नई दिल्ली, 19 अगस्त 2025 । दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (PWD) के मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने यूटी-स्तरीय समन्वय समिति (UT-Level Coordination Committee) की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधीन चल रहे महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं की समीक्षा करना और उनकी गति को तेज़ करना था। चर्चा का प्रमुख केंद्र हाल ही में उद्घाटित अर्बन एक्सटेंशन रोड-2 (UER-II) कॉरिडोर रहा, जो दिल्ली की यातायात व्यवस्था को सुचारु करने और क्षेत्रीय संपर्क को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाने जा रहा है।
सड़क सुरक्षा पर विशेष ज़ोर
बैठक में प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि UER-II जैसे हाई-स्पीड कॉरिडोर पर दोपहिया, तिपहिया और धीमी गति वाले वाहनों की अनुमति नहीं होगी, क्योंकि इनकी आवाजाही से गंभीर दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।
उन्होंने दिल्ली ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए कि इस प्रतिबंध को सख्ती से लागू किया जाए और इसके लिए साइनज, पब्लिक अनाउंसमेंट और जागरूकता अभियान चलाए जाएं। साथ ही उन्होंने आदेश दिया कि कॉरिडोर pपर निगरानी कैमरे, पर्याप्त स्टाफ, पेट्रोलिंग वैन तैनात किए जाएं और एम्बुलेंस नियमित अंतराल पर मौजूद हों ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।

प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि
UER-II केवल एक सड़क नहीं है, यह दिल्ली की हाई-स्पीड लाइफ़लाइन है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यात्रियों को विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर मिले लेकिन सुरक्षा से कोई समझौता न हो। असुरक्षित वाहनों की एंट्री पर सख्त रोक होगी और निगरानी व आपातकालीन सेवाएं चौबीसों घंटे सक्रिय रहेंगी।
स्थानीय कनेक्टिविटी के लिए सर्विस रोड
मंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि NHAI को तुरंत सर्विस रोड का निर्माण करना चाहिए ताकि आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को UER-II तक सुगम और सुरक्षित पहुंच मिल सके। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय कनेक्टिविटी के साथ-साथ कॉरिडोर पर यातायात प्रबंधन भी बेहतर होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली जल बोर्ड ने नांगली सकरावती गांव में पाइपलाइन शिफ्टिंग का कार्य पूरा कर लिया है, जिससे परियोजना का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा हल हो गया है।
ड्रेनेज और बिजली आपूर्ति समाधान
बरसात के मौसम में जलभराव से बचने के लिए मंत्री ने निर्देश दिए कि कराला–कंझावला रोड, मुण्डका–कराला रोड और बारवाला गांव के पास स्थायी और मज़बूत ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाए। उन्होंने साफ कहा कि यह समाधान अस्थायी नहीं बल्कि स्थायी होना चाहिए ताकि हर साल जलभराव की समस्या न हो।
UER-II के पैकेज-5 की बिजली आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए श्री प्रवेश साहिब सिंह ने बीएसईएस को ट्रांसफॉर्मर इंस्टॉलेशन तेज़ी से पूरा करने का निर्देश दिया और एनएचएआई को इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (IICC) के साथ समन्वय करने के आदेश दिए।

विभागीय समन्वय
बैठक में एनएचएआई, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, पीडब्ल्यूडी, बीएसईएस, दिल्ली जल बोर्ड, पर्यावरण विभाग, एमसीडी, राजस्व विभाग और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री ने दोहराया कि विभागों के बीच तालमेल ही परियोजनाओं को समय पर और उच्चतम गुणवत्ता के साथ पूरा करने की कुंजी है।
UER-II से दिल्ली की प्रमुख सड़कों पर यातायात का बोझ काफी हद तक कम होगा। इस अवसर पर परवेश साहिब सिंह ने कहा कि यह कॉरिडोर दिल्ली में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सुरक्षा और कार्यकुशलता का प्रतीक बनेगा।
