केसीआर ने बेटी कविता को पार्टी से निलंबित किया

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नई दिल्ली,01 सितंबर, भारतीय राष्ट्र समिति (BRS) ने एमएलसी के. कविता को मंगलवार को पार्टी से निलंबित कर दिया। उन पर पार्टी के खिलाफ बयानबाजी करने का आरोप है। ऐलान कविता के पिता और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) ने किया। BRS ने बयान जारी कर कहा, “कविता की गतिविधियां पार्टी के खिलाफ थीं। इसी वजह से फैसला लिया गया है।”

दरअसल, एक दिन पहले उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी के सहयोगियों पर KCR की छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था। कविता 2014 से 2019 तक निजामाबाद से लोकसभा सांसद रह चुकी हैं। लंबे समय से पार्टी नेतृत्व को लेकर उनके भाई केटी रामा राव और टी हरीश राव के बीच विवाद की खबरें आ रही थीं।

कविता के भाई केटी और पार्टी नेताओं पर 5 आरोप

  • भाई केटी रामा राव बीआरएस को भाजपा में मिलाना चाहते हैं। केटी पार्टी के वर्किंग प्रेसिडेंट हैं।
  • सीनियर लीडर टी हरीश राव और पूर्व सांसद मेघा कृष्ण रेड्डी उनके पिता को भ्रष्टाचार के मामले में बलि का बकरा बनाना चाहते हैं।
  • तेलंगाना के कलेश्वरम लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट घोटाले में CBI जांच में पिता केजीआर का नाम है, लेकिन उस वक्त के सिंचाई मंत्री टी हरीश राव का नाम नहीं है। वो पांच साल तक सिंचाई मंत्री थे। लेकिन उनके ऊपर कोई केस नहीं हुआ, ऐसा कैसे हो सकता है।
  • मेरा नाम दिल्ली शराब नीति घोटाला में आया। इसकी CBI की जांच चल रही है। इसकी वजह भी हरीश राव हैं।
  • 2 मई को कविता ने अपने पिता को एक लेटर लिखा था। यह लेटर लीक हो गया। इसमें कहा था, “आपने भाजपा के खिलाफ मात्र 2 मिनट बोला। सबको लग रहा है आप भाजपा के साथ जाने की तैयारी कर रहे हैं।

2023 की हार के बाद बीआरएस में खींचतान चल रही

  • पार्टी के सुप्रीमो चंद्रशेखर राव 73 साल के हो गए हैं। बढ़ती उम्र और एक्टिव पॉलिटिक्स से धीरे-धीरे हटने की संभावना के बीच पार्टी में सवाल उठ रहे हैं कि अगला लीडर कौन होगा। चंद्रशेखर राव ने बेटे केटीआर को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया है, लेकिन कविता भी खुद को असरदार नेता मानती हैं। विवाद की एक वजह यह भी मानी जा रही है।
  • 2023 में सत्ता से बाहर होने के बाद बीआरएस फंडिंग और कैडर मजबूत करने में जुटी है। ऐसे में पार्टी के भविष्य को लेकर फैसले, टिकट बंटवारे और रणनीति में किसकी कितनी भूमिका होगी, इस पर केसीआर के परिवार में मतभेद हैं।
  • दिल्ली के शराब घोटाले में कविता आरोपी हैं। उनकी जांच चल रही है। इससे पार्टी की छवि पर असर पड़ा है। केटीआर और उनके समर्थक नहीं चाहते कि पार्टी पर इसका और गलत असर पड़े।
  • विशेषज्ञ मानते हैं कि केटीआर पार्टी को प्रोफेशनल तरीके से चलाना चाहते हैं, जबकि कविता का रुख ज्यादा इमोशन और ग्राउंड पॉलिटिक्स पर टिका है। दोनों के काम करने के तरीके का फर्क भी टकराव को बढ़ा रहा है।

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