- कपिल मिश्रा ने ली समीक्षा बैठक
- 31 अगस्त, 2025 तक सभी महत्वपूर्ण योजनाओं का शिलान्यास और शुभारंभ सुनिश्चित करें विभाग
नई दिल्ली। 10 जुलाई, 25 । दिल्ली सचिवालय में दिल्ली सरकार के कला, संस्कृति एवं विकास मंत्री कपिल मिश्रा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पर्यटन, कला, संस्कृति एवं भाषा, विधि एवं न्याय, श्रम, रोजगार तथा विकास विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य मंत्रालय के अंतर्गत चल रही और प्रस्तावित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उनके शीघ्र क्रियान्वयन की दिशा में कार्ययोजना तैयार करना था।
बैठक के उपरांत मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि “दिल्ली के समग्र और संतुलित विकास के लिए हमारी सरकार पूरी निष्ठा से कार्य कर रही है। हम प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन से प्रेरित होकर न्याय, संस्कृति, ग्रामीण उन्नयन, श्रमिक कल्याण और नवाचार जैसे क्षेत्रों में ठोस और दूरदर्शी कदम उठा रहे हैं। सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि 31 अगस्त, 2025 तक सभी महत्वपूर्ण योजनाओं का शिलान्यास और शुभारंभ सुनिश्चित करें ताकि जनता को इन योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
बैठक में जिन प्रमुख योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई और जिनके क्रियान्वयन की दिशा में तेज़ी लाने के निर्देश दिए गए उनमें द्वारका जिला न्यायालय परिसर के निर्माण कार्य का शिलान्यास शामिल है जिससे नागरिकों को न्यायिक सेवाओं की बेहतर सुविधा प्राप्त होगी। नवंबर, 2025 में गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत की स्मृति में पुनर्निर्मित गुरु तेग बहादुर स्मारक की आधारशिला रखी जाएगी। दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड के अंतर्गत विभिन्न ग्रामीण विकास परियोजनाओं की शुरुआत की जाएगी। घुम्मनहेड़ा गांव में आधुनिक सुविधाओं से युक्त एक मॉडल गौशाला की स्थापना की जाएगी।

कपिल मिश्रा ने यह भी कहा कि दिल्ली भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण बोर्ड के अंतर्गत श्रमिकों के लिए ‘अटल कैंटीन’ की स्थापना की जाएगी, जहां उन्हें अत्यधिक रियायती दरों पर पोषक आहार उपलब्ध कराया जाएगा। युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए रोजगार मेलों को नए और अधिक व्यावहारिक स्वरूप में आयोजित किया जाएगा जिससे नियोक्ताओं की आवश्यकताओं और युवाओं की अपेक्षाओं में बेहतर समन्वय हो सके। सितंबर 2025 में ‘विकसित भारत 2047’ थीम पर आधारित 75 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय चित्रकारों की भागीदारी वाली एक भव्य चित्रकला प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही, दिल्ली के लिए एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) नीति का शुभारंभ किया जाएगा जो रचनात्मक उद्योगों को बढ़ावा देगी।
मिश्रा ने आगे बताया कि नीति निर्माताओं और उद्यमियों के लिए एक रचनात्मक इकनोमिक फोरम का भी आयोजन किया जाएगा। गौसेवा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में गौ अभयारण्य की योजना तैयार की जा रही है साथ ही गौसेवा आयोग/बोर्ड का भी गठन किया जायेगा। वसंत विहार स्थित वसंत उद्यान पुरातत्व स्मारक का पुनर्निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है जिसका शीघ्र ही उद्घाटन किया जाएगा। मुकरबा चौक पर निर्मित एम्फीथिएटर का भी उद्घाटन किया जाएगा जिससे सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
इसके अलावा, राजस्व सृजन न्यायालय परियोजना की शुरुआत, वैकल्पिक विवाद समाधान को बढ़ावा देने हेतु मीडिएशन सेल का गठन, रोहिणी जिला न्यायालय परिसर के निकट लगभग 2700 वर्ग मीटर भूमि का विकास और रचनात्मक युवाओं की पहचान के लिए ‘टैलेंट हंट स्कीम’ का शुभारंभ भी प्रस्तावित है।
