जयशंकर अमेरिका में बोले- आतंकवाद के खिलाफ एक्शन का हक

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वाशिंगटन  । 2 जुलाई 25 । विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिका में कहा- भारत को अपने लोगों की सुरक्षा के लिए आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है। भारत इस अधिकार का इस्तेमाल करता रहेगा। वे वॉशिंगटन डीसी में मंगलवार को क्वाड (QUAD) विदेश मंत्रियों की बैठक से पहले मीडिया से बात कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद के पीड़ित और आतंक फैलाने वालों को कभी एक जैसा नहीं देखा जाना चाहिए। दुनिया को आतंकवाद के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनानी चाहिए।

इससे पहले जयशंकर ने मंगलवार को ही अमेरिकी मैगजीन न्यूजवीक के CEO देव प्रसाद के साथ इंटरव्यू में कहा था- भारत-पाकिस्तान सीजफायर में अमेरिका के साथ व्यापार का कोई संबंध नहीं है।

मोदी-वेंस की बातचीत के वक्त वहीं था

इंटरव्यू में जयशंकर ने कहा- 9 मई की रात अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पीएम मोदी से बात की थी। मैं भी उस दौरान उसी कमरे में था। वेंस ने चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान भारत पर बड़े हमले की योजना बना रहा है। पीएम मोदी ने इसकी परवाह न करते हुए कहा था- हमले का जवाब दिया जाएगा।

विदेश मंत्री ने कहा- अगली सुबह (10 मई) अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पीएम से संपर्क किया। कहा- पाकिस्तान बातचीत के लिए तैयार है। इसके बाद पाकिस्तान के DGMO मेजर जनरल काशिफ अब्दुल्ला ने भारत के DGMO लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई से संपर्क किया और सीजफायर की रिक्वेस्ट की थी।

दरअसल, 10 मई को भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर की सबसे पहली सूचना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने X पोस्ट के जरिए दी थी। ट्रम्प ने कई मौके पर कहा है कि भारत-पाकिस्तान को व्यापार न करने की धमकी दी थी, इसके बाद दोनों देश सीजफायर के लिए माने।

जयशंकर ने कहा- घटनाक्रम उस तरह से नहीं हुआ था। कूटनीति और व्यापार संबंधी चर्चा पूरी तरह से अलग है। मुझे लगता है कि व्यापार से जुड़े लोग वही कर रहे हैं जो उन्हें करना चाहिए, जैसे- नंबर, लाइनों, प्रोडक्ट्स और व्यापार समझौता। वे सभी इसके प्रोफेशनल हैं और फोकस्ड हैं।

जयशंकर बोले- पहलगाम अटैक सोचा समझा आर्थिक युद्ध था

चर्चा के दौरान जयशंकर ने कहा कि 22 अप्रैल को कश्मीर के पहलगाम में हुआ आतंकी हमला सोचा समझा आर्थिक युद्ध था। इसका मकसद कश्मीर में पर्यटन उद्योग को बर्बाद करना था। यह हमला पर्यटन पर हमला था, जो कश्मीर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है।

आतंकी चाहते थे कि लोग डरें, पर्यटक न आएं और घाटी का आर्थिक ढांचा टूट जाए। हमलावरों ने धार्मिक पहचान के आधार पर लोगों को अलग किया और फिर हत्या की, ताकि सांप्रदायिक तनाव फैल सके।

जयशंकर बोले- भारत अब न्यूक्लियर हथियारों की धमकी से डरने वाला नहीं

जयशंकर ने कहा कि पाकिस्तान से आने वाले आतंकवाद का भारत करारा जवाब देगा। उन्होंने कहा कि भारत अब न्यूक्लियर हथियारों की धमकी से डरने वाला नहीं हैं।

जयशंकर ने कहा- अब यह डर दिखाने का वक्त चला गया है कि दोनों देश परमाणु ताकतें हैं इसलिए भारत को संयम बरतना चाहिए। अगर पाकिस्तान हमला करेगा तो हम भी जवाब देंगे और सीधा उन पर जो हमला करते हैं। न आतंकियों को छूट मिलेगी, न उनके आका सुरक्षित रहेंगे।

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