नई दिल्ली: 15 जुलाई 2025 । दिल्ली सरकार ने राजधानी के लोगों को बेहतरीन व विश्वस्तरीय परिवहन सेवा मुहैया कराने के लिए दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) का कायापलट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना के तहत जल्द ही स्मार्ट कार्ड जारी होंगे, डीटीसी की बसों के रूट नए तरह से निर्धारित किए जा रहे हैं, दिल्ली के अंतरराज्यीय बस अड्डों को अति आधुनिक बनाने का निर्णय लिया गया है। साथ ही बस क्यू शैल्टर (बस स्टैंड) को यात्रियों के लिए सुविधाजनक और हाईटेक बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और सहयोग से दिल्ली को विश्वस्तरीय सार्वजनिक परिवहन सुविधा से सुसज्जित करने का सपना शीघ्र साकार होगा।
इस मसले को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज परिवहन विभाग की एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। बैठक में परिवहन मंत्री डॉ. पंकज सिंह, चीफ सेक्रेटरी धमेंद्र, परिवहन आयुक्त निहारिका राय व अन्य आला अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि पूर्व सरकार की बदइंतजामी के कारण 60 हजार करोड़ के घाटे में चल रही डीटीसी को हर हाल में उबारकर उसे बेहतरीन परिवहन सेवा में बदला जाएगा। हमारी सरकार ने पूरी तैयारी कर ली है। इसके लिए छोटी (DEVI) और बड़ी बसों की संख्या तो बढ़ाई ही जा रही है, साथ ही इनके रूट भी इस तरह से बनाए जा रहे हैं ताकि लोगों की पहुंच उन तक आसानी से हो जाए। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि हमारी सरकार चाहती है कि दिल्ली में डीटीसी शानदार परिवहन सेवा के रूप में नाम कमाए।

बैठक में मुख्यमंत्री व परिवहन मंत्री के समक्ष यह बताया गया कि किस तरह डीटीसी के पूरे सिस्टम को चुस्त-दुरुस्त व लोगों के लिए सुविधाजन बनाया जा सकता है। उच्चस्तरीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि हम दिल्ली की सभी परिवहन सेवाओं जैसे डीटीसी, मेट्रो, आआरटीएस के लिए एक ही स्मार्ट कार्ड लाने जा रहे हैं। इसमें दिल्ली की महिलाओं/ट्रांसजेंडरों के लिए पिंक कार्ड भी शामिल है, जिसके आधार पर वे डीटीसी में फ्री सफर कर सकेंगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मसले पर बैंकों से बात चल रही है जो लोगों को कार्ड जारी करेंगे। लोगों तक यह कार्ड आसानी से पहुंचे, इसके लिए फुलप्रूफ व्यवस्था बनाई जा रही है। यह कार्ड दिल्ली वालों को परेशानी से बचाने के लिए बड़ी भूमिका निभाएगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी जानकारी दी कि दिल्ली में डीटीसी के अधीन 660 छोटी इलेक्ट्रिक बसें और 1800 बड़ी इलेक्ट्रिक चल रही हैं। ईवी बेड़े की कुल 4800 बसें हैं। इसके अलावा सीएनजी की भी 1800 बसों का बेड़ा दौड़ रहा है। हमने पाया कि इलेक्ट्रिक बसों के आने से डीटीसी की पहुंच तो बढ़ी है, लेकिन इनके रूट अभी भी पुराने ढर्रे पर चल रहे हैं, जिससे यह बसें पूरी दिल्ली के यात्रियों को कवर नही कर पा रही है। हमारी सरकार ने आईआईटी दिल्ली के साथ मिलकर बसों का नया रूट बनाया है। इस रूट की विशेषता यह है कि यह दिल्ली के छोटे इलाकों को तो कवर ही करेगा साथ ही दिल्ली मेट्रो से भी यात्रियों को जोड़ेगा। प्रयोग के तौर पर शीघ्र ही यमुनापार में यह सिस्टम लागू किया जा रहा है। उसके बाद इसे पूरी दिल्ली में लागू कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि उनकी सरकार दिल्ली के सभी बस क्यू शैल्टरों को यात्रियों के लिए सुविधाजनक तो बनाने जा ही रही है, साथ ही उन्हें हाईटेक भी बनाया जाएगा, ताकि वहां से समय पर बस रूट की जानकारी और उनके आने का समय भी पता चल सके। उन्होंने बताया कि पूरी दिल्ली में 4627 बस क्यू शैल्टर हैं। इनमें से 2021 कार्यरत हैं। अगर डिजाइन की बात करें तो 1580 स्टील के बने हैं और 250 पुराने बस शेल्टर हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि परिवहन विभाग ने देश के अलावा कुछ देशों के बस क्यू शैल्टर का भी अध्ययन किया है और दिल्ली के इलाकों के मिजाज से कुछ शेल्टरों का चयन किया है। यह सभी शेल्टर पीपीपी आधार पर बनाए जाएंगे और इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि वे सौर ऊर्जा से संचालित हों।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी बताया कि हमारी सरकार ने दिल्ली के अंतरराज्यीय बस अड्डों को अति आधुनिक बनाने का निर्णय लिया है। इनमें कश्मीरी गेट, सराय काले खां, आनंद विहार आदि शामिल हैं। उन्होंने बताया कि सालों से इन बस अड्डों का ध्यान नहीं रखा गया है, जिस कारण वहां यात्रियों को पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही है। हमारी सरकार इन बस अड्डों को अति आधुनिक व यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाएगी। इन बस अड्डों का लुक हवाई अड्डों जैसा नजर आएगा। सारी आधुनिक सुविधाओं से इन बस अड्डों को संचालित किया जाएगा। इसके लिए शीघ्र ही कार्रवाई की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और सहयोग से दिल्ली को विश्वस्तरीय सार्वजनिक परिवहन सुविधा से सुसज्जित करने का सपना शीघ्र ही साकार होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित में केंद्र और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से दिल्लीवासियों को आने वाले वर्षों में एक सुलभ, हरित और स्मार्ट परिवहन व्यवस्था का अनुभव होगा।
दिल्ली के परिवहन मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल मार्गदर्शन और दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली को विकसित भारत की विकसित राजधानी’ बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हमारी सरकार दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के बेड़े में शामिल हो रही नई बसों के साथ ही इलेक्ट्रिक बसों के बढ़ते बेड़े को भी ध्यान में रखते हुए राजधानी दिल्ली के सभी बस डिपो और बस टर्मिनल को अपग्रेड करने का काम कर रही है। जहां इलेक्ट्रिक बसों की चार्जिंग की सुविधा और मेंटिनेंस के साथ ही बस यात्रियों, ड्राइवरों की सुविधा का भी विशेष तौर पर ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि राजधानी दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाके में चल रही डीटीसी की DEVI बस सेवा को दिल्लीवासियों से शानदार प्रतिक्रिया मिल रही है। डीटीसी के बेड़े में नई इलेक्ट्रिक बसों के जुड़ने से लास्ट-माइल कनेक्टिविटी और ज्यादा बेहतर हो रही है।
परिवहन मंत्री के अनुसार परिवहन विभाग को रेवेन्यू सरप्लस वाली मजबूत संस्था बनाना दिल्ली सरकार की प्राथमिकता है। परिवहन विभाग सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के लिए रूट रेशनलाइजेशन पर तेजी से काम कर रही है।
