- AAI और एमिटी यूनिवर्सिटी ऑनलाइन ने तीरंदाजों की शिक्षा को समर्थन देने के लिए साझेदारी की
नई दिल्ली, 11 जुलाई 25 । भारतीय तीरंदाजी संघ के अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा की उपस्थिति में आज दिल्ली भाजपा अध्यक्ष एवं AAI के महासचिव ने नोएडा स्थित एमिटी यूनिवर्सिटी के साथ तीरंदाजों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक साझेदारी पर हस्ताक्षर किए। यूनिवर्सिटी के प्रमोटर अशोक चव्हाण ने तीरंदाजी खिलाड़ियों को समर्थन देने के लिए इस करार पर हस्ताक्षर किए।
इस अवसर पर अर्जुन मुंडा और वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि वर्षों से भारतीय तीरंदाजी संघ ने यह देखा है कि कई एथलीट्स को एक बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ता है: कठोर प्रशिक्षण कार्यक्रमों और राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के कारण अपनी शिक्षा पूरी कर पाना उनके लिए कठिन हो जाता है। अक्सर खिलाड़ी कॉलेजों में प्रवेश तो लेते हैं, लेकिन कक्षाओं में भाग नहीं ले पाते या परीक्षा नहीं दे पाते, जिससे उनकी अकादमिक प्रगति बाधित होती है।

इस महत्वपूर्ण समस्या के समाधान के लिए, भारतीय तीरंदाजी संघ और एमिटी यूनिवर्सिटी ऑनलाइन ने एक ऐतिहासिक समझौते के तहत साझेदारी की है, जिससे हमारे तीरंदाज अपनी खेल प्रतिबद्धताओं को बनाए रखते हुए उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकें।
यह साझेदारी हमारे समर्पित सीनियर, जूनियर और पैरा तीरंदाजों को अपनी पढ़ाई जारी रखने की आवश्यक लचीलापन (flexibility) प्रदान करेगी, जिससे वे अपने खेल करियर के साथ-साथ शिक्षा में भी आगे बढ़ सकें। इस कार्यक्रम के अंतर्गत ‘CHAMPS’ नामक खेल छात्रवृत्तियां स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों के लिए दी जाएंगी। एमिटी यूनिवर्सिटी ऐसे विशेष कार्यक्रम प्रस्तुत करेगी जो खिलाड़ियों की व्यस्त दिनचर्या को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए हैं, ताकि वे कक्षाएं ले सकें और आसानी से परीक्षाएं दे सकें।
CHAMPS छात्रवृत्ति योजना तीन स्तरों पर उपलब्ध होगी, जिससे आर्थिक स्थिति कभी भी खिलाड़ियों की शिक्षा और खेल की आकांक्षाओं में बाधा न बने:
• अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी: पूरे कार्यक्रम शुल्क पर 100% छात्रवृत्ति।
• राज्य स्तर के खिलाड़ी: कार्यक्रम शुल्क पर 50% छात्रवृत्ति।
• जिला स्तर के खिलाड़ी: कार्यक्रम शुल्क पर 30% छात्रवृत्ति।
ऑनलाइन शिक्षा छात्रों को पूरी लचीलापन देती है। छात्र रिकॉर्डेड व्याख्यान के माध्यम से कभी भी, कहीं भी अध्ययन कर सकते हैं और अपने खेल अभ्यास या प्रतियोगिताओं को प्रभावित किए बिना अपनी पढ़ाई पूरी कर सकते हैं। वे प्रशिक्षण या प्रतियोगिता के दौरान भी परीक्षा दे सकते हैं।
अपने तीरंदाजों की मानसिक क्षमता और आत्मबल को और मज़बूत करने के लिए एमिटी यूनिवर्सिटी ऑनलाइन की ओर से स्पोर्ट्स साइकोलॉजी में एक निःशुल्क सर्टिफिकेशन प्रोग्राम भी प्रदान किया जाएगा, जो उनके प्रदर्शन को बेहतर बनाने और खेल में सफलता प्राप्त करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
अशोक चव्हाण ने कहा कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत तीरंदाजों को शिक्षाविषयक, परीक्षा, असाइनमेंट या लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म से जुड़ी किसी भी सहायता हेतु एक समर्पित काउंसलर भी प्रदान किया जाएगा।
यह सहयोग AAI और एमिटी यूनिवर्सिटी की अपने खिलाड़ियों के समग्र विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसमें खेल कौशल के साथ-साथ शैक्षणिक उपलब्धि को भी समान रूप से महत्व दिया गया है।
हम सभी मानते हैं कि यह पहल हमारे तीरंदाजों को उनके खेल में उत्कृष्टता प्राप्त करने के साथ-साथ खेल क्षेत्र से आगे के भविष्य के लिए एक मजबूत आधार तैयार करने में सक्षम बनाएगी।
