- सीएम ने कहा – “यह मानव इतिहास के सबसे बड़े बलिदानों में एक महान गुरु साहिब का सम्मान है।
- समुदाय के सुझावों के आधार पर हम गुरु साहिब की विरासत को श्रद्धांजलि दे रहे हैं – मंजिन्दर सिंह सिरसा
- यह कार्यक्रम दिल्ली की मिश्रित संस्कृति का प्रतीक है – गुरु साहिब के एकता, साहस और धार्मिकता के संदेश को समर्पित श्रद्धांजलि – कपिल मिश्रा
नई दिल्ली, 30 जुलाई 2025 । दिल्ली सरकार 9वें सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को लाल किले में आयोजित एक भव्य 3 दिवसीय कार्यक्रम के माध्यम से मनाएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में इस कार्यक्रम की तैयारियों पर उच्च-स्तरीय बैठक हुई। बैठक में दिल्ली के कला एवं संस्कृति मंत्री कपिल मिश्रा, पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा, प्रमुख सिख नेता, धार्मिक संगठन और समुदाय के अन्य गणमान्य लोग शामिल हुए।
बैठक में पद्मश्री एवं राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह, पूर्व सांसद तरलोचन सिंह, एसएस कोहली, चरण सिंह (पंजाब एंड सिंध बैंक), डीएसजीएमसी चेयरमैन हरमीत सिंह कालका तथा दिल्ली-एनसीआर व अन्य राज्यों के गुरुद्वारा कमेटी सदस्य मौजूद रहे।

सीएम रेखा गुप्ता ने कहा, “श्री गुरु तेग बहादुर जी का शहीदी दिवस भारत के सर्वोच्च आदर्शों – आज़ादी, न्याय और करुणा – का प्रतीक है। यह कार्यक्रम दिल्ली की ओर से उन मूल्यों के प्रति दिल से दी गई श्रद्धांजलि है। हमारा उद्देश्य इतिहास को याद करना ही नहीं बल्कि गुरु साहिब का शाश्वत संदेश हर पीढ़ी तक पहुँचाना है।”
उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश का सबसे बड़ा और दिल्ली का पहला ऐसा कार्यक्रम होगा जहां सभी धर्मों के लोग मिलकर गुरु साहिब के सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देंगे।
वरिष्ठ सिख नेता और पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, “पहली बार दिल्ली में गुरु साहिब के जीवन और शिक्षाओं पर आधारित इतना बड़ा और इमर्सिव आयोजन होगा। लाल किले में लाइट एंड साउंड शो आयोजित किया जाएगा, जिसमें पूरी तरह सिख इतिहास और दर्शन को दर्शाया जाएगा।”
उन्होंने आगे कहा, “छात्रों के लिए वर्चुअल रियलिटी (वीआर) अनुभव की शुरुआत भी की जाएगी, जिससे वे गुरु साहिब के जीवन के अहम क्षणों को महसूस कर सकेंगे। कला एवं संस्कृति विभाग लगातार समुदाय और गुरुद्वारा समितियों के सुझावों पर काम कर रहा है। जून में हुई बैठक में कई विचार रखे गए थे, जिनके आधार पर यह कार्यक्रम डिजाइन हो रहा है। सरकार ने जौनापुर में बन रहे मियावाकी जंगल को गुरु साहिब को समर्पित करने का भी निर्णय लिया है।”
सिरसा ने यह भी बताया कि गुरु साहिब की शिक्षाओं को इस कार्यक्रम के दौरान विभिन्न भाषाओं में जनता तक पहुँचाया जाएगा ताकि उनके आध्यात्मिक और दार्शनिक योगदान को व्यापक रूप से समझा जा सके।

कला, संस्कृति और भाषा मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा, “यह कार्यक्रम दिल्ली का कर्तव्य है – गुरु साहिब के एकता, साहस और धार्मिकता के संदेश को समर्पित श्रद्धांजलि। हम गुरु तेग बहादुर स्मारक का पुनर्निर्माण कर रहे हैं, जहां रोजाना लाइट एंड साउंड शो शुरू किया जाएगा। समुदाय के सुझावों के आधार पर दिल्ली सरकार सिख इतिहास पर केंद्रित एक शोध एवं अध्ययन केंद्र स्थापित करने पर भी विचार कर रही है।”
उन्होंने आगे कहा, “ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी – जिन्होंने हमेशा सिख इतिहास और वीरता को वैश्विक स्तर पर लाने का काम किया है – और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के प्रभावी मार्गदर्शन में यह कार्यक्रम सांस्कृतिक जिम्मेदारी का एक नया अध्याय होगा। हमारा लक्ष्य दिल्ली के युवाओं को सिख धर्म की समृद्ध आध्यात्मिक और ऐतिहासिक धरोहर से जोड़ना है।”
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:
* लाल किले में सिख इतिहास और गुरु साहिब के जीवन पर आधारित लाइट एंड साउंड शो
* 4 दिनों तक हजारों श्रद्धालुओं के लिए कीर्तन दरबार और लंगर
* सभी धर्मों के समुदाय नेताओं के साथ सेमिनार
* दुर्लभ सिख पांडुलिपियों, पेंटिंग्स और ऐतिहासिक दस्तावेजों की प्रदर्शनी सहित इमर्सिव म्यूजियम
* ऐप आधारित वैश्विक सहभागिता
* छात्रों के लिए वीआर अनुभव – गुरु साहिब के जीवन के अहम क्षणों का अनुभव
* जीटीबी स्मारक पर रोजाना लाइट एंड साउंड शो की तैयारी
* गुरु साहिब की शिक्षाओं का बहुभाषी संकलन
* दिल्ली के गुरुद्वारों का विशेष प्रकाशन और कीर्तन दरबार
* सिख गुरुओं की रोशन विरासत पर आधारित ऑडियो-विजुअल फीचर्स
* गुरु तेग बहादुर जी के जीवन और शिक्षाओं पर कॉफी टेबल बुक का विमोचन
दिल्ली सरकार इस कार्यक्रम के साथ-साथ सालभर सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्कूल-कॉलेजों में प्रतियोगिताएंये, वाद-विवाद और प्रदर्शनियां आयोजित करेगी। इन प्रयासों का उद्देश्य युवा पीढ़ी को गुरु तेग बहादुर जी के साहस और विरासत से जोड़ना और दिल्ली की सिख धरोहर को और मजबूत करना है।
