- सीएम ने किया शालीमार बाग में ओवरहेड से अंडरग्राउंड वायरिंग के पहले पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ
- 100 करोड़ रुपये के बजट से दिल्ली के हर कोने में फैलेगा स्मार्ट अंडरग्राउंड वायरिंग नेटवर्क
नई दिल्ली, 12 जुलाई 2025 । दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग विधानसभा के बीएच (पूर्व) ब्लॉक में बिजली की ऊपरी तारों को भूमिगत (अंडरग्राउंड) करने के पहले पायलट प्रोजेक्ट का विधिवत शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना को लगभग तीन महीने की अवधि में पूरा किया जाएगा। इस कार्य से न केवल दिल्ली की सौंदर्य छवि को निखारा जाएगा, बल्कि नागरिकों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित किया जाएगा। इस विशेष कार्यक्रम में ऊर्जा मंत्री आशीष सूद भी मौजूद थे।
परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बताया कि इस योजना से शालीमार बाग के बीएच ब्लॉक जनता फ्लैट्स में रहने वाले लगभग 5500 परिवार लाभान्वित होंगे और क्षेत्र की दृश्य छवि भी बेहतर होगी। 8.07 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के अंतर्गत 5 किलोमीटर लंबे HT और LT ओवरहेड तारों को हटाकर 10 किलोमीटर भूमिगत LT (440V) और 1.2 किलोमीटर HT (11KV) नेटवर्क बिछाया जाएगा। इसके साथ ही 23 नए डबल सोर्स फीडर पिलर बॉक्स लगाए जाएंगे, जो बिजली आपूर्ति को अधिक विश्वसनीय बनाएंगे। क्षेत्र में नई स्ट्रीट लाइटों के लिए GI ऑक्टागोनल पोल और CCMS स्विच लगाए जाएंगे, जिससे रात में रोशनी की गुणवत्ता में सुधार होगा। इस पूरी योजना के कार्यान्वयन के बाद नागरिकों को हर मौसम में निर्बाध 24×7 बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि आज शुरू किया गया यह कार्य, जिसमें ओवरहेड वायरिंग को भूमिगत किया जा रहा है, दिल्ली के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट है। यह तकनीकी विकास के साथ-साथ एक स्पष्ट विजन का प्रतीक है, जिससे राजधानी की ऊर्जा व्यवस्था अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बन सकेगी। उन्होंने बताया कि तारों की खुली और अव्यवस्थित व्यवस्था से शहर की सुंदरता प्रभावित होती है और नागरिकों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती है। यह परियोजना उन समस्याओं को दूर करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है, जिससे लोगों को एक बेहतर जीवन अनुभव मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि यह तो केवल एक शुरुआत है, हमारी सरकार की योजना है कि इस पायलट प्रोजेक्ट को दिल्ली के अन्य क्षेत्रों में भी जल्द से जल्द लागू किया जाएगा। इस योजना के लिए सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। यह राशि विभिन्न चरणों में दिल्ली के अन्य क्षेत्रों में भी इस परियोजना के विस्तार के लिए इस्तेमाल की जाएगी। भूमिगत तारों की व्यवस्था से बिजली आपूर्ति और अधिक विश्वसनीय, सुरक्षित और कुशल बनेगी। उन्होंने बताया कि यह परियोजना माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के “स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर” विज़न की भावना के अनुरूप है। चाहे यमुना सफाई अभियान हो, नहरों पर सड़कों का निर्माण हो या आधुनिक नगरीय व्यवस्था — प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और समर्थन से दिल्ली को एक स्वच्छ, सुंदर और टिकाऊ राजधानी के रूप में पुनः गढ़ने का कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब दिल्ली सिर्फ एक राजधानी नहीं, बल्कि एक स्मार्ट, ऊर्जा-सक्षम और हरित ऊर्जा को अपनाने वाला आधुनिक शहर बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। हर घर को निर्बाध बिजली आपूर्ति, उद्योगों के लिए स्थायी समाधान और पर्यावरण के अनुकूल ढांचा , यही है हमारी दिल्ली का भविष्य। उन्होंने ऊर्जा मंत्री श्री आशीष सूद और उनकी टीम को इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों के लिए बधाई दी और कहा कि हमारा उद्देश्य है कि भविष्य में दिल्ली का कोई भी क्षेत्र तारों के जाल से न घिरा हो और सभी तार सुरक्षित रूप से भूमिगत हों। इससे राजधानी एक स्वच्छ, सुरक्षित और आधुनिक ऊर्जा व्यवस्था वाली सिटी के रूप में विकसित होगी।

अन्य विकास कार्यों का विवरण:
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर शालीमार बाग क्षेत्र में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार राजधानी के प्रत्येक हिस्से में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि बीएच (पूर्व ) शालीमार बाग में नई नालियों के निर्माण का कार्य 10 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है। इसी तरह सहीपुर गांव में नई सीवर लाइन बिछाई जा रही है, जिसकी अनुमानित लागत भी 10 लाख रुपये है।
इसके अतिरिक्त सहीपुर क्षेत्र में एक नया चौपाल पर आरोग्य मंदिर प्रस्तावित किया गया है। वहीं, सहीपुर जोड़ में भी विकास कार्य प्रगति पर है, जिसकी लागत 10 लाख रुपये निर्धारित की गई है। सहीपुर की गलियों में RMC निर्माण कार्य 25 लाख रुपये की लागत से किया जा रहा है, जिसका उद्घाटन हो चुका है। इसके अतिरिक्त, सहीपुर में IGL नेटवर्क बिछाने का कार्य भी चरणबद्ध रूप से आगे बढ़ रहा है, जहां गलियों की स्थिति और अन्य चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यह काम किया जा रहा है। साथ ही सहीपुर पार्क की बाउंड्री वॉल के निर्माण के लिए भी कार्यादेश जारी कर दिया गया है।
इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने कनीष्का अपार्टमेंट के सी और डी ब्लॉक में 23.48 लाख रुपये की लागत से तैयार की जा रही बाउंड्री वॉल निर्माण परियोजना का भी उद्घाटन किया।
