नई दिल्ली । 11 अगस्त 2025 । दिल्ली सरकार के प्रमुख इंडस्ट्रियल आइडियाथॉन 2025 को स्टूडेंट इनोवेटर्स से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। 652 टीमों ने चार कैटेगरी में मुकाबला करने और अपने समाधान उद्योग जगत व सरकारी तंत्र के सामने पेश करने के लिए रजिस्ट्रेशन किया जिसमें ईनाम की कुल राशि 40 लाख रुपए है।
यह प्रतियोगिता दिल्ली स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (DSIIDC) द्वारा उद्योग विभाग, जीएनसीटीडी की ओर से आयोजित की जा रही है जिसका आधिकारिक नॉलेज पार्टनर प्रतिष्ठित नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (NSUT) को बनाया गया है। इसमें छात्रों को दिल्ली की औद्योगिक चुनौतियों के लिए तकनीक-आधारित, प्रैक्टिकल सॉल्यूशंस को तैयार करने का अवसर मिलेगा।
उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने हिस्सा ले रहे छात्रों की ऊर्जा और उत्साह की सराहना करते हुए कहा:
“यह जबरदस्त भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि दिल्ली के युवा हमारे औद्योगिक भविष्य को आकार देने का हिस्सा बनना चाहते हैं। यह साबित करता है कि वे उन मुद्दों को हल करने के लिए तैयार हैं जिनका हमारे उद्योग रोज़ सामना करते हैं।”

652 रजिस्ट्रेशनों में से 124 शॉर्टलिस्टेड टीमें अब 13 अगस्त को NSUT में होने वाले प्रीलीमिनरी राउंड में भाग लेंगी। इस 8 घंटे की चुनौती में वे चार प्रमुख केस स्टडीज पर काम करेंगी:
1. दिल्ली के औद्योगिक हब्स में लास्ट माइल लॉजिस्टिक्स की अक्षमताएं और बिखरी हुई सप्लाई चेन – 175 एंट्रीज़
2. स्टार्टअप्स और उद्यमियों के लिए ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस सुधारने के लिए टेक सॉल्यूशंस – 188 एंट्रीज़
3. दिल्ली की छोटी और मध्यम औद्योगिक इकाइयों के लिए इंडस्ट्री 4.0 तकनीकों को अपनाना – 125 एंट्रीज़
4. वित्त, बाज़ार और तकनीक तक पहुंच के माध्यम से MSMEs को मजबूत बनाना – 164 एंट्रीज़
प्रीलीमिनरी राउंड के बाद, 40 फाइनलिस्ट टीमें — प्रत्येक कैटेगरी से शीर्ष 10 आगामी 22 अगस्त के ग्रैंड फिनाले में पहुंचेंगी, जहां वे अपने समाधान उद्योग और सरकारी तंत्र के सामने पेश करेंगी।
सिरसा ने आगे कहा:
“इंडस्ट्रियल आइडियाथॉन के जरिए हम शिक्षा जगत, उद्योग और सरकार के बीच एक समन्वय बना रहे हैं। छात्रों को वास्तविक समस्याओं पर काम करने का मौका मिल रहा है, जबकि नीति निर्माताओं को देश के उज्ज्वल दिमागों से निकले आइडियाज़ से सीधे रूबरू हो रहे हैं। यह सही मायनों में यूथ को नीति निर्माण से जोड़ने का उदाहरण है।”
उन्होंने इस पहल की पहुंच पर भी प्रकाश डाला:
“हमारे पोर्टल को रजिस्ट्रेशन के दौरान 1 लाख से अधिक इम्प्रेशन और 2,000 से ज्यादा साइन-अप मिले। यह दिल्ली की इनोवेशन क्षमता को उजागर करता है और हमें गर्व है कि हम अपने छात्रों को यह मंच दे पा रहे हैं।”
सभी प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र दिए जाएंगे और विजेताओं को समापन समारोह में वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों द्वारा सम्मानित किया जाएगा। यह पहल मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है — एक फ्यूचर रेडी, इनोवेशन बेस्ड इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर सिस्टम का निर्माण, जो MSMEs को सशक्त बनाता है, लॉजिस्टिक्स सुधारता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस नीति को भी ज़मीन पर लागू करता है।
अधिक जानकारी और अपडेट के लिए देखें: www.industrialideathondelhi.com
