नई दिल्ली, 1 सितम्बर, 2025 ।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्वर्गीय चरती लाल गोयल की स्मृति को नमन करते हुए कहा कि साल 1993 में जब वे अध्यक्ष थे, तब वह विश्वविद्यालय में प्रथम वर्ष की छात्रा थीं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि छात्र राजनीति के दौरान ही उन्हें आदरणीय विजय गोयल और विजेंद्र गुप्ता का मार्गदर्शन मिला, जिनकी कार्यशैली से सीखते हुए उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा को आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वर्गीय चरती लाल गोयल के व्यवहार, चरित्र और कार्यशैली से हम सबको प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में सभी को ऐसा कार्य करना चाहिए कि हमारे जाने के बाद भी लोग सम्मान और आदर के साथ याद करें। विपक्ष भी हमारे बारे में केवल सकारात्मक बात ही करे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की राजनीति में कई बार बहस मुद्दों और विषयों पर केंद्रित रहने के बजाय व्यक्तिगत स्तर पर चली जाती है। पहले ऐसा माहौल था, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों अपने विचार स्पष्ट रूप से रखते थे और बाद में आपसी संबंध बनाए रखते थे। अब अक्सर सदन चलने ही नहीं दिया जाता और संवाद की कमी हो जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने 27 वर्षों तक विपक्ष में रहते हुए हमेशा जनता की आवाज़ को उठाया और यही परंपरा आज भी जीवित रहनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को अपनी-अपनी बात जनता तक पहुंचानी चाहिए और किसी भी प्रकार के असंसदीय व्यवहार से बचना चाहिए। स्वर्गीय चरती लाल गोयल को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके जीवन से हमें संयम, त्याग और सेवा की प्रेरणा मिलती है।
