- वालंटियर बनकर परिवार और समाज को नशामुक्त बनाने में दे सकती हैं अहम योगदान
- मंत्री ने नशामुक्ति अभियान को लेकर सभी विभागों और एनजीओ के साथ की समीक्षा बैठक
नई दिल्ली। 18 जुलाई 2025 । समाज कल्याण मंत्री रविन्द्र इंद्राज सिंह ने शुक्रवार को उत्तर दिल्ली जिले में नशामुक्ति अभियान की प्रगति और रणनीति को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि नशे पर नियंत्रण का सबसे प्रभावी तरीका है, इसकी रोकथाम। महिलाओं को नशामुक्ति अभियान से जोड़कर परिवार और समुदाय स्तर पर जागरूकता को नई दिशा दी जा सकती है। जे जे कॉलोनी, झुग्गियों और क्लस्टरों में महिलाओं को जागरूक करें। महिलायें वालंटियर बनकर परिवार और समाज को नशामुक्त बनाने में अहम योगदान दे सकती हैं।
रविन्द्र इंद्राज ने कहा कि नशे पर नियंत्रण के लिए केवल कानून का ही नहीं, समाज का सहयोग भी आवश्यक है, विशेषकर महिलाओं की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। महिलाओं को नशे के आदी होने के लक्षणों, हेल्प लाइन नंबर, डिएडिक्शन सेंटर की जानकारी देकर परिवार और पड़ोस में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित करें।
रविन्द्र इंद्राज ने बताया कि उन्होंने नशे के हॉटस्पॉट क्षेत्रों में बीट अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा है। साथ ही, पुलिस से चयनित डार्क स्पॉट्स की सूची साझा करने और वहां सघन निगरानी के निर्देश दिए गए हैं ताकि जागरूकता अभियानों को प्रभावी ढंग से चलाया जाए।
उन्होंने मेडिकल स्टोर्स और अन्य दुकानों पर नशीले उत्पादों की बिक्री पर विशेष निगरानी रखने और सार्वजनिक स्थलों जैसे पार्कों व टॉयलेट्स में नशे के दुरुपयोग की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने को कहा।
समाज कल्याण मंत्री ने छात्रों को नशे से बचाने हेतु स्कूल-कॉलेज परिसरों के 100 मीटर दायरे में तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने और इसकी सख्ती से निगरानी कराने के निर्देश दिए।
समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे ‘नशामुक्त भारत अभियान’ के अंतर्गत दिल्ली को नशामुक्त बनाने और पुनर्वास सेवाओं को प्रभावी बनाने के लिए पुलिस, स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभागों के बीच समन्वय को और अधिक मजबूत किया जाए। साथ ही, निजी संगठनों के अनुभव, संसाधनों और मानवशक्ति का उपयोग किया जाए।

रविन्द्र इंद्राज ने कहा कि सभी विश्वविद्यालयों से अपने परिसरों में ‘नशा मुक्ति क्लब’ बनाने और ‘ड्रग फ्री कैंपस’ घोषित करने का आग्रह किया गया है।
बैठक में डीएम एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, समाज कल्याण विभाग और इस क्षेत्र में कार्यरत एनजीओ ने अभियान की प्रगति की जानकारी दी।
श्री रविन्द्र इंद्राज ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत ‘ड्रग फ्री दिल्ली-ड्रग फ्री भारत’ लक्ष्य को पूरा करने के लिए सभी विभागों को समन्वय बनाकर अपना योगदान देने के आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में सभी विभागों और संगठनों ने अपने अनुभव साझा किए और विकसित व नशामुक्त दिल्ली के लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु संयुक्त प्रयासों का संकल्प लिया।
