ऑपरेशन सिंदूर व ऑपरेशन महादेव ने राष्ट्र का गौरव बढ़ाया – रेखा गुप्ता

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  • कहा कि विपक्ष ने कभी देशहित की परवाह नहीं की, देश की गरिमा को नीचा दिखाया
  • दिल्ली विधानसभा में सीएम ने कहा, पीएम मोदी ने राष्ट्रनायक की भूमिका निभाई

नई दिल्ली । 4 अगस्त 2025 । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि ऑपरेशन सिंदूर व ऑपरेशन महादेव एक सैन्य अभियान नहीं था, वह देश के हर परिवार के सम्मान का प्रतीक था। मुख्यमंत्री ने दिल्ली विधानसभा में इन दोनों मसलों पर अपने विचार व्यक्त किए और देश की सैन्य सफलताओं, राष्ट्रीय सुरक्षा नीतियों और ऐतिहासिक निर्णयों पर विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर’ और ऑपरेशन महादेव की सफलता को राष्ट्र के गौरव से जोड़ा और भारतीय सेना के शौर्य को नमन किया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक दृढ़ शक्ति वाले राष्ट्र नायक की भूमिका निभाते हुए भारत की सभी बहनों का मान-सम्मान और स्वाभिमान बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने विपक्ष का कटघरे में खड़ा किया और कहा कि विपक्ष और उसके नेताओं ने कभी भी देशहित की परवाह नहीं की और भारत की गरिमा को नीचा दिखाने के लिए लगातार षडयंत्र किए।

सदन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साख जनता के भरोसे पर रहती है। ऑपरेशन सिंदूर उत्तर था, उन सभी आंसुओं का जो हमारी बहनों की आंखों से निकले। प्रधानमंत्री जी ने एक साहसी पिता, एक संवेदनशील भाई और एक दृढ़ शक्ति वाले राष्ट्र नायक की भूमिका निभाते हुए भारत की सभी बहनों का मान-सम्मान और स्वाभिमान बढ़ाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दल और उसके नेता अपने स्वार्थों के चलते देशहित से लगातार दूर होते जा रहे हैं। इन्हें देश विरोधी ताकतों से प्यार है, जहां इनको अपना प्रतिबिंब दिखता है। भारत की प्रगति में, भारत के आगे बढ़ने में यह लोग खुश नहीं हैं। ये चाहते हैं कि देश पिछड़ा रहे।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि जब ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में चर्चा हुई तो विपक्ष ने कई सवाल उठाए। जिनको अपनी देश की सेना के वक्तव्य पर विश्वास नहीं, जिनको अपने प्रधानमंत्री पर विश्वास नहीं, वह विश्वास करते हैं दूसरे देशों के आकाओं पर। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की सेनाएं आज भी उसी वीरता और निष्ठा से राष्ट्र की रक्षा कर रही हैं, जैसा उन्होंने 1965 और 1971 के युद्धों में किया था। लेकिन उन्होंने यह भी प्रश्न उठाया कि पूर्ववर्ती सरकारों ने उन ऐतिहासिक सैन्य जीतों के बावजूद राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव क्यों दिखाया। उन्होंने कहा कि 1965 के युद्ध में जब भारत ने विजय पाई थी, तो क्यों हमारी सरकारें दबाव में आकर जीती हुई ज़मीनें लौटा आईं? क्यों संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका की मध्यस्थता स्वीकार की गई? और 1971 में, जब भारत ने 93,000 पाकिस्तानी सैनिकों को बंदी बनाया, तब उन्हें बिना किसी शर्त के क्यों छोड़ दिया गया?

मुख्यमंत्री ने शिमला समझौते, पीओके के मुद्दे और कश्मीर में कश्मीरी पंडितों के पलायन जैसे ऐतिहासिक संदर्भों को भी रेखांकित किया और विपक्ष की चुप्पी व तत्कालीन नेतृत्व की “निर्णयहीनता” पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों पर कभी कोई जवाबदेही नहीं ली गई, जबकि आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व ने निर्णायक कार्रवाई की गई है, तो उसे काल्पनिक बताकर नकारने का प्रयास हो रहा मुख्यमंत्री ने 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 की बालाकोट एयरस्ट्राइक और हालिया ऑपरेशन महादेव का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की प्रशंसा की और कहा कि यह सरकार न तो झुकती है, न रुकती है, न थमती है—बल्कि देश के हर सवाल से लड़ती है। उन्होंने कहा कि जिस नेता ने मिट्टी की खुशबू से रिश्ता निभाया है, उस दीपक का नाम मोदी कहलाता है। मुख्यमंत्री ने अंत में देश की सेनाओं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव की सफलता के लिए धन्यवाद दिया और सावन के अंतिम सोमवार के अवसर पर पूरे सदन से “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ अपने भाषण का समापन किया।

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