एबीवीपी ने मेरे जीवन को दिशा दी, वही मेरा पहला ‘मैनेजमेंट कोर्स’ रहा – रेखा गुप्ता

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  • परिषद के ‘स्वयंसिद्धा’ में सीएम ने छात्राओं को बताए कामयाबी के मंत्र

नई दिल्ली । 1 सितम्बर 2025 ।  मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना को भी विकसित करती है। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं देश के भविष्य की धुरी हैं और उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए दृढ़ संकल्प और साहस के साथ आगे बढ़ना होगा। मुख्यमंत्री ने यह विचार दिल्ली विश्वविद्यालय के आर्ट फेकल्टी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) द्वारा छात्राओं के कार्यक्रम ‘स्वयंसिद्धा’ में व्यक्त किए।
मुख्यमंत्री ने ‘स्वयंसिद्धा’ की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि बेटियां अपने दम पर सपनों को साकार करने की पूरी क्षमता रखती हैं। उन्होंने छात्राओं को संदेश दिया कि ‘हर इम्पोसिबल के भीतर आई एम पॉसिबल छिपा है’ और यही सोच दिल्ली की बेटियों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने ‘स्वयंसिद्धा’ के हुए कार्यक्रम में 20,000 विद्यार्थियों को सम्मानित करने की उपलब्धि को बेहद महत्वपूर्ण बताया और कहा कि यह केवल आंकड़ा नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य की दिशा तय करने वाला कदम है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार की ओर से छात्रों को सुरक्षित, आधुनिक और किफायती परिवहन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया और कहा कि आने वाले समय में छात्रों के लिए और अधिक यूनिवर्सिटी स्पेशल बसें चलाई जाएंगी तथा छात्रों की मेट्रो पास की मांग पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार शिक्षा, खेल, स्टार्टअप और नवाचार के क्षेत्र में युवाओं को हर संभव अवसर और सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियां साझा करते हुए कहा कि कॉलेज के शुरुआती दिनों में उनका पहला परिचय अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) से हुआ। उन्होंने देखा कि यह संगठन छात्रों की समस्याओं के समाधान में हमेशा सक्रिय रहता है और इसी कारण उन्होंने इसकी सदस्यता ले ली। मुख्यमंत्री ने बताया कि एबीवीपी ने उनके जीवन में वह पहला मंच दिया, जिसने उन्हें समाज और देश के लिए कार्य करने की प्रेरणा दी। कॉलेज जीवन के दौरान उनकी सक्रियता ने उनमें देशभक्ति की लौ जगाई और यही सीख उन्हें आज राज्य का संचालन करने की दृष्टि और क्षमता देती है। उन्होंने कहा कि यदि उन्होंने कोई वास्तविक ‘मैनेजमेंट कोर्स’ किया है, तो वह एबीवीपी ही था, जिसने उन्हें नेतृत्व, प्रबंधन और सेवा का अवसर दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार एबीवीपी और डूसू जैसे संगठन छात्रों को समाज और राष्ट्र से जोड़ने का माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युग महिलाओं के नेतृत्व और उनके सशक्तिकरण का है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे हर क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएं और दिल्ली ही नहीं, पूरे देश के गौरव को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक युवती को अपने कदम आगे बढ़ाकर स्वयं के लिए राह बनानी होगी। उन्होंने बताया कि हर छात्रा के भीतर एक शक्ति और आभा है, जिसे और विस्तार देने की जरूरत है ताकि दुनिया उस पर गर्व कर सके। बेटियां आज हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनके लिए अनगिनत अवसर उपलब्ध हुए हैं। कार्यक्रम में विद्यार्थी परिषद की नेशनल गर्ल्स इंचार्ज मनु शर्मा कटारिया, नेशनल सेक्रेटरी शिवांगी खरवाल, डूसू उपाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, सचिव मित्रविंदा कर्णवाल, विश्वविद्यालय के प्राध्यापक व गणमान्य अतिथि उपस्थित थे।

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