• 4,000 फूलों की लटकती टोकरी (नारियल के खोल में) लगाई जाएंगी
• 80 बड़ी सड़कों पर “गैप फिलिंग” अभियान चलेगा
• 9 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे
• स्मार्ट और स्थायी सिंचाई व्यवस्था लागू की जाएगी
• छतों पर बागवानी और जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा
• 3000 पेड़, 35 लाख झाड़ियां और 3,946 बांस लगाने का लक्ष्य
• हरियाली तीज (27 जुलाई) पर विशेष वृक्षारोपण अभियान
नई दिल्ली । 7 जुलाई 25 । NDMC के उपाध्यक्ष कुलजीत सिंह चहल ने आज पालिका केंद्र में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि NDMC ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल “एक पेड़ मां के नाम” के तहत पूरे नई दिल्ली क्षेत्र में एक बड़ा वृक्षारोपण अभियान शुरू किया है।
“गैप फिलिंग” अभियान – हर कोना हरा-भरा
चहल ने बताया कि NDMC ने इस साल खास “गैप फिलिंग” अभियान शुरू किया है, ताकि सड़कों, चौराहों और राउंडअबाउट्स के किनारे लगातार हरियाली बनी रहे। इस बार करीब 80 सड़कों को कवर किया जाएगा, जबकि पहले सिर्फ 2–4 सड़कों तक सीमित था। यह अभियान 1 जुलाई से शुरू हुआ है और NDMC का बागवानी विभाग इसकी निगरानी कर रहा है। इसका मकसद खाली और सूखे हिस्सों को भरना और PM10, PM2.5 और PM1 जैसे प्रदूषण को कम करना है।
4,000 लटकती फूलों की टोकरी – नारियल के खोल में
चहल ने बताया कि NDMC शहर की खूबसूरती बढ़ाने के लिए 4,000 फूलों की लटकती टोकरी लगाएगा, जो नारियल के जैविक खोल (खोपा) से बनी होंगी। यह पर्यावरण के अनुकूल पहल है, जिससे शहर की सुंदरता के साथ-साथ प्रदूषण भी कम होगा।
9 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STPs)
चहल ने बताया कि NDMC बापू धाम, नेहरू पार्क, अकबर रोड, AIIMS जैसे इलाकों में 9 नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाएगा, ताकि शहर में साफ-सफाई और गंदे पानी के प्रबंधन को और बेहतर किया जा सके।
स्मार्ट और स्थायी सिंचाई
उन्होंने कहा, “सिर्फ पौधे लगाना ही काफी नहीं है, उनकी देखभाल भी जरूरी है।” NDMC अब ऐसे सिस्टम इस्तेमाल कर रहा है जिससे पौधों को जरूरत के हिसाब से ही पानी दिया जाएगा, ताकि पानी की बर्बादी न हो और पौधों की अच्छी ग्रोथ हो सके।
छतों पर बागवानी और जैविक खेती को बढ़ावा
NDMC जल्द ही रूफटॉप गार्डनिंग और ऑर्गेनिक गार्डनिंग को बढ़ावा देने के लिए एक अभियान शुरू करेगा, ताकि लोग अपने घरों की छतों से ही दिल्ली को और हरा-भरा बना सकें।
NDMC देश की सबसे हरी-भरी शहरी संस्था
चहल ने खुशी जताई कि NDMC देश की सबसे हरी-भरी शहरी निकाय है। उन्होंने बताया कि NDMC दिल्ली के केवल 3% क्षेत्र में फैली है, लेकिन पूरे शहर की 55% हरियाली अकेले NDMC संभालता है। यह NDMC की पर्यावरण के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दिखाता है।
वृक्षारोपण के लक्ष्य
NDMC ने वर्ष 2025 के लिए 3000 पेड़, 35 लाख झाड़ियां और 3,946 बांस लगाने का लक्ष्य रखा है। यह अभियान 1 अप्रैल 2025 से शुरू हो चुका है और अब तक 89 जगहों पर पौधे लगाए जा चुके हैं।
प्रमुख सड़कों में शामिल हैं – शंकर रोड, हेली रोड, बाराखंबा रोड, फिरोज शाह रोड, जनपथ, संसद मार्ग, केजी मार्ग, तिलक मार्ग, अकबर रोड, पंचशील मार्ग आदि।
पेड़ों में लगाए जा रहे हैं – अर्जुन, पीपल, चंपा, जामुन, इमली, नीम, अमलतास, अशोक, खिरनी, सिल्वर ओक, हरसिंगार और गुलमोहर।
झाड़ियों में शामिल हैं – मुरेया, हेमीलिया, करोंदा, बोगनवेलिया, कैलियान्द्रा, जस्टिशिया, कैना आदि।
अब तक 204 पेड़ और 18,280 झाड़ियां लगाई जा चुकी हैं।
बांस वृक्षारोपण
चहल ने बताया कि अकबर रोड, सुब्रमणियम भारती मार्ग, कृष्णा मेनन मार्ग और मंदिर मार्ग पर 3,946 बांस लगाए जाएंगे। इनकी दो किस्में होंगी – गोल्डन और बुद्धा वैली। इन्हें दीवारों के पास लगाया जाएगा ताकि हरियाली बनी रहे और पर्यावरण को लाभ मिले।
हरियाली तीज पर विशेष अभियान
27 जुलाई को हरियाली तीज के मौके पर NDMC एक दिन में 240 पेड़ और 36,200 झाड़ियां लगाएगा। यह अभियान 20 प्रमुख जगहों पर चलाया जाएगा।
ट्री एम्बुलेंस और पेड़ सुरक्षा टीम
NDMC ने बीमार और टूटे पेड़ों की देखभाल के लिए ट्री एम्बुलेंस और प्लांट प्रोटेक्शन सेल शुरू किया है। इसमें एक सुपरवाइज़र और चार कर्मचारी लगाए गए हैं, जो पेड़ की कटिंग, कीट-नाशक और मिट्टी की देखभाल करते हैं।
सभी की भागीदारी
चहल ने बताया कि इस अभियान में माननीय केंद्रीय मंत्री, VVIP, विदेशी दूतावास, RWA, MTA, बार एसोसिएशन, अस्पताल, प्राइवेट संस्थान, सरकारी और निजी स्कूलों की भागीदारी होगी। NDMC इसके लिए एक पूरा कैलेंडर तैयार कर रहा है, ताकि सभी समय से भाग ले सकें।
NDMC की हरियाली का रिकॉर्ड
NDMC आज 1,150 एकड़ हरित क्षेत्र को संभालता है जिसमें शामिल हैं – 6 बड़े पार्क, 122 कॉलोनी पार्क, 6 नर्सरी, 981 CPWD पार्क, 52 स्कूल ग्रीन्स, 14 बाजार उद्यान, 51 राउंडअबाउट और लगभग 15,000 पेड़।
NDMC का यह प्रयास विकसित भारत @2047 मिशन का हिस्सा
अंत में चहल ने कहा कि NDMC का यह बड़ा वृक्षारोपण अभियान प्रधानमंत्री के “एक पेड़ मां के नाम” अभियान और विकसित भारत @2047 के सपने का हिस्सा है, जिसमें हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है।
