एक देश-एक चुनाव संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन नहीं

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नई दिल्ली । 08 जुलाई 25 । पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा, ‘लोकसभा और विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराना संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन नहीं है।’ हालांकि, प्रस्तावित बिल में चुनाव आयोग (ECI) को दी जाने वाली शक्तियों पर चिंता उन्होंने जताई है।

पूर्व CJI ने कहा कि इससे ECI को विधानसभाओं का कार्यकाल बढ़ाने या घटाने की शक्ति मिल सकती है। उन परिस्थितियों को परिभाषित किया जाना चाहिए जिनमें ECI इस शक्ति का इस्तेमाल कर सकता है।

जस्टिस चंद्रचूड़ ने एक देश-एक चुनाव पर बनी संसदीय समिति को अपनी लिखित राय सौंपी है। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 17 दिसंबर, 2024 को लोकसभा में एक देश-एक चुनाव संविधान संशोधन बिल पेश किया था।

पूर्व CJI क्षेत्रीय और छोटी पार्टियों पर पड़ेगा असर जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि एक साथ चुनाव कराने से बेहतर आर्थिक स्थिति वाली नेशनल पार्टियों के प्रभाव से क्षेत्रीय और छोटी पार्टियां हाशिए पर जा सकती हैं। इसके लिए चुनाव अभियान में फाइनेंस से जुड़े नियमों को मजबूत किया जाना चाहिए।

वहीं, पूर्व CJI रंजन गोगोई और पूर्व CJI जेएस खेहर 11 जुलाई को समिति के साथ बिल पर चर्चा करेंगे। जस्टिस गोगोई इससे पहले मार्च में भी समिति के साथ बैठक कर चुके हैं। उस समय उन्होंने भी ECI को बहुत ज्यादा अधिकार दिए जाने पर चिंता जताई थी।

पूर्व CJI यूयू ललित फरवरी में पेश हुए थे। उन्होंने भी चरणबद्ध तरीके से एक साथ चुनाव कराए जाने का समर्थन किया था। हालांकि, उन्होंने कहा था कि जिन विधानसभाओं का कार्यकाल ज्यादा बचा है, उनके समय को कम करने से कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

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