- इसमे गांवों के ऐतिहासिक और भौगोलिक हक को मिले स्थान
नई दिल्ली, 15 जुलाई 2025 । दिल्ली पंचायत संघ ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से दिल्ली के गांवों के ऐतिहासिक और भौगोलिक हक को मान्यता देने की पुरजोर मांग की है। पंचायत संघ के प्रमुख थान सिंह यादव ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि मास्टर प्लान 2041 को लागू कराने से पहले गांवों को लाल डोरा, विस्तारित लाल डोरा के साथ कृषि भूमि पर बसी पुरानी आबादी को मालिकाना हक दिया जाए।
पंचायत संघ ने दिल्ली सरकार की मास्टर प्लान 2041 को शीघ्र लागू कराने की कोशिशों की सराहना करते हुए कहा कि यह दिल्ली के शहरी और ग्रामीण विकास का अहम दस्तावेज है। लेकिन इसके लागू होने से पहले दिल्ली देहात क्षेत्र के हज़ारों वर्षों पुराने गांवों और उनकी प्राकृतिक रूप से बढ़ी आबादी को अधिकार दिए जाएं।
पंचायत संघ प्रमुख थान सिंह यादव ने कहा, “दिल्ली के गांवों की उपेक्षा दशकों से चली आ रही है। अब जब मास्टर प्लान के ज़रिये दिल्ली के भविष्य की योजना बनाई जा रही है, तो देहात के किसानों और ग्रामीणों को भी उसका सम्मानजनक हिस्सा बनाना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि पुराने लाल डोरा क्षेत्र, विस्तारित लाल डोरा और उसके कृषि भूमि पर बनी आबादी क्षेत्र की संपत्तियों को भी मालिकाना अधिकार दिया जाए।
पंचायत संघ प्रमुख थान सिंह यादव ने जोर देकर कहा कि दिल्ली देहात का इतिहास और उसकी विरासत केवल योजनाओं में नहीं, ज़मीनी अधिकारों में दिखनी चाहिए। जिससे दिल्ली के ग्रामीण समाज को आत्मसम्मान के साथ विकास की मुख्यधारा में जोड़ा जा सके।
