• विधानसभा मे जितेन्द्र महाजन के सवाल का जवाब देते हुए कहा
नई दिल्ली । 8 अगस्त 2025 । दिल्ली के जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने विधानसभा में राजधानी के जल संकट, बोरवेल सीलिंग, अनधिकृत कॉलोनियों की समस्या और पिछली सरकार की नाकामियों को लेकर विस्तृत जवाब देते हुए कई बड़े फैसलों की घोषणा की। उन्होंने कहा कि NGT के निर्देशों के तहत बोरवेल सील किए जा रहे हैं, लेकिन सरकार जल्द ही बोरवेल रेगुलराइजेशन के लिए स्पष्ट और व्यावहारिक नीति लेकर आ रही है।
जल मंत्री ने कहा कि “दिल्ली की स्थिति 11 साल की लापरवाही से बिगड़ी है, ऐसे में अचानक सभी बोरवेल बंद करना व्यावहारिक नहीं है। जहां बोरवेल से पानी बेचा जा रहा है, वहां कार्रवाई जारी है। होटल व कमर्शियल इकाइयों पर नियंत्रण के लिए इन्फोर्समेंट टीम बनाई जा रही है ताकि पेनल्टी लगाई जा सके।”
संगम विहार में जल संकट और लीकेज का मामला उठाते हुए, मंत्री ने बताया कि विधायक चंदन चौधरी द्वारा उठाई गई समस्या में 7 करोड़ रुपये की लागत से पानी की पाइपलाइन डाली गई थी लेकिन लीकेज के कारण वो लाइन कभी चली ही नहीं। अब अधिकारियों द्वारा उसमें फिर से 4 करोड़ खर्च करने की मांग की जा रही है। यह पूर्ववर्ती सरकार की घोर लापरवाही को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों को मास्टर प्लान से नहीं जोड़ा, सिर्फ रेट बढ़ाने और वोटबैंक की राजनीति के लिए ये कॉलोनियां कटने दी गईं।
वाटर लॉस को लेकर भी उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। “11 साल पहले दिल्ली में 30% वाटर लॉस था जो अब 40% हो गया है। देश की शायद यह पहली सरकार थी जिसने जल की बर्बादी बढ़ाई। यदि हम इसे 10% कर दें तो दिल्ली में पानी की कोई कमी नहीं रह जाएगी,”।

प्रवेश साहिब सिंह ने यह भी खुलासा किया कि एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) ने पिछली सरकार की 6% कमीशन मांगने की वजह से जल परियोजनाओं को फंड करने से इनकार कर दिया था। “हमारी सरकार बनने के सिर्फ एक हफ्ते के अंदर ADB ने दोबारा संपर्क किया और सहयोग की इच्छा जताई”।
सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि “पिछले कुछ महीनों में 15 किलोमीटर नई पाइपलाइन बिछाई गई है और 58 किलोमीटर पुरानी लाइनों को बदला गया है। जिन इलाकों में पानी की लाइनें बंद थीं, उन्हें फिर से चालू किया गया है।”
उन्होंने कहा कि यह रेखा सरकार हर विधानसभा क्षेत्र में काम करेगी — चाहे विधायक किसी भी दल का हो। “हम कभी नहीं कहेंगे कि पानी में ज़हर है या किसी विधायक का काम रोकेंगे। हमारी पहचान काम से होगी, राजनीति से नहीं,”
