- “आपकी बहन यहां है!” सीएम रेखा गुप्ता ने आंध्र प्रदेश से आए प्रतिनिधियों से कहा
नई दिल्ली । 30 जुलाई 2025 । मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आंध्र प्रदेश से आए वैश्य समाज के लोगों के बीच पहुंच कर सम्मान स्वीकार किया। उन्होंने न सिर्फ लोगों के उनके प्रति प्रेम और सम्मान को सराहा बल्कि लोगों को समाज और देश के समृद्धि में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रोत्साहित भी किया।

यह सम्मान समारोह ‘आंध्र प्रदेश राज्य आर्य वैश्य युवजन संगम’ (एवीवाईएस) द्वारा आयोजित किया गया, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से अपने व्यय पर आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस अवसर पर संगठन के राज्य अध्यक्ष दीपाकुंतलां शबरी प्रसाद, भारतीय जनता युवा मोर्चा (बीजेवाईएमBJYM) आंध्र प्रदेश के अध्यक्ष मिट्टा वामसी कृष्णा सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे। आगंतुकों ने मुख्यमंत्री को सम्मानित करते हुए कहा कि यह उनके लिए गर्व का विषय है कि उनके समाज की बेटी आज मुख्यमंत्री पद पर आसीन है। उन्होंने रेखा गुप्ता को न केवल वैश्य समाज बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया। वामसी कृष्णा ने कहा कि मुख्यमंत्री महोदया, आप न केवल हमारे समाज का बल्कि पूरे नारी समाज का गौरव बढ़ा रही हैं। आपके नेतृत्व में दिल्ली ने उत्कृष्ट कार्य कर उदाहरण प्रस्तुत किया है।

लोगों के स्नेह से अभिभूत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि आपकी आंखों में झलकता प्रेम यह सिद्ध करता है कि सच्चे सम्मान और रिश्तों की कोई भाषा या दूरी नहीं होती। बिना किसी स्वार्थ के भी संबंध बनते हैं और पीढ़ियों तक मजबूत रहते हैं। मैं आप सभी का हृदय से आभार व्यक्त करती हूं कि आप इतनी दूर से यहां पहुंचे। लोगों को प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि निष्ठा और सजगता से किया गया कर्म कभी व्यर्थ नहीं जाता। उन्होंने अपनी जीवन यात्रा साझा करते हुए कहा, “मैं एक साधारण परिवार में जन्मी और आज इस पद पर हूं, यह ईश्वर की कृपा है। यदि आप अपने कर्म में सच्चे और अपने सपनों के प्रति समर्पित हैं, तो सफलता अवश्य मिलती है।”
मुख्यमंत्री ने वैश्य समाज की सराहना करते हुए कहा कि यह समुदाय कश्मीर से कन्याकुमारी तक अपनी मेहनत, व्यापार और सामाजिक योगदान से न केवल भारत की अर्थव्यवस्था को सशक्त बना रहा है, बल्कि समाज को भी सबल करने में अहम भूमिका निभा रहा है। वामसी कृष्णा के आमंत्रण पर उन्होंने कहा कि वह शीघ्र ही आंध्र प्रदेश जाकर भगवान वेंकटेश के दर्शन करेंगी। अपने उद्बोधन का समापन में मुख्यमंत्री ने भावपूर्ण शब्दों में कहा, “आपकी बहन यहां है।” यह वाक्य उपस्थित लोगों के लिए स्नेह और गर्व का प्रतीक बन गया।
