तथा क्विक-रिस्पॉन्स टीमें हर समय तैयार रहें।
मंत्री ने विशेष रूप से नजफगढ़ बेसिन पर ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने दक्षिण-पश्चिम ज़िलाधिकारी को कहा कि इस क्षेत्र में पानी के स्तर और जलनिकासी की सतत निगरानी रखी जाए। साथ ही लगातार गश्त, वास्तविक समय पर रिपोर्टिंग और आपातकालीन निकासी योजना पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि
दिल्ली को प्रकृति की मार के सामने असुरक्षित नहीं छोड़ा जा सकता। हम बाढ़ से निपटने की तैयारियों को लेकर युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं — अधिकारी, अभियंता और जमीनी स्तर का स्टाफ 24 घंटे ड्यूटी पर है। बैराजों से लेकर पंपिंग स्टेशनों तक हर व्यवस्था पर सख़्त निगरानी रखी जा रही है। मैं व्यक्तिगत रूप से डी.जे.बी., सीडब्ल्यूसी और हरियाणा सरकार के साथ समन्वय की समीक्षा कर रहा हूँ और ज़िलाधिकारियों — खासतौर पर दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण और केंद्रीय दिल्ली के — को पूरी तैयारी के साथ सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। नजफगढ़ बेसिन पर भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। दिल्ली की जनता निश्चिंत रहे, सरकार पूरी तरह तैयार है।”
