प्रविधिका समापन समारोह एवं वक़्फ़ संशोधन अधिनियम 2025 पर पैनल चर्चा हुई

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  •  वीरेंद्र सचदेवा ने लीगल प्रकोष्ठ के कार्य की सराहना की

नई दिल्ली। 28 जुलाई 25 । भारतीय जनता पार्टी, दिल्ली प्रदेश (कानूनी प्रकोष्ठ) द्वारा आयोजित प्रतिष्ठित विधिक इंटर्नशिप कार्यक्रम प्रविधिका का समापन समारोह उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम को दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेन्द्र सचदेवा एवं विधायक अरविंदर सिंह लवली ने सम्बोधित किया।

सचदेवा ने अपने सम्बोधन में कहा की पार्टी में आज लीगल प्रकोष्ठ एवं अधिवक्ता साथियों का विशेष महत्व है क्योंकि समाज के अन्य क्षेत्रों की तरह राजनीति में भी सोशल मीडिया, मीडिया का हस्ताक्षेप बहुत बढ़ गया है, चुनाव आयोग की प्रक्रिया भी कानूनी रूप से जटिल हुई है अतः लीगल प्रकोष्ठ का पार्टी के दैनिक कामकाज से जुड़ गया है और यह हर्ष का विषय है लीगल प्रकोष्ठ सुगमता से पार्टी गतिविधियां चलाने में सहयोग दे रहा है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य कानून के छात्रों एवं युवा विधिज्ञों को विधायी प्रक्रियाओं, कानूनी अनुसंधान, जनहित याचिकाओं एवं नीति-निर्माण में व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना था, जिससे उनमें राष्ट्रीय सेवा और संवैधानिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास हो।

इस अवसर पर अनेक प्रख्यात विधि विशेषज्ञों एवं राजनीतिक हस्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें वरिष्ठ अधिवक्ता एवं सांसद महेश जेठमलानी, संविधान विशेषज्ञ डॉ. बी. रामास्वामी, कानूनी लेखिका एवं सामाजिक कार्यकर्ता सुश्री मोनिका अरोड़ा भी सम्मिलित हुए। सभी वक्ताओं ने युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संवैधानिक मर्यादाओं के संरक्षण के लिए प्रेरित किया।

समारोह की प्रमुख विशेषता वक़्फ़ संशोधन अधिनियम 2025 पर आयोजित पैनल चर्चा रही। वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल सोनी, वरिष्ठ अधिवक्ता मोनिका अरोड़ा एवं अधिवक्ता डॉ. बी. रामास्वामी ने अधिनियम के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य, पारदर्शिता की चुनौतियों एवं विधिक सुधार की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

 

उन्होंने संशोधन अधिनियम का स्वागत करते हुए इसे दीर्घकालिक विधिक असंतुलन को ठीक करने वाला आवश्यक कदम बताया।

पैनल ने स्पष्ट किया कि पूर्ववर्ती कानूनों के तहत वक़्फ़ बोर्डों को असीमित अधिकार प्राप्त थे, जिससे कई बार बिना उचित प्रक्रिया के निजी संपत्तियों को वक़्फ़ घोषित कर दिया जाता था। नया अधिनियम नोटिस, सुनवाई और आपत्ति दर्ज कराने जैसे आवश्यक प्रक्रियात्मक प्रावधानों के माध्यम से पारदर्शिता, न्यायिक निगरानी और संपत्ति अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

वक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कानून वक़्फ़ विरोधी नहीं, बल्कि न्याय समर्थक है, जो समानता, निष्पक्षता और कानूनी उत्तरदायित्व को बढ़ावा देता है। यह संशोधन धार्मिक संपत्ति विवादों में पक्षपात को रोकते हुए धर्मनिरपेक्षता को सुदृढ़ करता है।

प्रविधिका इंटर्नशिप के माध्यम से प्रतिभागियों को अनुसंधान परियोजनाओं, विशेषज्ञ सत्रों और फील्ड विज़िट्स के माध्यम से व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ। समारोह का समापन इंटर्न्स के सम्मान एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें कानून के माध्यम से एक न्यायपूर्ण एवं समतामूलक समाज के निर्माण की प्रतिबद्धता को दोहराया गया।

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