माँ यमुना की सफाई के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है – प्रवेश साहिब वर्मा

Date:

• स्वतंत्रता दिवस पर वासुदेव घाट से उन्होंने मां यमुना की भव्य नौका यात्रा और आरती की

नई दिल्ली, 15 अगस्त 25 । 79वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर वासुदेव घाट (यमुना तट) राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिक भावनाओं का भव्य संगम बन गया, जहां लोक निर्माण मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने विशेष नौका-यात्रा तथा मां यमुना की संध्याकालीन आरती संपन्न की। यह आयोजन नागरिकों, स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों एवं विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, स्कूल और कॉलेजों के प्रधानाचार्यों की सक्रिय सहभागिता के साथ एक प्रेरणादायक सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय संदेश के रूप में सामने आया।

कार्यक्रम की शुरुआत यमुना नदी में एक शांत एवं श्रद्धापूर्ण नौका-यात्रा से हुई, जिसमें परवेश साहिब सिंह ने पुष्प अर्पित कर मां यमुना से राष्ट्र और दिल्लीवासियों की समृद्धि एवं कल्याण की कामना की। इसके पश्चात आयोजित मां यमुना की भव्य आरती में बड़ी संख्या में नागरिकों ने सम्मिलित होकर दीप प्रज्ज्वलित किए और देशभक्ति व भक्ति के स्वर घाट पर गूंज उठे।
कार्यक्रम में शामिल कुलपतियों और प्रधानाचार्यों ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस को इस प्रकार प्रकृति एवं संस्कृति के प्रति आस्था के साथ मनाना अत्यंत प्रेरणादायक और भावपूर्ण अनुभव रहा।

इस अवसर पर प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि मां यमुना की गोद में आज इस पावन संध्या पर आकर यह महसूस हुआ कि भक्ति के साथ-साथ हम सब पर इस नदी के संरक्षण की जिम्मेदारी भी है। केवल संकल्प लेने से नहीं, बल्कि मिलकर कार्य करने से ही यमुना को पुनः स्वच्छ और जीवनदायी बनाया जा सकता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि 79वें स्वतंत्रता दिवस के इस गौरवशाली अवसर पर हमें यह भाव अपनाना चाहिए कि सच्चे अर्थों में विकसित राष्ट्र वही होता है, जो आधुनिक बुनियादी ढाँचे के साथ-साथ अपनी प्राकृतिक विरासत और सांस्कृतिक धरोहरों का भी सम्मान और संरक्षण करता है। उन्होंने कहा कि यमुना का पुनर्जीवन कोई एक विभाग का काम नहीं है, बल्कि हम सबका साझा कर्तव्य है — और यदि हम सब मिलकर सकारात्मक सोच और सामूहिक प्रयास के साथ आगे बढ़ें तो यमुना को पुनः स्वच्छ, पवित्र और जीवनदायी बनाना पूरी तरह सम्भव है। उन्होंने उपस्थित शिक्षाविदों, युवाओं और नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस अभियान को जन आंदोलन बनाने में सहभागी बनें और आने वाली पीढ़ियों के सामने एक स्वच्छ एवं सम्मानित यमुना की मिसाल प्रस्तुत करें।

गत कुछ महीनों में PWD, दिल्ली जल बोर्ड (DJB) और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग (IFC) द्वारा मिलकर यमुना घाटों की सफाई, सिल्ट हटाने, कचरा-उन्मूलन और सौंदर्यीकरण के कई प्रयास किये गये हैं। आज का कार्यक्रम इस बात का प्रतीक था कि शासन और समाज जब एक साथ खड़े होते हैं तो परिवर्तन अवश्य संभव होता है।

कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित जनों द्वारा यह सामूहिक संकल्प लेने के साथ हुआ कि वे यमुना को पुनः स्वच्छ और जीवन्त बनाने के लिए आगे भी सक्रिय सहभागिता निभाते रहेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related