सरकार दिल्ली के स्कूलों में सामान्य शिक्षा के साथ साथ रोजगारपरक शिक्षा पर भी बल दे रही है– आशीष सूद

Date:

  •  आशीष सूद ने रोहिणी स्थित स्कूल में रोजगार मेले में जा कर बच्चों का उत्साह वर्धन किया।
  •  आने वाले पांच सालों में दिल्ली सरकार सरकारी स्कूलों में कई स्तरों पर आमूल चूल परिवर्तन कर देगी
  •  दिल्ली में व्यावसायिक प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन, शिक्षा मंत्री ने की सराहना।

नई दिल्ली । 31 जुलाई 25 । दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली में रोहिणी स्थित सर्वोदय विद्यालय में शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित व्यावसायिक प्लेसमेंट ड्राइव, रोजगार मेला- 2025- 2026 में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक राजकुमार चौहान शिक्षा सचिव, शिक्षा निदेशक और बच्चों के साथ-साथ उनके अभिभावक और बच्चों को रोजगार प्रदान करने वाली कई कंपनियों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री ने रोजगार देने वाली कंपनियों के प्रतिनिधियों से विस्तार से चर्चा की कि वह किस प्रकार से सरकारी स्कूलों के बच्चों का चयन अपनी कंपनियों में रोजगार देने के लिए करते हैं और उनको कितना वेतन और सुविधा आदि दी जाएंगी। इसके साथ-साथ उन्होंने बच्चों से भी संवाद किया कि कैसे वह इन कंपनियों के साथ मिलकर अपना भविष्य सवारेंगे और समाज की मुख्य धारा से अपने आप को जोड़ेंगे ।

उन्होंने कहा कि आप सबको इतनी बड़ी तादाद में देखकर मन अत्यंत प्रसन्न होता है। और प्रसन्नता इस बात की भी होती है कि धीरे-धीरे वक़्त बदल रहा है। वक़्त इसलिए बदल रहा है कि अब हुनर के अनुसार सही अवसर, योग्यता और प्रतिभा मिलनी शुरू हो गए हैं।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक प्लेसमेंट ड्राइव नहीं, बल्कि यह इस बात का प्रतीक है कि दिल्ली के सरकारी विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा ने कितनी प्रगति की है और दिल्ली सरकार आने वाले समय में किस तरह से हर छात्र को सम्मानजनक और संभावनाओं से भरा भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध है।

सूद ने बताया कि पिछले शैक्षणिक सत्र में 4.2 लाख से अधिक छात्रों ने दिल्ली के सरकारी विद्यालयों में विभिन्न ट्रेड्स में व्यावसायिक शिक्षा का चयन किया, जो यह दर्शाता है कि कौशल-आधारित शिक्षा अब मुख्यधारा की शिक्षा का अभिन्न अंग बन चुकी है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है, जो शैक्षणिक और व्यावसायिक शिक्षा के एकीकरण पर बल देती है। दिल्ली सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक छात्र न केवल विद्यालय के लिए तैयार हो, बल्कि कौशलयुक्त शिक्षा और भविष्य की चुनौतियां के लिए भी तैयार हो।

इस प्लेसमेंट ड्राइव के अंतर्गत 30 से अधिक प्रतिष्ठित नियोक्ताओं—जैसे HCL, हल्दीराम, सिटीकार्ट, नवगुरुकुल, टेक महिंद्रा आदि ने उन छात्रों को नौकरी के अवसर प्रदान किए हैं, जिन्होंने वर्ष 2024–25 या उससे पहले कक्षा 12 के साथ व्यावसायिक शिक्षा पूरी की है।

सूद ने कहा, यह ड्राइव छात्रों के लिए उद्योग जगत से जुड़ने का एक सुनहरा अवसर है, जिससे वे न केवल करियर के विकल्प समझते हैं, बल्कि व्यावसायिक दुनिया की अपेक्षाओं से भी रूबरू होते हैं।

उन्होंने आगे कहा की पिछले 11 सालों में एक परिवर्तन देश में आना प्रारंभ हुआ है। लीगेसी और एंटाइटलमेंट के स्थान पर अब योग्यता के अनुसार उपयुक्त अवसर युवाओं को मिलने लगे हैं, जिससे हुनर और प्रतिभा को पहचान मिलने लगी है, जिसके कारण अनेक साधारण घरों के बच्चे अपनी योग्यता के आधार पर बड़े बड़े पदों पर चयनित हो रहे है।

सूद ने कहा की हुनर और प्रतिभा को अवसर मिलने का जो काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शुरू हुआ है, वह मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी के नेतृत्व में लगातार आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार कृत संकल्प हैं।

शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास जैसी योजना के पहल से रोजगारपरक अनेक ऐसे अवसर शुरू हुए हैं जिसमें आत्मविश्वास से लबरेज़, सेल्फ कॉन्फिडेंस के साथ अपने स्थान पर, अपने ज्ञान पर भरोसा करने वाले युवाओं को रोजगार के कई अवसर मिलने का रास्ता खुला है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में शिक्षा विभाग इसे सामूहिक ज़िम्मेदारी समझता है कि कोई चाहे किसी भी बैकग्राउंड से आता हो, किसी भी धर्म, जाति या सम्प्रदाय का हो उन सबको कौशल निर्माण और स्किल डेवलपमेंट के माध्यम से समान मंच, समान अवसर मिलना ये हमारी सरकार की प्रतिबद्धता है हमारी काम करने की शैली है।

उन्होंने आगे कहा कि आने वाले समय में दिल्ली सरकार सरकारी और प्राइवेट स्कूल के गैप को खत्म करके दिखाएगा। इन्फ्रास्ट्रक्चर के संदर्भ में, अवसरों के संदर्भ में, समानता के संदर्भ में, प्रतिभा को आगे बढ़ाने के संदर्भ में, स्कूल में बच्चों के पढ़ने के लर्निंग आउटकम्स के संदर्भ में सरकार सरकारी स्कूलों को अपग्रेड कर रही है।

दिल्ली के हरेक स्कूल में आने वाले पाँच साल में नवीं, दसवीं, ग्यारहवीं, बारहवीं के विद्यार्थी के लिए हर क्लासरूम में स्मार्ट क्लासरूम, रोबोटिक्स, डाटा साइंस,आईसीटी लैब, निजी कंप्यूटर दिल्ली सरकार तेजी से उपलब्ध करा रही है।

उन्होंने उपस्थित छात्रों से कहा की जब आप इन सरकारी स्कूलों से बारहवीं पास करके यूनिवर्सिटी में जाएंगे, तो वहां के गैजेट से, वहां की टेक्नोलॉजी से आप बिल्कुल अनभिज्ञ नहीं होंगे। क्योंकि इन सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के साथ आपको
प्रैक्टिकल करने के अवसर भी प्रदान किये जाएंगे। किसी बच्चे को ऐसा नही लगेगा की स्कूलों में सिर्फ किताबी ज्ञान ही दिया जाता है बल्कि इन स्कूलों में स्किल वेसड शिक्षा भी दी जा रही है।
सूद ने कहा की यहां पर जो बड़ी-बड़ी कंपनी जैसे एचसीएल, हल्दीराम, टेक महिंद्रा आदि बच्चों के प्लेसमेंट के लिए आई है और यहां पर आकर उन्होंने युवाओं की प्रतिभा को पहचानने का काम किया है। यह हमारे सरकारी स्कूलों , शिक्षा विभाग में कार्यरत प्रशासकों , हमारी शिक्षिकाओं का और स्कूल के प्रशासन का साझा प्रयास है कि ऐसे बड़े-बड़े नियोजक यानी एंप्लॉयर्स आप लोगों की प्रतिभा को पहचानने के लिए आपके स्कूलों में आ रहे हैं।

ये अवसर आपको उन कंपनियों के साथ कोलैबोरेट करने का इंडस्ट्री के साथ सीखने का मौका देता है। और आज के इस रोजगार मेले के आयोजन की सफलता इस बात की प्रतीक है की हमारे सरकारी स्कूलों के बच्चें अब
नौकरी नहीं ढूंढेंगे बल्कि नौकरियां हमारे बच्चों को ढूंढेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related