• मोदी के ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान और रेखा गुप्ता के ‘विकसित दिल्ली’ विज़न से प्रेरित हो रही है जनभागीदारी आधारित वृक्षारोपण अभियान
नई दिल्ली,। 10 जुलाई 25 । जुलाई के महीने में दिल्ली की वायु गुणवत्ता को लेकर एक उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। राजधानी के 13 प्रमुख हॉटस्पॉट्स में से 5 स्थानों ने आज ‘गुड’ श्रेणी में AQI दर्ज किया — विवेक विहार में AQI केवल 35 रहा, जबकि द्वारका (40), जहांगीरपुरी (47), पंजाबी बाग (48) और रोहिणी (50) में भी वायु गुणवत्ता ‘गुड’ रही। पूरे शहर का औसत AQI 59 रहा, जो कि लगातार 15वां दिन है जब दिल्ली की हवा ‘संतोषजनक’ श्रेणी में रही।

पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस उपलब्धि को लेकर कहा: “यह केवल एक आंकड़ा नहीं है — यह दिल्ली के लिए एक निर्णायक क्षण है, खासकर जुलाई जैसे महीने में। दशकों बाद हम इस महीने में अब स्वच्छ हवा में सांस ले रहे हैं। यह सतत प्रयास, तकनीक आधारित निगरानी और सबसे महत्वपूर्ण — जनभागीदारी का परिणाम है।”
उन्होंने आगे कहा, “ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सक्षम नेतृत्व में हमनें यह सिद्ध किया है कि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति और प्रभावी नेतृत्व मिलकर असंभव को संभव बना सकते हैं। जहां पूर्ववर्ती सरकारें प्रदूषण को लेकर स्वास्थ्य की उपेक्षा करती रहीं, वहीं हमारी सरकार ने पर्यावरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।”
शास्त्री पार्क सिटी फॉरेस्ट में मनाया गया वन महोत्सव 2025
वन महोत्सव 2025 के अंतर्गत आज शास्त्री पार्क सिटी फॉरेस्ट में एक भव्य वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा, विधायक जितेन्द्र महाजन एवं संजय गोयल उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने इस अभियान में भाग लिया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान जनमानस से जुड़ चुका है।
वन महोत्सव 2025 के अंतर्गत राजधानी में हजारों की संख्या में पौधारोपण किया जा रहा है। इस वर्ष कुल 70 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
सिरसा ने कहा, “आज लगाया गया हर पौधा हमें हमारे हरित विरासत को लौटाने की ओर एक कदम है। वन महोत्सव अब जन-आंदोलन का रूप ले चुका है और दिल्ली के लोग ही इसकी सबसे बड़ी ताकत हैं।”
पर्यावरण एक्शन प्लान 2025 के तहत प्रौद्योगिकी आधारित समाधान
दिल्ली सरकार पर्यावरण एक्शन प्लान 2025 के अंतर्गत बहुस्तरीय एवं डेटा-आधारित रणनीति पर काम कर रही है, जिसमें प्रदूषण के हर स्रोत को चिन्हित कर उस पर कार्रवाई की जा रही है। सड़कों की यांत्रिक सफाई, ट्रीटेड वाटर से छिड़काव, निर्माण स्थलों पर एंटी-स्मॉग गन, और सख्त धूल नियंत्रण जैसे उपाय निरंतर अपनाए जा रहे हैं।

साथ ही, दिल्ली के तीन प्रमुख लैंडफिल साइट्स पर बायो-माइनिंग मिशन के तहत लिगेसी वेस्ट हटाने का कार्य भी युद्धस्तर पर जारी है, जिससे भूमि पुनः प्राप्त हो रही है और मीथेन उत्सर्जन में कमी आ रही है।
सिविक कार्य एवं बायो-माइनिंग प्रगति रिपोर्ट (9-10 जुलाई):
स्वच्छ, हरित और विकसित दिल्ली के निर्माण के लिए एक व्यापक अभियान जारी:
* बीते 24 घंटों में कुल 11,283.51 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया
* 2,281.8 मीट्रिक टन निर्माण एवं तोड़फोड़ का मालवा निस्तारण
* 6,497 किमी सड़कों की यांत्रिक सफाई
* 710 किमी सड़कों पर 352.45 किलोलीटर ट्रीटेड पानी का छिड़काव
बायो-माइनिंग अभियान की प्रगति:
* भलस्वा: 10,804 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया
* ओखला: 6,507 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया
* गाजीपुर: 9,748 मीट्रिक टन कचरा हटाया गया
कुल हटाया गया लिगेसी वेस्ट (9-10 जुलाई): 27,059.58 मीट्रिक टन
सिरसा ने कहा,“हम केवल बेहतर AQI के लिए ही काम नहीं कर रहे बल्कि — हम दिल्ली की क्षमता को फिर से परिभाषित कर रहे हैं। प्रदूषण नियंत्रण से लेकर वृक्षारोपण और कचरा प्रबंधन तक — हमारी सरकार प्रौद्योगिकी, पारदर्शिता और जन-भागीदारी के दम पर ठोस परिणाम दे रही है। यही है ‘विकसित दिल्ली’ की असली तस्वीर।”
